Evergrande Crisis: एशिया के सबसे अमीर रहे Hui Ka Yan को China में उम्रकैद, 2 लाख करोड़ के कर्ज में डूबी कंपनी

चीनी अदालत द्वारा हुई का यान को आठ प्रमुख अपराधों में दोषी ठहराया जाना कॉर्पोरेट प्रशासन में भारी विफलताओं और ऋण-आधारित विकास मॉडल के जोखिमों को उजागर करता है। कंपनी पर लगे भारी जुर्माने और संस्थापक की संपत्ति की जब्ती यह स्पष्ट करती है कि चीन अब बड़े व्यापारिक समूहों की अनियंत्रित विस्तारवादी नीतियों पर सख्त कानूनी लगाम लगा रहा है। एवरग्रांडे का परिसमापन और विदेशों में जारी कानूनी लड़ाई अंतरराष्ट्रीय लेनदारों के लिए एक चुनौतीपूर्ण भविष्य की ओर इशारा करती है। हेंगदा रियल एस्टेट धोखाधड़ी और निवेश जोखिम इस विश्लेषण के मुख्य बिंदु हैं।
चीन की रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के संस्थापक हुई का यान को गुरुवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। चीन की एक अदालत ने उन्हें धन के गलत इस्तेमाल, धन जुटाने में धोखाधड़ी, लोगों से अवैध तरीके से जमा लेने, नियमों के खिलाफ कर्ज देने, प्रतिभूतियां जारी करने में धोखाधड़ी और रिश्वत समेत आठ मामलों में दोषी ठहराया है। हुई ने अप्रैल में इन आरोपों को स्वीकार किया था।
67 वर्षीय हुई का यान कभी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हुआ करते थे। लेकिन जिस एवरग्रांडे को उन्होंने 1996 में खड़ा किया था, वही कंपनी कुछ वर्षों बाद चीन के सबसे बड़े कारोबारी संकटों में से एक का चेहरा बन गई। मौजूद जानकारी के अनुसार, एवरग्रांडे पर करीब 300 अरब डॉलर की देनदारियां हैं और कंपनी अपनी बड़ी संख्या में देनदारियां चुकाने में नाकाम रही है।
गौरतलब है कि एवरग्रांडे ने चीन में तेजी से बढ़ते संपत्ति बाजार के दौर में भारी कर्ज लेकर कारोबार फैलाया। कंपनी ने बड़े पैमाने पर आवासीय परियोजनाएं शुरू कीं और कुछ समय के लिए बिक्री के मामले में चीन की सबसे बड़ी संपत्ति कंपनी बन गई। वर्ष 2017 में हुई का यान की संपत्ति करीब 45.3 अरब डॉलर आंकी गई थी और वह एशिया के सबसे अमीर कारोबारी थे।
लेकिन बढ़ते कर्ज और नकदी की कमी ने कंपनी की मुश्किलें बढ़ा दीं। एवरग्रांडे भुगतान करने में चूक गई और उसके बाद चीन के संपत्ति बाजार पर भी दबाव बढ़ता गया। कंपनी के संकट का असर सिर्फ बड़े निवेशकों तक सीमित नहीं रहा। आम लोगों ने भी एवरग्रांडे की संपत्ति योजनाओं और धन प्रबंधन योजनाओं में पैसा लगाया था। भुगतान रुकने के बाद कई लोगों की जमा पूंजी फंस गई और विरोध प्रदर्शन तक हुए।
गुरुवार को अदालत ने एवरग्रांडे पर 8.82 अरब युआन और उसकी प्रमुख इकाई हेंगदा रियल एस्टेट पर 7 अरब युआन का जुर्माना लगाया है। कंपनी से जुड़े पांच अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी छह से 18 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सरकारी प्रसारक के मुताबिक, हुई का यान के अलावा एवरग्रांडे से जुड़े कुल 56 लोगों को गुरुवार को अलग-अलग सजा सुनाई गई है।
अदालत ने हुई की पूरी निजी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि एवरग्रांडे, हेंगदा और हुई का यान के अपराधों में बहुत बड़ी रकम शामिल थी, आर्थिक नुकसान गंभीर था और समाज पर भी इसका बड़ा असर पड़ा।
बता दें कि हुई का यान को 2023 में चीनी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था और उसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। अदालत की ओर से जारी तस्वीरों में वह सफेद बालों के साथ गहरे नीले रंग की कमीज पहने दो अधिकारियों के बीच खड़े दिखाई दिए।
एवरग्रांडे को 2024 में हांगकांग की अदालत ने परिसमापन का आदेश दिया था। इसके बाद कंपनी के शेयरों को हांगकांग शेयर बाजार से भी हटा दिया गया। कंपनी की संपत्तियां बेचकर लेनदारों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया अभी तक काफी धीमी रही है। पिछले अगस्त तक करीब 25.5 करोड़ डॉलर की संपत्तियां ही बेची जा सकी थीं, जबकि लेनदारों के दावे करीब 45 अरब डॉलर के थे।
एवरग्रांडे के बाहर के देशों में मौजूद संपत्तियों को लेकर भी कानूनी लड़ाई चल रही है। परिसमापक हुई का यान और उनकी पूर्व पत्नी की विदेशों में मौजूद संपत्तियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मकसद संस्थापक और कंपनी के पूर्व अधिकारियों को दिए गए करीब 6 अरब डॉलर के लाभांश और भुगतान में से कुछ रकम वापस हासिल करना है।
गौरतलब है कि 2024 में चीन के प्रतिभूति नियामक ने भी हुई का यान पर करीब 6.6 करोड़ युआन का जुर्माना लगाया था और उन्हें जीवनभर के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था। नियामक ने एवरग्रांडे की प्रमुख इकाई पर आय बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और प्रतिभूति धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए थे। एवरग्रांडे का पतन अब चीन के उस संपत्ति संकट का बड़ा उदाहरण बन चुका है, जिसने देश की आर्थिक वृद्धि, घर खरीदारों और वित्तीय बाजारों पर लंबे समय तक दबाव बनाया है और जिसके असर से चीन अभी भी पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है।
अन्य न्यूज़













