लंपी स्किन बीमारी की वजह से पंजाब में दूध उत्पादन 15-20 प्रतिशत घटा

Lumpy in Punjab
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मवेशियों में फैली लंपी स्किन बीमारी की वजह से पंजाब के डेयरी किसानों को काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के प्रगतिशील डेयरी किसान संघ (पीडीएफए) ने कहा है कि इस बीमारी की वजह से राज्य में दूध उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक घट गया है।

चंडीगढ़, 29 अगस्त। मवेशियों में फैली लंपी स्किन बीमारी की वजह से पंजाब के डेयरी किसानों को काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के प्रगतिशील डेयरी किसान संघ (पीडीएफए) ने कहा है कि इस बीमारी की वजह से राज्य में दूध उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक घट गया है। यह संक्रामक बीमारी मवेशियों विशेष रूप से गायों में फैली हुई है। पीडीएफए ने कहा कि इससे वे किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं जो अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह मवेशियों पर निर्भर हैं। राज्य के पशुपालन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से 1.26 लाख मवेशी प्रभावित हुए हैं।

अब तक 10,000 से अधिक मवेशी इस बीमारी की वजह से जान गंवा चुके हैं। हालांकि पीडीएफए का दावा है कि लंपी स्किन बीमारी की वजह से पंजाब में अब तक एक लाख से ज्यादा मवेशियों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी से प्रभावित राज्य के प्रमुख जिलों में फाजिल्का, फरीदकोट, बठिंडा और तरन तारन शामिल हैं। पीडीएफए के अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने कहा कि लंपी स्किन बीमारी की वजह से पंजाब में दूध के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत की कमी आई है। इसके साथ ही गायों का औसत दूध उत्पादन एक साल तक कम बने रहने की भी आशंका है।

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