कोटक सिक्योरिटीज ने किया 'रेफर ऐंड अर्न' कार्यक्रम का शुभारंभ

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Mar 7 2019 2:46PM
कोटक सिक्योरिटीज ने किया 'रेफर ऐंड अर्न' कार्यक्रम का शुभारंभ
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इसके बाद जब भी ऐसा रेफर्ड व्यक्ति उस खाते में लेन-देन करेगा तो उससे उत्पन्न ब्रोकरेज का 15% मूल्य संदर्भ देने वाले ग्राहक को ''रेफरल प्वाइंट'' के रूप में दिया जायेगा, जो आजीवन होगा।

मुंबई। कोटक सिक्योरिटीज ने भारतीय शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाने और नये भागीदारों के लिए संपदा सृजन के अवसर बनाने के लिए 'रेफर ऐंड अर्न' नाम से एक नये कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह अपनी तरह का पहला प्रयास है। इसमें कंपनी अपने मौजूदा उपभोक्ताओं पर ध्यान केंद्रित करेगी और प्रत्येक ग्राहक द्वारा जिन लोगों का रेफरेंस दिया जायेगा, उनसे जीवन भर उत्पन्न ब्रोकरेज के 15% तक का मूल्य उन्हें प्रोत्साहन के रूप में दिया जायेगा। कोटक सिक्योरिटीज का कोई भी मौजूदा ग्राहक डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए अपने किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या परिचित का रेफरेंस दे सकता है। इसके बाद जब भी ऐसा रेफर्ड व्यक्ति उस खाते में लेन-देन करेगा तो उससे उत्पन्न ब्रोकरेज का 15% मूल्य संदर्भ देने वाले ग्राहक को 'रेफरल प्वाइंट' के रूप में दिया जायेगा, जो आजीवन होगा।

रेफर्ड व्यक्ति द्वारा किसी महीने में जितने ब्रोकरेज का भुगतान होगा, उसके आधार पर अगले महीने की 25 तारीख तक रेफरर के खाते में रेफरल प्वाइंट डाल दिये जायेंगे। रेफरर इन अंकों को नकद (न्यूनतम 1,000 अंक) में भुना सकता है या भविष्य के ब्रोकरेज भुगतान में (365 दिनों के भीतर) उनका उपयोग कर सकता है। यह लाभ प्राप्त करने के लिए जरूरी होगा कि रेफर्ड व्यक्ति रेफरेंस दिये जाने के 60 दिनों के भीतर अपना खाता खोल ले। साथ ही, नये खाताधारक भी मुफ्त इन्ट्राडे ट्रेडिंग और डायरेक्ट म्यूचुअल फंड एकाउंट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इस नयी पहल के शुभारंभ के मौके पर कोटक सिक्योरिटीज ने एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट - मार्केटिंग, जयमीत दोशी ने कहा, “हमारी ‘मुफ्त इन्ट्राडे ट्रेडिंग’, जिससे स्वयं काम करने वाले निवेशकों को नकद और फ्यूचर ऐंड ऑप्शंस श्रेणियों में इन्ट्राडे सौदों पर ब्रोकरेज से मुक्ति मिलती है, की सफल शुरुआत के बाद 'रेफर ऐंड अर्न' कार्यक्रम शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक और पहल है।” उन्होंने आगे कहा, “भारतीय शेयर बाजारों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी मात्र लगभग 2% के बहुत निचले स्तर पर है, जबकि अमेरिका जैसे विकसित बाजारों में यह 50% से अधिक है। हम अपने बाजार में खुदरा निवेशकों की और अधिक भागीदारी देखना चाहते हैं। यह कार्यक्रम खुदरा निवेशकों को संपदा सृजन के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में हमारा योगदान है।”

नयी योजना कैसे काम करेगी - एक उदाहरण :



यदि रेफर्ड व्यक्ति की ब्रोकरेज 20,000 रुपये की रही तो रेफरर को अपने रेफरल लेजर में इसके 15% के बराबर यानी 3,000 रेफरल अंक मिलेंगे। यदि रेफरर इन अंकों को भुना कर अपने इक्विटी / एमएफ खाते में ले जाये तो उसे 3,000 रुपये का क्रेडिट मिलेगा। इसका इस्तेमाल वह प्रतिभूतियों की खरीदारी करने या अपने निर्धारित बैंक खाते में भुगतान पाने के लिए कर सकता है।

यदि रेफरर इन 3,000 रेफरल अंकों को भविष्य के ब्रोकरेज चुकाने के लिए भुनाता है तो उसे 33% अतिरिक्त लाभ मिलेगा, यानी उसे कुल 3,990 रुपये का क्रेडिट मिलेगा। इसका इस्तेमाल वह अगले 365 दिनों में भविष्य के ब्रोकरेज निपटाने के लिए कर सकता है। इसमें नकद भुगतान लेने की अनुमति नहीं होगी।

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