Zomato की मूल कंपनी Eternal का Net Profit 92 प्रतिशत बढ़कर 125 करोड़ रुपये पहुंचा

Zomato
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ANI
Ankit Jaiswal । Oct 21 2026 6:49PM

जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी इटरनल लिमिटेड का शुद्ध मुनाफा सितंबर तिमाही में 92% बढ़कर 125 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की ऑपरेटिंग आय भी 78% बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये दर्ज की गई। हालांकि, कुल खर्च बढ़ने की वजह से नतीजों के बाद कंपनी के शेयर 3.5% गिरकर 308.8 रुपये पर बंद हुए।

ऑनलाइन खाना मंगाने और क्विक डिलीवरी कंपनी इटरनल लिमिटेड ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी इटरनल के मुनाफे में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 92% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, कंपनी का मुनाफा बाजार के कुछ जानकारों के अनुमान से काफी कम रहा। नतीजे सामने आने के बाद 21 अक्टूबर को कंपनी के शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए हैं।

इटरनल लिमिटेड ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में 125 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 65 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इस तरह कंपनी का मुनाफा लगभग दोगुना हो गया है। हालांकि, सीएनबीसी-टीवी18 के अनुमान के मुताबिक, कंपनी का शुद्ध मुनाफा 250 करोड़ रुपये रह सकता था। इससे वास्तविक नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं।

गौरतलब है कि कंपनी ने पिछली तिमाही यानी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 92 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। इस लिहाज से भी सितंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में सुधार हुआ है। वहीं, 21 अक्टूबर को इटरनल के शेयर 3.5% की गिरावट के साथ 308.8 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।

कंपनी के कामकाज से होने वाली आय में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। सितंबर तिमाही में इटरनल की ऑपरेटिंग आय 78% बढ़कर 24,138 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 13,590 करोड़ रुपये थी। पिछली तिमाही में कंपनी की ऑपरेटिंग आय 20,211 करोड़ रुपये रही थी।

हालांकि, कंपनी ने साफ किया कि समान आधार पर उसकी आय में सालाना 58% की बढ़ोतरी हुई है। इसमें ब्लिंकिट के कारोबार में पिछले साल किए गए बदलाव को ध्यान में रखा गया है। बता दें कि ब्लिंकिट ने अपने कारोबारी मॉडल में बदलाव करते हुए सामान का मालिकाना हक खुद रखने की व्यवस्था अपनाई थी। इस बदलाव का असर कंपनी की आय के आंकड़ों पर पड़ा है।

इटरनल के कामकाज से जुड़े खर्च भी बढ़े हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 75% बढ़कर 24,166 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 13,813 करोड़ रुपये था, जबकि पिछली तिमाही में कुल खर्च 20,314 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। कंपनी के खर्च में बढ़ोतरी के बावजूद उसके कामकाजी प्रदर्शन में सुधार हुआ है।

कंपनी का ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले समायोजित लाभ यानी ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 197% बढ़कर 666 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा कंपनी के रोजमर्रा के कारोबार से होने वाली कमाई की स्थिति को समझने में मदद करता है।

इटरनल के दूसरे कारोबारों, जिनमें बिस्ट्रो और नगेट शामिल हैं, की समायोजित आय (AGI) भी पिछली तिमाही के 95 करोड़ रुपये से बढ़कर 132 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, इस कारोबार से जुड़े समायोजित ईबीआईटीडीए का घाटा पहली तिमाही के 94 करोड़ रुपये से घटकर 91 करोड़ रुपये रह गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, इटरनल ने मार्च 2025 में जोमैटो से अपना नाम बदलकर इटरनल किया था। कंपनी के कारोबार में ऑनलाइन फूड डिलीवरी के साथ ब्लिंकिट के जरिए कम समय में रोजमर्रा का सामान पहुंचाना भी शामिल है। आने वाले समय में कंपनी की आय, खर्च और मुनाफे के बीच संतुलन बनाए रखने की क्षमता निवेशकों के लिए अहम बनी हुई है।

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