SIAM ने E20 fuel से वाहनों में खराबी संबंधी पत्र लिया वापस, बताया और आंकड़ों की आवश्यकता

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ऑटोमोबाइल विनिर्माताओं के संगठन SIAM ने पेट्रोलियम मंत्रालय को E20 ईंधन से वाहनों में आने वाली दिक्कतों को लेकर भेजा गया पत्र वापस ले लिया है। संगठन ने कहा कि इस मामले में सदस्य विनिर्माताओं और विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करके अतिरिक्त आंकड़े जुटाने की जरूरत है। पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की मात्रा से जुड़ी मीडिया खबरों के आंकड़ों का भी सत्यापन किया जाएगा।

नयी दिल्ली, पांच अगस्त वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेजा वह पत्र वापस ले लिया है, जिसमें ई20 ईंधन (20 प्रतिशत एथनॉल युक्त पेट्रोल) से होने वाले नुकसान और उससे वाहनों में आने वाली दिक्कतों पर चिंता जताई गई थी। संगठन ने कहा है कि इस मामले में अभी और अधिक आंकड़े जुटाए जाने की आवश्यकता है। सियाम ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि संबंधित पत्र विभिन्न हितधारकों के बीच नियमित रूप से होने वाली तकनीकी चर्चाओं का हिस्सा था।

इनमें उद्योग संगठन, पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी), वाहन विनिर्माता कंपनियां (ओईएम) तथा परीक्षण एजेंसियां शामिल हैं। संगठन ने कहा, ‘‘पत्र में उद्धृत कुछ आंकड़ों के सत्यापन के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से विस्तृत आंकड़े एकत्र करने और हमारी सदस्य वाहन विनिर्माता कंपनियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है।’’ उसने कहा कि मीडिया में प्रकाशित संबंधित आंकड़ों का भी इसी प्रकार सत्यापन किया जाना जरूरी है। इसलिए सियाम अपना पहले भेजा गया पत्र वापस ले रहा है।

मीडिया की खबरों के अनुसार, अब वापस लिए जा चुके पत्र में सियाम ने कहा था कि जांच में पाया गया कि ई20 ईंधन से संबंधित समस्या वाले वाहनों में इस्तेमाल किए गए ईंधन में क्लोराइड की अधिक मात्रा के कारण इंजन के पुर्जों में जंग और घिसाव हुआ। पत्र में इंजन के पुर्जों पर क्लोराइड के अत्यधिक नुकसानदेह प्रभाव का भी उल्लेख किया गया था। इसके अलावा, सियाम के सदस्यों ने खुदरा बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध ई20 ईंधन में अत्यधिक नमी होने का भी मुद्दा उठाया था।

उनका कहना था कि यदि नमी की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक हो जाए तो ईंधन अलग हो जाता है और ईंधन भरवाने के तुरंत बाद वाहन चलने की स्थिति में नहीं रहता। पत्र में ईंधन खुदरा बिक्री केंद्रों पर भंडारण टैंक और पाइपलाइन के समुचित रखरखाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया था।

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