Himachal Pradesh में उद्योगों को मिलेगा एकमुश्त सहमति प्रमाणपत्र: CM Sukhvinder Singh Sukhu

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के सभी पंजीकृत उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एकमुश्त सहमति प्रमाणपत्र जारी करने की घोषणा की है। इस प्रमाणपत्र की वैधता उद्योगों की श्रेणी के अनुसार 5 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उद्योगों के लिए यह व्यवस्था लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के सभी पंजीकृत उद्योगों को अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एचपीएसपीसीबी की ओर से एकमुश्त सहमति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की श्रेणी के अनुसार इसकी वैधता पांच वर्ष से 25 वर्ष तक होगी। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीएसपीसीबी) की यह पहल राज्य में ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ की परिकल्पना को मजबूत करने, औद्योगिक विकास को गति देने और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के मकसद से की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत सभी उद्योगों को अब एचपीएसपीसीबी द्वारा एक बार में ही सहमति प्रमाणपत्र दिया जाएगा। राज्य में करीब 12,500 पंजीकृत उद्योग हैं, जिन्हें अब तक समय-समय पर बोर्ड से सहमति प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराना पड़ता था, उन्हें नयी व्यवस्था से बड़ी राहत मिलेगी।’’ उन्होंने कहा कि अब उद्यमियों को सहमति प्रमाणपत्र के लिए बार-बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही, सेवाओं के त्वरित निपटारे के लिए बोर्ड ने अपने अधीनस्थ कार्यालयों को भी अधिक अधिकार दिए हैं।
सुक्खू ने कहा कि उद्योगों की परिचालन क्षमता और प्रदूषण की संभावना के आधार पर उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर सहमति प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। प्रत्येक श्रेणी के लिए प्रमाणपत्र जारी करने की समय-सीमा भी तय की गई है और अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उद्योगों के लिए एकमुश्त सहमति प्रमाणपत्र व्यवस्था लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।
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