Mumbai Police ने MP से सॉफ्टवेयर इंजीनियर को दबोचा, APK फाइलों से की 15.75 करोड़ की ठगी

Mumbai Police ने MP से सॉफ्टवेयर इंजीनियर को दबोचा, APK फाइलों से की 15.75 करोड़ की ठगी
प्रतिरूप फोटो
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मुंबई पुलिस अपराध शाखा ने मध्य प्रदेश से 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह चलाने के आरोप में पकड़ा है। आरोपी ने 2805 हानिकारक एपीके फाइलें बनाकर बेचीं, जिससे देशभर में वरिष्ठ नागरिकों समेत 9673 लोगों को निशाना बनाया गया।

मुंबई, पांच अक्टूबर मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने मध्य प्रदेश के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कथित तौर पर अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह गिरोह हानिकारक एपीके फाइलों के जरिए पूरे भारत में वरिष्ठ नागरिकों समेत अन्य लोगों से 15.75 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। एक अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि 36 वर्षीय आरोपी ने साइबर अपराध में लिप्त विभिन्न गिरोहों को 2,805 हानिकारक एपीके फाइलें बनाकर बेची थीं, जिनका बाद में इस्तेमाल देशभर में 9,673 लोगों को ठगने के लिए किया गया।

उल्लेखनीय है कि हानिकारक एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल एक नकली या संक्रमित ‘एंड्रॉयड एप्लिकेशन’ होती है, जिसे संवेदनशील जानकारी चुराने, ओटीपी हासिल करने या मोबाइल फोन का दूर से नियंत्रण अपने हाथ में लेने के लिए तैयार किया जाता है। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब मुंबई के 72 वर्षीय एक व्यक्ति से 13 अगस्त को 5.62 लाख रुपये की ठगी की गई। अधिकारी ने बताया कि जालसाज खुद को बैंक का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था।

आरोपी बातचीत के दौरान पीड़ितों को बुजुर्गों के लिए कार्ड जारी करने के बहाने व्हाट्सऐप पर भेजी गई फाइल को इंस्टॉल करने के लिए राजी करता था और फिर उनसे निजी जानकारी तथा डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी प्राप्त करता था। पीड़ित की शिकायत के आधार पर भायखला पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश स्थित उसके कार्यालय में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक सीपीयू, तीन हार्ड डिस्क, एक पेन ड्राइव, एक वाई-फाई राउटर और तीन मोबाइल फोन जब्त किए।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न सेवा प्रदाता कंपनियों के सर्वरों का इस्तेमाल कर रहा था।

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