Digital advertising में वर्चस्व की स्थित पर अमेरिकी न्याय विभाग ने Google पर मुकदमा किया

Google
प्रतिरूप फोटो
Google Creative Common
मुकदमे में ऑनलाइन विज्ञापन के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर गूगल के कथित एकाधिकार को तोड़ने की मांग की गई है और आरोप लगाया गया है कि इससे विज्ञापनदाताओं, उपभोक्ताओं और यहां तक कि अमेरिकी सरकार को भी नुकसान पहुंच रहा है।

वाशिंगटन। अमेरिकी न्याय विभाग और आठ राज्यों ने मंगलवार को गूगल के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-रोधी कारोबारी गतिविधियों के चलते मुकदमा दायर किया। मुकदमे में ऑनलाइन विज्ञापन के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर गूगल के कथित एकाधिकार को तोड़ने की मांग की गई है और आरोप लगाया गया है कि इससे विज्ञापनदाताओं, उपभोक्ताओं और यहां तक कि अमेरिकी सरकार को भी नुकसान पहुंच रहा है। सरकार ने शिकायत में आरोप लगाया कि गूगल अधिग्रहण के जरिए ऑनलाइन विज्ञापन बाज़ार में प्रतिद्वंद्वियों को बेअसर या खत्म करना चाहता है।

गूगल की प्रतिस्पर्धा-रोधी प्रथाओं के चलते विज्ञापनदाताओं के लिए दूसरे प्रतियोगियों की पेशकश का उपयोग करना मुश्किल हो रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका में अब बड़ी तकनीकी कंपनियों पर लगाम लगाने की कवायद की जा रही है। अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, एकाधिकार से मुक्त और निष्पक्ष बाजारों को नुकसान पहुंचता है, जिस पर हमारी अर्थव्यवस्था आधारित है। वे नवाचार को रोकते हैं। वे उत्पादकों और श्रमिकों को नुकसान पहुंचाते हैं और वे उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ाते हैं।

इसे भी पढ़ें: हाजिर बाजार में पर्याप्त आपूर्ति के कारण Guarseed वायदा कीमतों में गिरावट

गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक ने एक बयान में कहा कि यह मुकदमा नवाचार को धीमा कर देगा, विज्ञापन शुल्क बढ़ाएगा और हजारों छोटे व्यवसायों तथा प्रकाशकों की वृद्धि को कठिन बना देगा। इस समय गूगल की आमदनी में डिजिटल विज्ञापन की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़