Guru Ravidas Jayanti 2026: Guru Ravidas Jayanti की धूम, जानें क्यों है संत रविदास की जन्मस्थली इतनी खास

आज यानी की 01 फरवरी को गुरु रविदास जयंती मनाई जा रही है। वह 15वीं शताब्दी के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज में फैली तमाम बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया था।
आज यानी की 01 फरवरी को गुरु रविदास जयंती मनाई जा रही है। वह 15वीं शताब्दी के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज में फैली तमाम बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया था। संत गुरु रविदास लोगों की सहायता करने में सबसे आगे थे। उनका मानना था कि ईश्वर के बनाए हर व्यक्ति फिर चाहे वह गरीब हो या अमीर सब एक समान हैं। बता दें कि इस बार यह गुरु रविदास की 649वीं जयंती है।
रविदास जयंती
संत रविदास जयंती माघ माह की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक 01 फरवरी 2026 की सुबह 05:52 मिनट से पूर्णिमा तिथि की शुरूआत होगी। वहीं अगले दिन यानी की 02 फरवरी को सुबह 03:38 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में 01 फरवरी 2026 को गुरु रविदास जयंती मनाई जा रही है।
जन्म
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में संत गुरु रविदास का जन्म हुआ था। उनका जन्म संवत 1337 ई. को माघ मास की पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए वाराणसी में गुरु रविदास जयंती को बेहद भव्य तरीके से मनाया जाता है। इसी वजह से हर साल माघ माह की पूर्णिमा को गुरु रविदास जयंती मनाने की परंपरा चली आ रही है।
महत्व
वाराणसी में गुरु रविदास जयंती का खास महत्व है। इस पर्व को बेहद भव्य तरीके से मनाया जाता है। इस दिन गुरु रविदास जी की तस्वीरों के साथ शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं। मंदिरों में आरती होती हैं और उनके भजन और पदों को गाया जाता है। गुरु रविदास जयंती का दिन एकता, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
अन्य न्यूज़












