ऑनलाइन गांजा बेंचने के मामले में अमेज़न इंडिया पर गिरी गाज, जानिए क्या हैं सजा के प्रावधान?

ऑनलाइन गांजा बेंचने के मामले में अमेज़न इंडिया पर गिरी गाज, जानिए क्या हैं सजा के प्रावधान?

पुलिस ने अपनी एफआईआर में अमेज़न इंडिया के कार्यकारी निर्देशक को आरोपी बनाया है। कंपनी ने पुलिस को पूछताछ के दौरान जो जवाब दिया है वो गिरफ्तार आरोपियों के बयान से अलग है। इस कारण पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के कार्यकारी निदेशक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 38 के तहत आरोपी बनाया है।

ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन दुनिया भर में अपनी बेहतरीन ऑनलाइन सेवाओं के दम पर ग्राहकों के दिल पर भले ही राज करती है पर भारत में अमेज़न का नाम ऑनलाइन गांजा तस्करी के एक मामले में सामने आया है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले मे पिछले दिनों पकड़ी गई ऑनलाइन गांजा तस्करी के मामले में पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को भी आरोपी बना लिया है। कंपनी से पुलिस ने कई सवाल किए थे लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कंपनी को आरोपी बनाया गया है। भिंड जिले के गोहद में गांजा तस्करी के एक मामले का खुलासा हुआ था। इसमें भिंड पुलिस ने ई कॉमर्स कंपनी अमेजन से भी  पूछताछ की थी। 

गिरफ्तार आरोपियों ने  अमेजन की मदद से तस्करी करने की बात स्वीकारी

13 नवम्बर को पुलिस और साइबर सेल टीम ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था जिसमें 21 किलो गांजे के साथ आरोपी सूरज पवैया, विजेंद्र तोमर, मुकुल जायसवाल और खरीददार चित्रा बाल्मीक को गिरफ्तार किया था। प्रभात खबर की खबर के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान गांजे की तस्करी  ई- कॉमर्स कंपनी अमेजन की मदद से करने की बात कबूल की थी। सबूत के तौर पर पुलिस के हांथ आर्डर और ट्रांजेक्शन की एक कॉपी भी लगी थी। पुलिस ने तथ्यों को देखते हुए पुलिस - कॉमर्स कंपनी अमेजन से भी पूछताछ की थी। कंपनी ने पुलिस के सवालों का लिखित जवाब भी दिया था। पुलिस की जांच से पता चला है कि आरोपी सूरज रवैया और मुकुल जायस्वाल द्वारा बाबू टैक्स नाम की फर्जी कंपनी बनाकर अमेजन कंपनी के सेलर के रूप में रजिस्टर हुए थे। स्टेविया के रूप में अपने निश्चित ग्राहकों को निश्चित स्थानों पर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से गांजे की सप्लाई कराते थे। 

कंपनी के कार्यकारी निर्देशक को बनाया आरोपी

पुलिस ने अपनी एफआईआर में  अमेज़न इंडिया के कार्यकारी निर्देशक को आरोपी बनाया है। कंपनी ने पुलिस को पूछताछ के दौरान जो जवाब दिया है वो गिरफ्तार आरोपियों के बयान से अलग है। इस कारण पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के कार्यकारी निदेशक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 38 के तहत आरोपी बनाया है।