अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए श्रीलंका RBI से करेगा इतने करोड़ डॉलर मुद्रा की अदला-बदली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 24, 2020   18:52
अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए श्रीलंका RBI से करेगा इतने करोड़ डॉलर मुद्रा की अदला-बदली

श्रीलंका मंत्रिमंडल के सह प्रवक्ता और सूचना एवं संचार मंत्री बंडुला गुणावर्धन ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे द्वारा वित्त मंत्री के रूप में रखे गए रिजर्व बैंक के साथ वित्तीय सुविधा के करार संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे देश को लघु अवधि की अंतरराष्ट्रीय नकदी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

कोलंबो। श्रीलंका अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के साथ 40 करोड़ डॉलर मुद्रा की अदला-बदली का करार करने जा रहा है। श्रीलंका सरकार के एक शीर्ष मंत्री ने कहा कि इससे कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित उनके देश को वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। श्रीलंका मंत्रिमंडल के सह प्रवक्ता और सूचना एवं संचार मंत्री बंडुला गुणावर्धन ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे द्वारा वित्त मंत्री के रूप में रखे गए रिजर्व बैंक के साथ वित्तीय सुविधा के करार संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे देश को लघु अवधि की अंतरराष्ट्रीय नकदी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। गुणावर्धन ने कहा कि श्रीलंका रिजर्व बैंक के साथ 40 करोड़ डॉलर की मुद्रा अदला-बदली का अनुबंध करेगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना है।

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व्यापार संबंधी भुगतान करते समय दो देश मुद्रा अदला-बदली करार करने का फैसला करते हैं। श्रीलंका ने कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक उपाय किए हैं। देश में 373 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। इस महामारी से अब तक यहां सात लोगों की मौत चुकी है। गुणावर्धन ने बृहस्पतिवार को मीडिया को मंत्रिमंडल की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोरोना वायरस महामारी को रोकने के उपायों, उनकी सफलता, लोगों को जरूरी सामान के वितरण और राहत पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया ही इस महामारी की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रही है और कोई अकेला देश इस संकट का समाधान नहीं ढूंढ सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे में मंत्रिमंडल ने देश की वित्तीय स्थिरता के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।





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