SIAM के आंकड़े: दूसरी तिमाही में घरेलू Passenger Vehicles की थोक बिक्री 30.7 प्रतिशत बढ़ी

वाहन विनिर्माता संगठन सियाम के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में पैसेंजर व्हीकल्स की घरेलू थोक बिक्री बढ़कर 13,60,687 इकाई दर्ज की गई। जीएसटी सुधारों, किफायती वाहनों और मजबूत मांग ने इस तेज वृद्धि को समर्थन दिया है। हालांकि पश्चिम एशिया संकट के चलते इसी दौरान यात्री वाहनों के निर्यात में 5.2 प्रतिशत की गिरावट आई।
घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 30.7 प्रतिशत बढ़कर 13,60,687 इकाई हो गई। भारतीय वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। संगठन ने कहा कि जीएसटी 2.0 के बाद वाहनों का किफायती होना, मजबूत मांग और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों ने इस वृद्धि को समर्थन दिया।
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी (अक्टूबर 2026 से मार्च 2027) छमाही में वाहन उद्योग में वृद्धि का रुझान बना रहने की उम्मीद है। हालांकि, पिछले वर्ष के ऊंचे आधार के कारण वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। सियाम के अनुसार, ‘‘त्योहारों के मौसम, नए उत्पादों की पेशकश, बुनियादी ढांचे पर खर्च और पुराने वाहनों को बदलने की मांग से वाहन बाजार को समर्थन मिल रहा है।
यात्री वाहनों की बिक्री में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। नए मॉडल पेश किए जाने से ग्राहकों की रुचि और मांग बनी रहने की संभावना है।’’ हालांकि, पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊंचे आधार और माल ढुलाई संबंधी बाधाओं से दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में यात्री वाहनों का निर्यात 5.2 प्रतिशत घटकर 2.29 लाख इकाई रह गया। पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 28.3 प्रतिशत बढ़कर 26,37,067 इकाई हो गई।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में यह 20,55,122 इकाई थी। वहीं यात्री वाहनों की थोक बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 21.8 प्रतिशत बढ़कर 4,54,574 इकाई हो गई। पिछले साल इसी महीने में यह 3,73,347 इकाई थी।
घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री पिछले महीने 13.5 प्रतिशत बढ़कर 24.63 लाख इकाई रही, जबकि सितंबर, 2025 में यह 21.70 लाख इकाई थी। सितंबर, 2026 में तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 98,162 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 84,635 इकाई थी। सियाम के अध्यक्ष शेनू अग्रवाल ने कहा, ‘‘भारतीय वाहन उद्योग ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में मजबूत प्रदर्शन किया।
दूसरी तिमाही और सितंबर महीने में भी प्रदर्शन अच्छा रहा। वाहन उद्योग के सभी खंड में इस मजबूत प्रदर्शन को जीएसटी 2.0 के बाद वाहनों के किफायती होने, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मांग मजबूत बने रहने, माल ढुलाई में तेजी, बुनियादी ढांचे से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों और वाहन खंड में पुराने वाहनों को बदलने की प्रक्रिया से समर्थन मिला।’’ अग्रवाल ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकियों को तेजी से स्वीकार किया जा रहा है और भारत में टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर बदलाव में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है। यात्री वाहन बाजार में यूटिलिटी वाहन (यूवी) खंड का दबदबा बना रहा।
इसकी कुल यात्री वाहन बिक्री में 68 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में यूटिलिटी वाहन की बिक्री पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 34.2 प्रतिशत बढ़ी। यात्री कारों की बिक्री में भी इस दौरान 24.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
दूसरी तिमाही में सभी श्रेणियों के वाहनों की घरेलू थोक बिक्री सालाना आधार पर 18.2 प्रतिशत बढ़कर 83.87 लाख इकाई हो गई, जबकि निर्यात 23.9 प्रतिशत बढ़कर 20.89 लाख इकाई रहा। इस दौरान कुल वाहन उत्पादन 18.6 प्रतिशत बढ़कर 1.05 करोड़ इकाई हो गया।
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