NSE ने SEBI को सौंपे IPO डॉक्यूमेंट्स, ₹30,000 करोड़ जुटाने का प्लान

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अभिनय आकाश । Jun 18 2026 12:52PM

ट्रांजैक्शन से मिलने वाली रकम पूरी तरह से शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को जाएगी। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, मॉर्गन स्टेनली की सहयोगी कंपनियां, टेमासेक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (NSE) ने बुधवार रात मार्केट रेगुलेटर के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा किया। यह भारत का सबसे बड़ा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) हो सकता है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) में जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि यह IPO पूरी तरह से मौजूदा इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डर्स द्वारा 149 मिलियन तक इक्विटी शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) है। इसका मतलब है कि NSE की पेड-अप कैपिटल का कुल 6% हिस्सा नए इन्वेस्टर्स को ऑफर किया जा रहा है। इस ट्रांजैक्शन के तहत कोई नई इक्विटी कैपिटल जारी नहीं की जाएगी।

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लिस्टिंग और तकनीक प्रक्रिया

इस ट्रांजैक्शन से मिलने वाली रकम पूरी तरह से शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को जाएगी। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, मॉर्गन स्टेनली की सहयोगी कंपनियां, टेमासेक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं। DRHP के अनुसार, SBI सबसे बड़ा शेयर बेचने वाला शेयरहोल्डर है, जो 24.75 मिलियन तक शेयर ऑफर कर रहा है। मॉर्गन स्टेनली की MS स्ट्रैटेजिक (मॉरिशस) लिमिटेड अपने 16 मिलियन तक शेयर ऑफर कर रही है, जबकि कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड IPO में 11.87 मिलियन तक शेयर बेचने जा रहा है। टेमासेक की अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड 1.124 करोड़ तक शेयर बेच रही है, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्प और सरकारी बीमा कंपनियां GIC Re और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने लगभग 1.1-1.1 करोड़ शेयर बेचने की पेशकश की है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी भी लगभग 60-60 लाख शेयर बेच रही हैं।

संभावित वैल्यूएशन और रिकॉर्ड-तोड़ IPO 

वहीं, एक्सचेंज में 10.72% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी शेयरहोल्डर LIC अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगी। 15 जून को मिंट ने खबर दी थी कि यह बीमा कंपनी अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखेगी, जबकि कई अन्य कंपनियां अपने शेयर आंशिक रूप से बेचेंगी। DRHP के मुताबिक, 2.35% हिस्सेदारी वाली प्रेमजी इन्वेस्ट और 1.58% हिस्सेदारी वाले राधाकिशन दमानी भी अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं। मार्केट रेगुलेशंस के तहत, कोई भारतीय स्टॉक एक्सचेंज अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर लिस्ट नहीं कर सकता है, जिसका मतलब है कि NSE अपने शेयर प्रतिद्वंद्वी BSE पर लिस्ट करेगा। शेयर बिक्री के लिए 20 इन्वेस्टमेंट बैंकरों के सिंडिकेट में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी और मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी 'बुक-रनिंग लीड मैनेजर' के तौर पर शामिल हैं।

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निवेशकों के लिए मायने

कम से कम ₹2,000 की अनुमानित ग्रे मार्केट कीमत के आधार पर, उम्मीद है कि इस IPO से NSE की वैल्यूएशन लगभग ₹29,780 करोड़ (3 अरब डॉलर से ज़्यादा) होगी, और कुल वैल्यूएशन ₹5 लाख करोड़ से ज़्यादा होगी। इस कीमत पर, NSE का IPO देश का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग बन जाएगा, जो हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के ₹27,859 करोड़ के IPO और LIC के ₹20,557 करोड़ के ऑफर से भी बड़ा होगा। यह सच है कि ग्रे मार्केट की कीमतें गणितीय तरीके से तय नहीं होती हैं, और कई बातों को ध्यान में रखने के बाद मर्चेंट बैंक ही अंतिम प्राइस बैंड तय करते हैं। प्रमुख ब्रोकिंग कंपनी एंजेल वन के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश ठक्कर ने कहा, "दुनिया भर में स्टॉक एक्सचेंज का कारोबार एक अनोखा और बहुत मजबूत मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर वाला बिज़नेस है। NSE जैसे बड़े संस्थान की लिस्टिंग से छोटे निवेशकों को भारत के सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थानों में से एक में हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा।

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