Indian Tourism में विदेशी निवेश की बहार, आईएचजी अगले 5 साल में खोलेगी 400 नए Hotels

आईएचजी के सीईओ एलि मालौफ ने भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को एक विशाल अवसर बताते हुए अगले पांच वर्षों में 400 होटलों के विस्तार का लक्ष्य घोषित किया है। कंपनी का मानना है कि बढ़ते मध्यम वर्ग, सुगम यात्रा और गुणवत्ता वाले होटलों की मांग-आपूर्ति में अंतर के कारण भारत उसके लिए एक प्रमुख वैश्विक बाज़ार बनने की राह पर है।
भारत का होटल और पर्यटन बाज़ार अब केवल घरेलू खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा है। अंतरराष्ट्रीय होटल चेन भी भारत को भविष्य के सबसे बड़े अवसरों में से एक के रूप में देखने लगी हैं। इसी कड़ी में दुनिया की प्रमुख होटल कंपनियों में शामिल आईएचजी ने भारत में अपने विस्तार को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाने के संकेत दिए हैं।
बता दें कि फिलहाल आईएचजी भारत में लगभग 50 होटल संचालित कर रही है, लेकिन कंपनी का इरादा अगले पांच वर्षों में इस संख्या को कई गुना बढ़ाने का है। मौजूद जानकारी के अनुसार, IHG ने मध्यम अवधि के लिए 400 होटलों का लक्ष्य तय किया है, जिनमें चालू और निर्माणाधीन दोनों तरह की प्रॉपर्टीज शामिल होंगी। इतना ही नहीं, लंबी अवधि में कंपनी भारत में 1,000 होटल तक पहुंचने की महत्वाकांक्षा भी रखती है।
आईएचजी के सीईओ एली मालौफ ने हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की संभावनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा कि आज के समय में भारत में अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड होटल कमरों की संख्या, अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहैटन इलाके से भी कम है। उनके मुताबिक, यह आंकड़ा अपने आप में भारत में मौजूद अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
गौरतलब है कि आईएचजी पिछले करीब 50 वर्षों से भारत में मौजूद है, लेकिन कंपनी का मानना है कि बीते एक दशक में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। एलि मालूफ के अनुसार, देश में सड़कों, रेलवे और हवाई अड्डों पर जिस तरह से निवेश बढ़ा है, उसने यात्रा को कहीं अधिक आसान और सुलभ बना दिया है। इसके साथ ही भारत की जीडीपी ग्रोथ, जो पहले कम सिंगल डिजिट में रहती थी, अब 6 से 8 प्रतिशत के दायरे में पहुंच चुकी है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बिज़नेस से जुड़े नियमों में ढील, एयर ट्रैवल का तेज़ी से विस्तार और बढ़ता मध्यम वर्ग ये सभी ऐसे कारक हैं, जिन्होंने यात्रा की मांग को तेज़ी से बढ़ाया है। हालांकि, आईएचजी का मानना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले होटलों की आपूर्ति अभी भी इस मांग के अनुरूप नहीं हो पाई है। यही वजह है कि कंपनी भारत को अपने विस्तार के लिए एक अहम बाज़ार के रूप में देख रही है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो आईएचजी के करीब 80 होटल भारत में निर्माण या विकास के विभिन्न चरणों में हैं। इस तरह कुल मिलाकर कंपनी के पास लगभग 130 होटल ऐसे हैं, जो या तो चालू हैं या जल्द शुरू होने वाले हैं। कंपनी का मानना है कि यह गति अगले पांच वर्षों में 400 होटलों के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए पर्याप्त आधार तैयार करती है।
एलि मालूफ ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत, आईएचजी के लिए दुनिया के शीर्ष तीन बाज़ारों में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ अरब की आबादी वाला भारत और आने वाले 15 वर्षों में 40 करोड़ से अधिक लोगों का मध्यम वर्ग में शामिल होना, इस बाज़ार को बेहद आकर्षक बनाता है। बिज़नेस ट्रैवल, अवकाश पर्यटन, धार्मिक यात्राएं और शादियों से जुड़ा पर्यटन ये सभी सेगमेंट भारत में तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि आईएचजी अपने चीन के अनुभव को भारत के लिए एक उदाहरण के रूप में देख रही है। कंपनी चीन में 2027 की शुरुआत तक 1,000 होटलों का आंकड़ा छूने की तैयारी में है, जबकि चीन की आबादी भारत की तुलना में कहीं कम है। ऐसे में आईएचजी का मानना है कि युवा आबादी और बुनियादी ढांचे में हो रहे निवेश को देखते हुए भारत में भी लंबे समय में 1,000 होटलों का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
पिछले तीन वर्षों में भारत में होटल साइनिंग के मामले में रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं, जो इस सेक्टर को लेकर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। आईएचजी का यह आक्रामक रुख दरअसल पूरे भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को लेकर वैश्विक कंपनियों की सकारात्मक सोच को भी प्रतिबिंबित करता है।
एलि मालूफ के शब्दों में, भारत आईएचजी के अन्य बाज़ारों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें पूरक बना रहा है। कंपनी का मानना है कि वह एक साथ उत्तरी अमेरिका, यूरोप, चीन और भारत में विस्तार कर सकती है। इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो भारत, आईएचजी की वैश्विक रणनीति में एक केंद्रीय भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है, जहां आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश और विस्तार देखने को मिल सकता है।
अन्य न्यूज़












