Mercedes-Benz की EV बिक्री 16 प्रतिशत बढ़ी, 4 नवंबर को लॉन्च होगी GLC Electric

Mercedes-Benz
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Ankit Jaiswal । Oct 5 2026 10:21PM

मर्सिडीज-बेंज सीएलए इलेक्ट्रिक को भारत में 1,000 से अधिक पक्की बुकिंग मिल चुकी हैं और सीमित आपूर्ति के चलते 6 महीने का वेटिंग पीरियड है। कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा मर्सिडीज 4 नवंबर को अपनी नई जीएलसी इलेक्ट्रिक लॉन्च करने जा रही है।

मर्सिडीज-बेंज की इलेक्ट्रिक कारों की मांग भारत में तेजी से बढ़ती दिख रही है। कंपनी की नई सीएलए इलेक्ट्रिक को लेकर ग्राहकों का उत्साह इतना ज्यादा है कि इसकी 1,000 से अधिक पक्की बुकिंग मिल चुकी हैं। लिमिटेड आपूर्ति के कारण कुछ ग्राहकों को कार के लिए 6 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है और डिलीवरी मार्च 2027 तक खिंच गई है।

बता दें कि सीएलए इलेक्ट्रिक को इस साल अप्रैल में भारतीय बाजार में उतारा गया था। इसके आने के बाद जनवरी से सितंबर 2026 के बीच मर्सिडीज-बेंज इंडिया की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 16% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कहना है कि अगर आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतें कम होती हैं तो अगले साल उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 20% से 25% तक पहुंच सकती है।

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर के अनुसार, सप्लाई की परेशानी नहीं होती तो इस साल कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 7 से 8 प्रतिशत तक और ज्यादा हो सकती थी। इससे साफ है कि मांग की कमी के बजाय इस समय इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में सबसे बड़ी रुकावट वाहन उपलब्ध कराने की क्षमता बनी हुई है।

कंपनी ने 2026 के पहले 9 महीनों में भारत में कुल 15,190 कारें बेची हैं। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 8% ज्यादा है और कंपनी की जनवरी से सितंबर के बीच अब तक की सबसे बड़ी बिक्री है। जुलाई से सितंबर के बीच भी 5,422 कारें बिकीं, जो पिछले साल की तीसरी तिमाही से 6% ज्यादा हैं। पिछली तिमाही के मुकाबले तीसरी तिमाही की बिक्री में 17% की बढ़ोतरी हुई है।

गौरतलब है कि बिक्री बढ़ाने में नए मॉडलों के साथ लंबे पहिए वाले मॉडलों की मांग की भी बड़ी भूमिका रही। ई-क्लास, जीएलई, जीएलएस और वी-क्लास जैसे वाहनों को ग्राहकों ने पसंद किया। कंपनी के मुताबिक पुराने ग्राहक भी अपनी कार बदलने के दौरान दोबारा मर्सिडीज-बेंज खरीद रहे हैं, जिससे मांग को सहारा मिला है।

कंपनी की कुल बिक्री में मुख्य महंगे वाहन वर्ग की हिस्सेदारी करीब 60% रही। इसमें सी-क्लास, जीएलसी, जीएलई और लंबे पहिए वाली ई-क्लास प्रमुख मॉडल हैं। शुरुआती महंगे वाहन वर्ग में जीएलए और सीएलए इलेक्ट्रिक शामिल हैं, जिसकी बिक्री में 15% हिस्सेदारी रही और इसमें सालाना आधार पर 4% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं कंपनी के सबसे महंगे वाहनों की बिक्री में 13% की वृद्धि हुई और इस वर्ग की हिस्सेदारी 25% से ज्यादा रही। मर्सिडीज-एएमजी वाहनों की बिक्री भी 18% बढ़ी। ईक्यूएस मेबैक एसयूवी की बिक्री में 68% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नई इलेक्ट्रिक एस-क्लास की डिलीवरी भी अक्टूबर के मध्य से शुरू होने वाली है। इसका सबसे महंगा संस्करण इस साल के लिए बिक चुका है।

इस बीच कंपनी ने भारत में जीएलसी इलेक्ट्रिक की बुकिंग भी शुरू कर दी है। इसका बाजार में आगमन 4 नवंबर को होगा। इसे महाराष्ट्र के चाकन संयंत्र में तैयार किया जाएगा। शुरुआत में यह 400 4मैटिक संस्करण में आएगी, जिसमें 94 किलोवाट-घंटे की बैटरी और एक बार चार्ज करने पर 715 किलोमीटर तक चलने की दावा की गई क्षमता होगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार जीएलसी इलेक्ट्रिक के आने के बाद भारत में मर्सिडीज-बेंज की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सूची में सीएलए इलेक्ट्रिक, ईक्यूएस एसयूवी, ईक्यूएस मेबैक एसयूवी और जी580 भी शामिल हैं। दूसरी ओर, कंपनी की कुल बिक्री में डीजल वाहनों की हिस्सेदारी भी बढ़कर 40% हो गई है, जो पहले 38% थी। ऐसे में मर्सिडीज-बेंज भारत में एक साथ इलेक्ट्रिक और पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की मांग को पूरा करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

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