AIDA: देश में Ethanol की कुल आपूर्ति 987 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज स्रोतों की 71% हिस्सेदारी

ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन के अनुसार चालू आपूर्ति वर्ष में सितंबर अंत तक तेल कंपनियों को 987 करोड़ लीटर एथनॉल उपलब्ध कराया गया। इस कुल मात्रा में 705 करोड़ लीटर आपूर्ति अनाज आधारित कच्चे माल से हुई, जिसमें मक्के का योगदान सबसे अधिक 413 करोड़ लीटर रहा। चीनी और गन्ने के शीरे से जुड़े स्रोतों से भी 282 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति पूरी की गई है।
। चालू आपूर्ति वर्ष में सितंबर के अंत तक भारत में एथनॉल की कुल आपूर्ति 987 करोड़ लीटर के स्तर पर पहुंच गई। इसमें अनाज आधारित कच्चे माल की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत से अधिक रही।
ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (एआईडीए) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एआईडीए के बयान के अनुसार, एथनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 (नवंबर-अक्टूबर) में पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (ओएमसी) को कुल 1,197 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का आवंटन किया गया था। इसके मुकाबले सितंबर के अंत तक 987 करोड़ लीटर की आपूर्ति हुई, जो कुल आवंटन का 82.5 प्रतिशत हिस्सा है।
अनाज आधारित कच्चे माल से 705 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई। यह कुल आपूर्ति का 71.4 प्रतिशत भाग है। इस श्रेणी के लिए 908 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था, जिसके मुकाबले आपूर्ति 77.6 प्रतिशत रही।
अनाज आधारित स्रोतों में मक्का का योगदान सबसे ज्यादा रहा। इससे 413 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई, जो कुल आपूर्ति का 41 प्रतिशत से अधिक है। मक्के से एथनॉल आपूर्ति के लिए 614 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अधिशेष चावल से 233 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 222 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई। वहीं, खराब खाद्यान्नों से 60 करोड़ लीटर के निर्धारित आवंटन के मुकाबले 70 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई। चीनी आधारित कच्चे माल से 282 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई।
इस श्रेणी के लिए 289 करोड़ लीटर का आवंटन किया गया था। इस तरह आपूर्ति का लक्ष्य 97.6 प्रतिशत पूरा हो गया। गन्ने के शीरे से 166 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 151 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति हुई।
बी-हेवी शीरे से 111 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 115 करोड़ लीटर और सी-हेवी शीरे से 12 करोड़ लीटर के आवंटन के मुकाबले 16 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई। एआईडीए की उपमहानिदेशक भारती बालाजी ने कहा कि दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के कच्चे माल पर आधारित एक मजबूत आपूर्ति नेटवर्क तैयार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निवेश को बनाए रखने और कृषि मूल्य श्रृंखला को समर्थन देने के लिए नीतिगत निरंतरता तथा एथनॉल के इस्तेमाल के व्यापक अवसर जरूरी हैं।
अन्य न्यूज़













