Reliance Jio 300 रुपये में लाएगा Jio Prime मेंबरशिप, 1 साल तक नहीं बदलेंगी प्लान की कीमतें

टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो अपने मौजूदा और नए ग्राहकों के लिए 10 साल पुराने जियो प्राइम सदस्यता कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। भारती एयरटेल द्वारा 1.5 जीबी दैनिक डेटा वाले किफायती रीचार्ज प्लान बंद करने के बाद जियो 300 रुपये के शुल्क पर एक साल तक दरों में बदलाव न होने की गारंटी देगी। इसके अलावा कंपनी 299 रुपये वाले प्लान में जियो हॉटस्टार, 5,000 जीबी गूगल क्लाउड स्टोरेज और प्रो गूगल जेमिनी एआई की मुफ्त सुविधाएं भी जोड़ेगी।
दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल की तरफ से कम कीमत वाले अनलिमिटेड रिचार्ज प्लान बंद कर दिए जाने के बीच प्रतिद्वंद्वी कंपनी रिलायंस जियो 10 साल पुराने ‘प्राइम’ सदस्यता कार्यक्रम को फिर से लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, जियो प्राइम सदस्यता वाले ग्राहकों को अगले एक साल तक शुल्क या प्लान में बदलाव नहीं होने की गारंटी देगी।
यह सदस्यता मौजूदा प्रीपेड और पोस्टपेड ग्राहकों के लिए 300 रुपये के शुल्क पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा, जियो ने अपने 299 रुपये वाले प्लान के लाभ बढ़ाने की भी तैयारी की है। इस प्लान में प्रतिदिन 1.5 जीबी डेटा मिलता है।
जियो यह कदम एयरटेल के 1.5 जीबी डेटा वाले 299 रुपये समेत कई प्लान बंद किए जाने के बाद उठाने जा रही है। सूत्र ने कहा, ‘‘जियो प्राइम सदस्यता कार्यक्रम मूल रूप से जियो के पहले 10 करोड़ ग्राहकों के प्रति आभार जताने के लिए शुरू किया गया था। अब इसे कीमत की गारंटी और कई अतिरिक्त लाभ देने के लिए एक बार फिर शुरू किया जा रहा है।’’ वहीं, दूसरे नेटवर्क के ग्राहक जियो में अपना नंबर पोर्ट कराकर या नया जियो कनेक्शन लेकर प्राइम सदस्यता ले सकेंगे।
कंपनी 299 रुपये वाले प्लान में जियो हॉटस्टार की सदस्यता, गूगल क्लाउड पर 5,000 जीबी स्टोरेज और गूगल के एआई इंजन ‘प्रो गूगल जेमिनी’ की मुफ्त सुविधा जोड़ने की योजना बना रही है। इस संबंध में जियो को भेजे गए सवालों का कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया है। एयरटेल ने पिछले सप्ताह प्रतिदिन 1.5 जीबी डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग वाले 299, 319, 579, 619 और 649 रुपये के प्रीपेड प्लान बंद कर दिए थे।
इससे अब एयरटेल ग्राहकों के पास अधिक कीमत वाले और ज्यादा दैनिक डेटा वाले प्लान चुनने का ही विकल्प बचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि एयरटेल का यह कदम दूरसंचार उद्योग में शुल्क बढ़ने की संभावित दिशा को दर्शाता है। दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियां अपना प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।
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