India AI Summit 2026 को झटका, Jensen Huang बाहर, अब Sam Altman-सुंदर पिचाई पर टिकीं निगाहें

Sam Altman
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Feb 15 2026 9:29PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में जेनसन हुआंग की कमी के बावजूद सैम ऑल्टमैन और सुंदर पिचाई की मौजूदगी वैश्विक AI नीति पर विमर्श को दिशा देगी। यह आयोजन भारत के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता में नवाचार और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने का एक रणनीतिक अवसर प्रस्तुत करता है।

नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी के बीच आयोजित होने जा रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि कार्यक्रम से पहले एक बड़ा बदलाव सामने आया है। Jensen Huang ने अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है। वह इस शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे, जबकि उन्हें इस आयोजन के सबसे प्रमुख वैश्विक चेहरों में से एक माना जा रहा था।

बता दें कि Nvidia के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेनसन हुआंग की उपस्थिति को लेकर तकनीकी जगत में काफी उत्साह था। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस समिट में लगभग 20 देशों के प्रमुख, 40 से अधिक मंत्री और 100 से ज्यादा भारतीय एवं वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

हालांकि हुआंग की अनुपस्थिति के बावजूद कई दिग्गज हस्तियां इसमें हिस्सा लेंगी। सैम ऑल्टमैन, जो OpenAI के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, सम्मेलन में भाग लेंगे। उनकी कंपनी द्वारा विकसित चैटजीपीटी ने वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी परिदृश्य को नई दिशा दी है। गौरतलब है कि ऑल्टमैन 2014 से 2019 तक वाई कॉम्बिनेटर के प्रमुख भी रहे।

इसी तरह सुंदर पिचाई भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने 24 अक्टूबर 2015 को Google के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके नेतृत्व में गूगल ने क्लाउड सेवाओं का विस्तार किया, पिक्सेल स्मार्टफोन श्रृंखला को मजबूत किया और एआई के क्षेत्र में जेमिनी जैसे उन्नत मॉडल पेश किए।

डिजिटल उद्योग के प्रमुख स्तंभों में से एक बिल गेट्स भी सम्मेलन में शामिल होंगे। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक के रूप में उन्होंने पर्सनल कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर उद्योग को नई पहचान दी। विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम से लेकर एक्सबॉक्स गेमिंग कंसोल तक, कंपनी ने वैश्विक तकनीकी परिदृश्य को प्रभावित किया है।

अन्य प्रमुख उद्योग नेताओं में क्रिस्टियानो अमोन, नटराजन चंद्रशेखरन और किरण मजूमदार-शॉ के शामिल होने की भी उम्मीद है।

गौरतलब है कि इस बार का समिट अब तक आयोजित चार वैश्विक एआई सम्मेलनों में सबसे बड़ा माना जा रहा है। 16 से 20 फरवरी तक 700 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ जैसे तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित होंगे। चर्चा के विषयों में रोजगार, कौशल विकास, आर्थिक और सामाजिक प्रगति के साथ-साथ ऊर्जा दक्ष और सतत एआई तकनीक शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करने के साथ प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ गोलमेज बैठक भी करेंगे। इसे भारत की एआई नीति, नवाचार और वैश्विक सहयोग को रेखांकित करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

मौजूद आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 2.5 लाख पंजीकरण हो चुके हैं। सम्मेलन में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है, लेकिन प्रतिभागियों को पंजीकरण के बाद डिजीयात्रा एप और क्यूआर कोड के माध्यम से प्रवेश मिलेगा।

कुल मिलाकर, जेनसन हुआंग की अनुपस्थिति के बावजूद यह सम्मेलन वैश्विक तकनीकी सहयोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विमर्श का मंच बनने जा रहा है, जिसमें भारत की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं।

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