BSE Ltd से क्यों भागा Retail Investor? 3 महीने में 2.33 लाख निवेशकों ने छोड़ा साथ

BSE Ltd
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Ankit Jaiswal । Feb 15 2026 9:07PM

BSE लिमिटेड में पिछली तिमाही के दौरान 2.33 लाख खुदरा निवेशकों की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण बाजार की अस्थिरता के बीच मुनाफावसूली और जोखिम कम करने की रणनीति है। यह रुझान शेयर बाजार में निवेशकों की बदलती धारणा और सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है।

पिछली तिमाही में शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी को लेकर दिलचस्प रुझान सामने आए हैं। कई कंपनियों में व्यक्तिगत शेयरधारकों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार के माहौल और निवेशकों की रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई।

बता दें कि 30 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच कई सूचीबद्ध कंपनियों में रिटेल शेयरहोल्डिंग कम हुई। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस अवधि में जिन कंपनियों में खुदरा निवेशकों की संख्या में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई, उनमें प्रमुख नाम BSE Ltd का है।

बीएसई लिमिटेड में खुदरा शेयरधारकों की संख्या 12.57 लाख से घटकर 10.24 लाख रह गई। यानी तीन महीनों में लगभग 2.33 लाख निवेशकों की कमी दर्ज की गई। गौरतलब है कि यह गिरावट ऐसे समय में आई जब बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ था और कई निवेशक मुनाफावसूली या पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन की रणनीति अपना रहे थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि रिटेल निवेशकों की संख्या में कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक किया, जबकि कुछ ने अस्थिरता के चलते जोखिम कम करने का फैसला लिया। इसके अलावा वैकल्पिक निवेश विकल्पों जैसे म्यूचुअल फंड या अन्य परिसंपत्तियों की ओर रुख भी एक कारण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि बीएसई लिमिटेड देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है और इसके शेयरों में खुदरा भागीदारी पर बाजार की धारणा का असर साफ दिखाई देता है। रिटेल निवेशकों की संख्या में यह गिरावट आने वाली तिमाहियों में कंपनी के शेयरधारक ढांचे और ट्रेडिंग गतिविधि पर भी प्रभाव डाल सकती है।

कुल मिलाकर, सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच रिटेल भागीदारी में आई यह कमी बाजार में बदलते रुझानों और निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है, जिसे विश्लेषक आगे की रणनीति तय करने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

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