Reliance के शेयर ने पकड़ी रफ्तार, Meta Deal और सस्ते Crude Oil ने AGM से पहले भरा जोश

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Ankit Jaiswal । Jun 16 2026 7:33PM

अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल में नरमी और मेटा के साथ AI डेटा सेंटर साझेदारी जैसे वैश्विक और कारोबारी घटनाक्रमों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को मजबूती दी है। आगामी वार्षिक आम बैठक से जुड़ी उम्मीदों के चलते निवेशकों का उत्साह बढ़ा है, जिससे शेयर में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मंगलवार को लगातार मजबूती देखने को मिली, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक से पहले बाजार में सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है और निवेशक समूह के भविष्य के कारोबार को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर लगभग 1.87 प्रतिशत तक चढ़ गया। दोपहर से पहले यह करीब 1328.70 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में कंपनी के शेयर में पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली वार्षिक आम बैठक और कुछ हालिया कारोबारी घटनाक्रमों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक 19 जून को दोपहर दो बजे आयोजित होने वाली है। यह बैठक वीडियो माध्यम से आयोजित की जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी निवेशकों की नजर कंपनी के दूरसंचार, खुदरा व्यापार, ऊर्जा कारोबार और नई प्रौद्योगिकी परियोजनाओं से जुड़ी घोषणाओं पर रहेगी।

गौरतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनियों में शामिल है और इसके कारोबार का दायरा ऊर्जा, दूरसंचार, खुदरा व्यापार, डिजिटल सेवाओं और नई तकनीकों तक फैला हुआ है। ऐसे में कंपनी की किसी भी बड़ी घोषणा का असर बाजार की धारणा पर पड़ता है।

कंपनी के शेयरों में हालिया तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में आई नरमी को माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने तथा होर्मुज स्ट्रेट को फिर से सुचारु रूप से संचालित करने को लेकर समझौता पर सहमति बनने की खबरों ने वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बनाया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।

इस घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट कच्चे तेल का भाव 83 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि पश्चिम टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक निवेश बैंकों ने भी आने वाली तिमाहियों के लिए तेल कीमतों के अनुमान कम कर दिए हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार मॉर्गन स्टेनली और गोल्डमैन सैक्स जैसी प्रमुख वित्तीय संस्थाओं ने तेल कीमतों के अनुमान में कटौती की है। उनका मानना है कि पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति पहले की अपेक्षा जल्दी सामान्य हो सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव बना रहेगा। कम तेल कीमतों को रिलायंस जैसी ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

वहीं कंपनी को हाल ही में एक और बड़ी कारोबारी उपलब्धि मिली है। इस महीने की शुरुआत में यह घोषणा हुई थी कि मेटा भारत में अपना पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा केंद्र विकसित करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी करेगी। इस परियोजना के तहत गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता वाला डेटा केंद्र बनाया जाएगा।

बताया गया है कि इस परियोजना का निर्माण रिलायंस करेगी, जबकि मेटा इस सुविधा का उपयोग पट्टे पर करेगी। डिजाइन, निर्माण, ऊर्जा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति, संपर्क सेवाएं और प्रबंधित सेवाओं की जिम्मेदारी भी रिलायंस के पास होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना कंपनी की डिजिटल अवसंरचना और एआई से जुड़े कारोबार को नई मजबूती दे सकती है।

मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 20,589 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया था। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, वैश्विक तेल बाजार में राहत, एआई क्षेत्र में नई साझेदारी और आगामी वार्षिक आम बैठक से जुड़ी उम्मीदों ने कंपनी के शेयरों में तेजी का माहौल बनाया हुआ है।

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