Devendra Fadnavis बोले: Maharashtra में सक्रिय इकाइयां शीर्ष पर, 76% बंद कंपनियां निष्क्रिय थीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में 36,000 से अधिक निजी कंपनियों के बंद होने के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि बंद घोषित की गई 76 प्रतिशत इकाइयां निष्क्रिय थीं, जिनका कामकाज वास्तव में कभी शुरू ही नहीं हुआ था। फडणवीस के अनुसार, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश में सक्रिय कंपनियों की संख्या में राज्य अब भी पहले स्थान पर है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में 36,000 से अधिक कंपनियों के बंद होने के मुद्दे पर राज्य सरकार का बचाव किया। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि राज्य में बंद हुई कंपनियों में 76 प्रतिशत कंपनियां निष्क्रिय थीं, जिसका अर्थ है कि वे कभी काम करना शुरू ही नहीं कर पाई थीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि देश में सक्रिय कंपनियों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र शीर्ष पर बना हुआ है।
इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान 36,211 निजी कंपनियों के बंद होने पर चिंता जताई थी। इस बीच, खबर आई थी कि पुणे के चाकण औद्योगिक क्षेत्र की 20 कंपनियों ने यातायात जाम, प्रदूषण, पानी, बिजली तथा खराब सड़कों की समस्याओं के कारण कहीं और जाने का फैसला किया है। विपक्ष ने 10 अगस्त को लोकसभा में पेश कंपनियों के बंद होने से संबंधित आंकड़ों के लिए सरकार के अत्यधिक हस्तक्षेप, व्यापक भ्रष्टाचार और कारोबार के लगातार बिगड़ते माहौल को जिम्मेदार ठहराया है।
फडणवीस ने एक बयान में कहा कि संसद में दिए गए आंकड़ों को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए और इससे संबंधित विस्तृत जानकारी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। फडणवीस ने कहा, जो कंपनियां बंद हुई हैं, उनमें से 76 प्रतिशत कंपनियां निष्क्रिय हैं। निष्क्रिय का अर्थ है कि इन कंपनियों ने वास्तव में कभी कामकाज शुरू ही नहीं किया।
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