Team India का सपना, एक पारी से स्टार बने Vaibhav Sooryavanshi ने Cricket Career के लिए छोड़ी Board Exam

क्रिकेट में कई कीर्तिमान बना चुके युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी ने करियर पर फोकस करने के लिए अपनी पढ़ाई को फिलहाल रोक दिया है और बोर्ड परीक्षा नहीं देंगे। उनके इस फैसले के पीछे अंडर-19 विश्व कप में उनका शानदार प्रदर्शन है, लेकिन बीसीसीआई और आईसीसी के नियम उनके भविष्य की राह को प्रभावित करेंगे।
क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी। कम उम्र में बड़े रिकॉर्ड बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा नहीं देने का फैसला किया है।
बता दें कि वैभव सूर्यवंशी बिहार के ताजपुर के रहने वाले हैं और मोडेस्टी स्कूल, ताजपुर में पढ़ाई करते हैं। उनके परीक्षा फॉर्म भरे जा चुके थे, प्रवेश पत्र भी जारी हो चुका था और परीक्षा केंद्र तय हो गया था। हालांकि, मौजूद जानकारी के अनुसार उनके व्यस्त क्रिकेट कार्यक्रम को देखते हुए स्कूल प्रशासन और उनके पिता संजीव सूर्यवंशी के बीच बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया कि वे इस साल परीक्षा में शामिल नहीं होंगे।
गौरतलब है कि अंडर-19 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की तूफानी पारी और पूरे टूर्नामेंट में 30 छक्के जड़कर उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। इसके अलावा वे लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में भी उन्होंने कम उम्र में शतक जड़कर नए कीर्तिमान स्थापित किए।
लगातार प्रशिक्षण शिविरों, टूर्नामेंट और यात्रा के कारण वे लंबे समय तक स्कूल और घर से दूर रहे, जिससे परीक्षा की तैयारी प्रभावित हुई। ऐसे में परिवार ने फिलहाल क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने को प्राथमिकता दी।
हालांकि उनकी प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नियमों के अनुसार सीनियर अंतरराष्ट्रीय टीम में खेलने के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष होना जरूरी है। इसके चलते वे फिलहाल भारत की सीनियर टीम के लिए चयनित नहीं हो सकते। वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के ‘वन टूर्नामेंट’ नियम के कारण वे भविष्य में अंडर-19 विश्व कप में दोबारा हिस्सा भी नहीं ले पाएंगे।
फिलहाल सूर्यवंशी का सफर घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट तक सीमित है, लेकिन 2026 में 15 वर्ष पूरे होने के बाद उनके सीनियर भारतीय टीम में पदार्पण को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं।
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