Global Tension और Crude Oil में उछाल से Share Market में भूचाल, Sensex 1400 अंक लुढ़का

वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स 1,400 अंक और निफ्टी 450 अंक लुढ़क गया। इस व्यापक गिरावट ने निवेशकों में डर पैदा कर दिया है, जो फिलहाल जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं।
आज के बाजार हालात पर नजर डालें तो भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई है। बता दें कि शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,400 अंकों से ज्यादा गिर गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 450 अंक टूटकर नीचे आ गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार यह गिरावट किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बाजार में व्यापक रूप से बिकवाली देखी गई। गौरतलब है कि बड़े, मझोले और छोटे सभी तरह के शेयर दबाव में नजर आए हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के संकेतों के बाद बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका की ओर से आने वाले समय में कड़े कदम उठाने की बात कही गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
इसके साथ ही बाजार में उतार-चढ़ाव का स्तर भी बढ़ गया है। बता दें कि बाजार की अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक भी ऊपर गया है, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार मझोले और छोटे शेयरों में गिरावट ज्यादा गहरी रही है। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक पहले जोखिम वाले हिस्सों से पैसा निकाल रहे हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
वैश्विक बाजारों का असर भी साफ तौर पर देखने को मिला है। गौरतलब है कि अमेरिका और एशिया के बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली है, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो मौजूदा गिरावट वैश्विक घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर है, जिससे निवेशकों में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया।
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