DLF का लक्जरी आवासों और किराये की आय से राजस्व बढ़ाने पर फोकस

रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने लक्जरी आवासों की अग्रिम बिक्री और वाणिज्यिक संपत्तियों के किराये से आमदनी बढ़ाने की रणनीति तैयार की है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अशोक त्यागी के अनुसार महामारी के बाद शुरू की गईं परियोजनाएं पूरी होने पर खातों में उल्लेखनीय राजस्व जुड़ेगा। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 4,457 करोड़ रुपये की संपत्तियां बेची हैं।
रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डीएलएफ लिमिटेड लक्जरी आवासों की मजबूत अग्रिम बिक्री, बेहतर लाभ मार्जिन और वाणिज्यिक संपत्तियों से किराये की आय बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अशोक त्यागी ने शनिवार को यह बात कही। त्यागी ने बाजार विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा कि कोरोना महामारी के बाद शुरू की गई आवासीय परियोजनाओं के अगले कुछ वर्षों में पूरा होने पर कंपनी का राजस्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कंपनी अपने खातों में उनसे होने वाली आय दर्ज कर सकेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कारोबार को आगे बढ़ाने वाले तीन प्रमुख कारक हैं- चुनिंदा आवासीय उत्पादों की मजबूत अग्रिम बिक्री, नकदी और लाभ मार्जिन में अच्छी वृद्धि तथा किराये से होने वाली आय के कारोबार में वृद्धि।’’ त्यागी ने भरोसा जताया कि कंपनी इन तीनों प्रमुख कारकों के आधार पर वृद्धि हासिल करने में सफल रहेगी। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 4,457 करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री की।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 20,000 करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग का लक्ष्य रखा है। डीएलएफ के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) बादल बागड़ी ने कहा कि कंपनी ने सितंबर तिमाही में एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन कंपनी की संपत्तियों की गुणवत्ता, योजनाबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने, ब्रांड की मजबूती और विकास परियोजनाओं तथा नियमित आय देने वाले कारोबार में पूंजी के विवेकपूर्ण आवंटन को दर्शाता है।
अन्य न्यूज़













