एफपीआई ने नंवबर में भारतीय बाजारों में 49,553 करोड़ रुपये डाले

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 22, 2020   12:16
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एफपीआई ने नंवबर में भारतीय बाजारों में 49,553 करोड़ रुपये डाले
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एफपीआई ने 3 से 20 नवंबर के दौरान शेयरों में शुद्ध रूप से 44,378 करोड़ रुपये तथा ऋण या बांड बाजार में 5,175 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस तरह का उनका कुल निवेश 49,553 करोड़ रुपये रहाहै। अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 22,033 करोड़ रुपये डाले थे।

नयी दिल्ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने में अब तक भारतीय बाजारों में 49,553 करोड़ रुपये डाले हैं। उच्च तरलता की स्थिति तथा अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों को लेकर असमंजस दूर होने के बाद वैश्विक संकेतक बेहतर हुए हैं, जिससे भारतीय बाजारों में एफपीआई का निवेश बढ़ा है। एफपीआई ने 3 से 20 नवंबर के दौरान शेयरों में शुद्ध रूप से 44,378 करोड़ रुपये तथा ऋण या बांड बाजार में 5,175 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस तरह का उनका कुल निवेश 49,553 करोड़ रुपये रहाहै। अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 22,033 करोड़ रुपये डाले थे। 

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ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि तरलता की स्थिति बेहतर रहने और वैश्विक संकेतकों में सुधार से एफपीआई का भारतीय बाजारों में निवेश बढ़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर असमंजस दूर होने के बाद एफपीआई निवेश बढ़ा रहे है। इसी तरह की राय जताते हुए कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष-प्रमुख बुनियादी शोध-पीसीजी रुस्मिक ओझा ने कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों के बाद एफपीआई का निवेश बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों को उम्मीद है कि निकट भविष्य में डॉलर और कमजोर होगा।







नितिन गडकरी को भरोसा, भारत को जल्द से जल्द मिलेगा कोविड-19 का टीका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2020   16:42
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नितिन गडकरी को भरोसा, भारत को जल्द से जल्द मिलेगा कोविड-19 का टीका
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एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने भरोसा जताते हुए कहा कि भारत को जल्द से जल्द कोविड-19 का टीका मिलेगा।गडकरी ने कहा कि दुनिया के ज्यादातर देश चीन के साथ काम करने के इच्छुक नहीं हैं। वे भारत के साथ काम करना चाहते हैं।

नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी को भरोसा है कि भारत को कोविड-19 का टीका ‘जितना जल्दी संभव है’ मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हम महामारी को नियंत्रित कर लेंगे और ‘आर्थिक युद्ध’ में जीत हासिल करेंगे। गडकरी ने कहा कि दुनिया के ज्यादातर देश चीन के साथ काम करने के इच्छुक नहीं हैं। वे भारत के साथ काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में देश के विनिर्माण क्षेत्र के पास अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने तथा देश से निर्यात को प्रोत्साहन देने का अवसर है।

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गडकरी ने सोमवार को डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के एक ‘ऑनलाइन’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हमें वैक्सीन जल्द से जल्द मिल जाएगी। शत प्रतिशत हम कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जीतेंगे और साथ ही आर्थिक युद्ध में भी विजय हासिल करेंगे।’’ उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा कंपनियों के लिए घोषित बिना गारंटी वाले तीन लाख करोड़ रुपये के स्वत: ऋण में से 1.48 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। मंत्री ने कहा, ‘‘हमने चीन से अपना आयात घटाया है। निर्यात भी बढ़ रहा है। अभी तक का रुख सकारात्मक है और मुझे इस क्षेत्र में अच्छे नतीजों की उम्मीद है। ’’ उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट के बावजूद सूक्ष्म, लघु एवं मझोला उपक्रम (एमएसएमई) क्षेत्र अच्छा काम कर रहा है। इस योजना के तहत एमएसमएई इकाइयां, कारोबारी उपक्रम, कारोबार के उद्देश्य से व्यक्तिगत ऋण और मुद्रा ऋण लेने वाले कर्ज ले सकते हैं। एमएसएमई क्षेत्र के लिए योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा, ‘‘हमने उनके लिए 93 योजनाएं मंजूर की हैं।

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करीब 100 योजनाएं पाइपलाइन में हैं। हम इन योजनाओं को भी जल्द लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि कच्चे तेल जैसे उत्पादों के आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गडकरी ने बताया कि एमएसएमई मंत्रालय शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों मसलन आईआईटी और एनआईआईटी के साथ मिलकर विशिष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग का मौजूदा वार्षिक कारोबार 80,000 करोड़ रुपये का है। इसे अगले दो साल में बढ़ाकर पांच लाख करोड़ रुपये करने की योजना है।







DBS Bank में लक्ष्मी विलास बैंक के विलय के बाद ग्राहकों को किया मिलेंगी सेवाएं?

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2020   14:25
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DBS Bank में लक्ष्मी विलास बैंक के विलय के बाद ग्राहकों को किया मिलेंगी सेवाएं?
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डीबीएस बैंक इंडिया ने बयान में कहा कि लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स लि. की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी डीबीएस बैंक इंडिया में विलय हो गया है। सरकार और रिजर्व बैंक ने बैंकिंग नियमन कानून, 1949 की धारा 45 में विशेष अधिकारों के तहत एलवीबी का डीबीएस बैंक इंडिया में विलय किया है।

नयी दिल्ली। डीबीएस बैंक इंडिया ने सोमवार को कहा कि लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) के ग्राहकों को सभी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध होंगी। संकट में फंसे लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस बैंक इंडिया में विलय कर दिया गया है। इसके साथ ही डीबीएस बैंक इंडिया ने कहा कि लक्ष्मी विलास बैंक के ग्राहकों के लिए फिलहाल बचत खाते और सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। डीबीएस बैंक इंडिया ने बयान में कहा कि लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स लि. की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी डीबीएस बैंक इंडिया में विलय हो गया है। सरकार और रिजर्व बैंक ने बैंकिंग नियमन कानून, 1949 की धारा 45 में विशेष अधिकारों के तहत एलवीबी का डीबीएस बैंक इंडिया में विलय किया है।

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यह विलय 27 नवंबर से प्रभावी हुआ है। इस विलय से लक्ष्मी विलास बैंक के जमाकर्ताओं, ग्राहकों और कर्मचारियों को अनिश्चितता के दौर के बाद राहत मिली है। लक्ष्मी विलास बैंक पर लगाई रोक भी 27 नवंबर से हट गई है। इसके साथ ही सभी शाखाओं, डिजिटल माध्यमों तथा एटीएम का परिचालन सामान्य हो गया है। डीबीएस बैंक इंडिया ने कहा, ‘‘लक्ष्मी विलास बैंक के ग्राहकों को सभी बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी। उन्हें अगले नोटिस तक बचत खातों और एफडी पर वहीं ब्याज मिलेगा, जो पूर्ववर्ती लक्ष्मी विलास बैंक द्वारा दिया जा रहा था।’’

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बयान में कहा गया है कि लक्ष्मी विलास बैंक के सभी कर्मचारी अब डीबीएस बैंक इंडिया के कर्मचारी होंगे। उनके लिए सेवा शर्तें वहीं रहेंगी, जो लक्ष्मी विलास बैंक में लागू थीं। सिंगापुर के डीबीएस समूह की भारतीय इकाई ने कहा है कि वह लक्ष्मी विलास बैंक की प्रणाली और नेटवर्क के डीबीएस के साथ एकीकरण के लिए एलवीबी के सहयोगियों के साथ काम कर रही है। यह एकीकरण अगले कुछ माह में पूरा हो जाएगा। डीबीएस बैंक इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुरजीत शोम ने कहा, ‘‘एलवीबी के विलय से उसके ग्राहकों और कर्मचारियों को स्थिरता मिलेगी। इससे हमारे ग्राहकों की संख्या भी बढ़ेगी। साथ ही उन शहरों में भी हमें पहुंच उपलब्ध होगी, जहां अभी हमारी मौजूदगी नहीं है।







IPO में निवेश करना होगा आसान! अब पेटीएम मनी करेगी आपकी मदद

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2020   14:20
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IPO में निवेश करना होगा आसान! अब पेटीएम मनी करेगी आपकी मदद
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पेटीएम मनी निवेशकों को आईपीओ में निवेश करने में मदद करेगी।इसके जरिये निवेशक आईपीओ के लिए आवेदन कर सकेंगे और तेजी से विस्तार करती कंपनियों की वृद्धि की कहानी का हिस्सा बन सकेंगे।

नयी दिल्ली। वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी पेटीएम की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी पेटीएम मनी अब निवेशकों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) में निवेश करने में मदद करेगी। पेटीएम ने सोमवार को बयान मे कहा कि इस कदम का मकसद खुदरा निवेशकों को संपत्ति के सृजन के अवसरों में मदद करना है। इसके जरिये निवेशक आईपीओ के लिए आवेदन कर सकेंगे और तेजी से विस्तार करती कंपनियों की वृद्धि की कहानी का हिस्सा बन सकेंगे। बयान में कहा गया है कि कंपनी ने खुदरा निवेशकों के लिए आईपीओ आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बना दिया है। आवेदकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए वह इसमें लगातार और खूबियां जोड़ेगी।

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कंपनी ने कहा कि पहले साल में उसका आईपीओ आवेदन के बाजार में 8 से 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य है। पेटीएम मनी निवेशकों को सभी नए आईपीओ के लिए उनके बैंक खातों से जुड़े यूपीआई आईडी के जरिये तत्काल आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इससे आवेदन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। कंपनी अपने मंच पर एक ‘इंटरफेस’ भी उपलब्ध कराएगी, जिसके जरिये आईपीओ आवेदन में बदलाव किया जा सकेगा, उसे रद्द किया जा सकेगा या नए सिरे से आवेदन किया जा सकेगा।

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पेटीएम मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वरुण श्रीधर ने कहा, ‘‘भारतीय स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र लगातार पूंजी बाजार में उतर रहा है। अब ज्यादा से ज्यादा कंपनियों सार्वजनिक सूचीबद्धता के जरिये निवेशकों से पैसा जुटाना चाहती हैं। इसके साथ ही निवेशक भी अब अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस वजह से कंपनी के समक्ष एक बड़ा अवसर है और वह नागरिकों तक इस प्रक्रिया की पहुंच को सुगम करना चाहेगी।