वेब डिजाइनिंग के क्षेत्र में आजमाएं भविष्य और बनें आत्मनिर्भर

  •  मिथिलेश कुमार सिंह
  •  नवंबर 20, 2020   14:48
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वेब डिजाइनिंग के क्षेत्र में आजमाएं भविष्य और बनें आत्मनिर्भर

किसी वेबसाइट का ले आउट कैसा रहना चाहिए, इसका यूजर इंटरफेस किस डिजाइन से बेहतर होगा, इसे डिसाइड करने के लिए आप इसकी स्केचिंग करते हो। साथ में किसी सॉफ्टवेयर में इसका प्रोटोटाइप भी बनाते हो। कई लोग इसे तकनीकी लैंग्वेज में पीएसडी बनाना भी बोलते हैं।

सूचना क्रांति का जिस क्षेत्र ने सर्वाधिक लाभ उठाया है, उनमें से एक है वेब डिजाइनिंग की फील्ड! डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू, यानी वर्ल्ड वाइड वेब नामक क्रांति ने दुनिया को बदल कर रख दिया है। एक वेबसाइट दुनिया में क्या बदलाव ला सकती है इसे बखूबी दिखलाया है गूगल ने, इसे बखूबी दिखलाया है अमेजन ने, इसे बखूबी दिखलाया है फेसबुक जैसी वेबसाइट ने और ऐसे अनगिनत नाम हैं इस दुनिया में।

आप चाहे विकिपीडिया का नाम लें, चाहे फ्लिपकार्ट कहें, चाहे न्यूज की दूसरी वेबसाइट का उद्धरण दें, इसने नए युग में नई क्रांति को जन्म दिया है। छोटा बिजनेस हो, बड़ा बिजनेस हो, किसी आम या ख़ास इंडस्ट्री से संबंधित कंटेंट की वेबसाइट हो, सामान की डिलीवरी हो या फिर कोई और काम, लोगों की जिंदगी में एक वेबसाइट ने आमूलचूल परिवर्तन लाया है।

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वस्तुतः यह कहने में हमें संकोच नहीं होना चाहिए कि शिक्षा तक की ट्रेडिशनल पद्धति को वेबसाइटों ने ना केवल बदला है, बल्कि इसकी बुनियाद को बदलने में भी अहम भूमिका निभाई है।

अब जरा सोचिए! अगर इसका प्रभाव इतना व्यापक है तो इस फील्ड में कार्य करने वाले लोग भला महत्वपूर्ण क्यों नहीं होंगे? सच बात तो यह है कि वेब डिज़ाइनर पिछले कई दशकों से महत्वपूर्ण बने हुए हैं और आज भी इनका महत्व कम नहीं हुआ है। वेब डिजाइनिंग में आप सामान्य एचटीएमएल वेबसाइट से लेकर, स्टैटिक ऑपरेशन एवं डायनेमिक बिहेवियर वाली वेबसाइट बनाते हैं और उसकी सहायता से अपने कस्टमर को लाभ भी पहुंचाते हैं।

वेब डिजाइनिंग के कई भाग हैं। आइए जानते हैं...

डिजाइनिंग पार्ट 

किसी वेबसाइट का ले आउट कैसा रहना चाहिए, इसका यूजर इंटरफेस किस डिजाइन से बेहतर होगा, इसे डिसाइड करने के लिए आप इसकी स्केचिंग करते हो। साथ में किसी सॉफ्टवेयर में इसका प्रोटोटाइप भी बनाते हो। कई लोग इसे तकनीकी लैंग्वेज में पीएसडी बनाना भी बोलते हैं। यहां डिजाइन फाइनल होती है और उसके बाद ही अगले स्टेप की तरफ कोई बढ़ता है।

अगर आप इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हैं तो एडोबी का फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, कोरल ड्रा जैसे सॉफ्टवेयर में आपको सिद्धहस्त होना चाहिए। इसे आप एक लेवल पर ग्राफिक डिजाइनर भी बोल सकते हैं और आप जितनी बेहतरीन डिजाइन बनाएंगे, वेबसाइट उतनी ही शानदार तरीके से तैयार होगी। इस फील्ड में उपरोक्त सॉफ्टवेयर की महारत रखने वाले लोग न केवल वेबसाइट का लेआउट बनाते हैं, बल्कि लोगो से लेकर तमाम इमेज वर्क भी इनके हाथ में होता है।

एचटीएमएल, सीएसएस की जानकारी

इसे फ्रंट एंड कोडिंग भी बोल सकते हैं। मतलब सामने वेबसाइट जो दिखती है, उसकी कोडिंग। ब्राउज़र में जब आप कोई भी यूआरएल डालते हैं, तो जो फ्रंट एंड नजर आता है वह एचटीएमएल पर चलता है। एचटीएमएल मतलब हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज। इसके कई वर्जन आ चुके हैं और हाल-फिलहाल एचटीएमएल- 5 पर कार्य हो रहा है।

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इसी प्रकार एचटीएमएल को खूबसूरत बनाने का काम करती है स्टाइलशीट जिसको सीएसएस (कैस्केडिंग स्टाइल शीट) बोलते हैं। यह दोनों कोडिंग लैंग्वेज ही होती हैं और इन्हें आप एक तरह से स्क्रिप्टिंग भी बोल सकते हैं।

वेबसाइट डिजाइन करने में जावास्क्रिप्ट भी यूज होती है, जो खासकर इवेंट के लिए प्रयोग की जाती है। जैसे माउस क्लिक करने पर क्या एक्शन होना चाहिए, माउस रोलओवर करने पर क्या एक्शन होना चाहिए, स्क्रोलिंग पर क्या एक्शन होना चाहिए, यह कार्य जावास्क्रिप्ट करती है।

इसकी जानकारी आपको एचटीएमएल, सीएसएस, जावास्क्रिप्ट में मिलती है। सामान्य तौर पर इसे आसान कोडिंग लैंग्वेज कहा जाता है और आप इसमें भी महारत हासिल कर सकते हैं।

कोडिंग जोन 

यह ऐसा क्षेत्र है जो असली प्रोग्रामिंग की दुनिया में बदलाव लाता है। एक सामान्य वेबसाइट और गूगल में क्या अंतर है यह डिफाइन करता है कि इसमें कोडिंग किस स्तर की हुई है?

एक सामान्य एचटीएमएल वेबसाइट और फेसबुक में क्या अंतर है, एक सामान्य वेबसाइट और अमेजन में क्या अंतर है, यह कोडिंग डिसाइड करती है। कहने का तात्पर्य यह है कि मनुष्य ऊपर से जैसा भी दिखता हो, किंतु उसके मस्तिष्क में कितनी नसें हैं, ब्लड सर्कुलेशन किस प्रकार होता है यह आप प्रोग्रामिंग समझ सकते हैं।

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कोडिंग लैंग्वेज किसी भी वेबसाइट को नियंत्रित करती है। वह वेबसाइट चाहते गूगल जैसा कोई सर्च इंजन हो, फेसबुक जैसा कोई सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म हो या फिर फ्लिप्कार्ट जैसी कोई शॉपिंग वेबसाइट हो, कोडिंग ही यह तमाम चीजें तय करती है।

इसमें पीएचपी से लेकर जावा और एएसपी से लेकर पाइथन और सी प्लस प्लस जैसी हेवी लैंग्वेज होती हैं, जिसके ऊपर कोई भी फंक्शन कार्य करता है। इसमें अगर आप महारत हासिल करते हैं, तो वेबसाइट में बड़ी-बड़ी फंक्शनैलिटी ऐड कर सकते हैं, नयी खोज कर सकते हैं।

कॅरियर की बात करें तो, गूगल-फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों में इंजीनियर के पद पर आप मोटी सैलरी भी उठा सकते हैं या फिर अपना कोई स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं।

वेब कंसलटेंसी 

अगर आप ऊपर में से तीन चीजों में से कुछ नहीं करते हैं तो भी आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। आप तमाम सीएमएस में से किसी एक सीएमएस में महारत हासिल करके लोगों को कंसल्टेंसी दे सकते हैं। बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं जो ड्रैग एंड ड्रॉप पर चलती हैं, किंतु लोगों को उसकी जानकारी नहीं होती है।

जैसे वर्डप्रेस, ब्लॉगर, टंबलर इत्यादि।

तो किस प्रकार से कोई वेबसाइट बनती है, कार्य करती है, आपको इसकी जानकारी देनी होती है, जो सामान्यतः उसके ट्यूटोरियल में दिया भी होता है। इसे आप यूट्यूब से भी स्टेप बाय स्टेप सीख सकते हैं और अच्छा ख़ासा पैसा भी कमा सकते हैं।

ऊपर की चीजें ऐसी हैं जो आप फुल टाइम कर सकते हैं और अच्छी खासी अर्निंग कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको डोमेन, होस्टिंग की भी जानकारी रखनी होती है, क्योंकि अगर आप यह कार्य करते हैं तो फिर एक संपूर्ण पैकेज के तौर पर अपने कॅरियर में चार चांद लगा सकते हैं।

- मिथिलेश कुमार सिंह







कोरोना महामारी के दौर में बोर्ड एग्जाम की तैयारी के लिए टिप्स

  •  मिथिलेश कुमार सिंह
  •  जनवरी 22, 2021   18:30
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कोरोना महामारी के दौर में बोर्ड एग्जाम की तैयारी के लिए टिप्स

टीचर, ग्रुप स्टडी और दोस्तों के साथ पढ़ाई से आप एक तरह से वंचित हो चुके हैं, इसलिए समय प्रबंधन आवश्यक ही नहीं, अति आवश्यक है। अब टाइम टेबल के अनुसार विषय वाइज पढ़ाई कीजिए और इससे निश्चित रूप से परीक्षा हाल में आपको बेहतर परिणाम दिखेगा।

कोरोना महामारी ने जिन सेक्टर्स को सर्वाधिक डिस्टर्ब किया है, उनमें से एजुकेशन सेक्टर प्रमुख है। अगर यह कहा जाए कि पूरे साल को कोविड-19 ने, एजुकेशन के लिहाज से बर्बाद कर दिया, तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से कुछ स्कूल और दूसरी शैक्षणिक संस्थाएं बच्चों को पढ़ाने की कोशिश जरूर करती दिखीं, परंतु स्कूलों में होने वाली पढ़ाई और वहां मिलने वाला पढ़ाई का माहौल, अगर घर पर ही मिल जाए, तो फिर स्कूल की जरूरत ही क्यों पड़े?

परंतु हकीकत यह है कि बावजूद तमाम मुसीबतों के 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तिथि सीबीएसई द्वारा घोषित हो चुकी है। 4 मई से 10 जून तक यह परीक्षाएं चलेंगी और इसका परिणाम जुलाई में घोषित करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तैयारी कर ली है।

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कमोबेश इसी से मिलते जुलते डेट्स तमाम राज्यों के बोर्ड भी जल्द ही घोषित कर देंगे।

ऐसे में बच्चों के सर पर एग्जाम का बोझ तो आ ही गया, बेशक उनकी पढ़ाई हुई हो या नहीं! मतलब परीक्षाएं होंगी। हालांकि इसके लिए अभी समय जरूर है, पर अगर आज से ही सजगता नहीं बरती गई, तो इसके परिणाम बहुत बेहतर नहीं आएंगे और इस बात का यकीन जितनी जल्दी से जल्दी कर लिया जाए, तो बेहतर रहेगा!

टाइम टेबल 

जी हां! कहते हैं कि संसार में एक समय ही ऐसी चीज है, जो कभी रुकता नहीं है!  अगर आपने बी.आर. चोपड़ा द्वारा निर्मित महाभारत के एपिसोड देखे हैं, तो उसमें "मैं समय हूं" का मशहूर संवाद अवश्य ही सुना होगा। सच तो यह है कि अगर आप समय की कीमत नहीं समझते हैं, तो सामान्य दिनों में भी आप बहुत अच्छा परिणाम नहीं ला सकते हैं, और हाल फिलहाल तो कोरोना वायरस आपका आधा समय यूं ही निकाल चुका है।

टीचर, ग्रुप स्टडी और दोस्तों के साथ पढ़ाई से आप एक तरह से वंचित हो चुके हैं, इसलिए समय प्रबंधन आवश्यक ही नहीं, अति आवश्यक है। अब टाइम टेबल के अनुसार विषय वाइज पढ़ाई कीजिए और इससे निश्चित रूप से परीक्षा हाल में आपको बेहतर परिणाम दिखेगा।

हेल्थ के बिना कुछ भी ठीक नहीं!

स्कूल जाने पर आप ना चाहते हुए भी काफी कुछ पढ़ लेते थे, शारीरिक भाग दौड़ भी हो ही जाती थी, किंतु लॉकडाउन में और उसके बाद स्कूल नहीं खुलने से आप कहीं आलसी तो नहीं हो गए हैं?

कहीं ऐसा तो नहीं है कि आप अपनी हेल्थ के प्रति लापरवाह हो गए हैं?

खैर, अब सजग हो जाइए!

सुबह जगने से लेकर, नाश्ता, पौष्टिक भोजन और शाम को थोड़ा बहुत टहलने से लेकर, सही समय पर सोना आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

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और हां! सुबह सुबह व्यायाम करने से आपका पूरा दिन तरोताजा रहता है और इससे आप तो बेहतर स्टडी अवश्य कर सकते हैं। एक बार पुनः इस बात को दोहरा लीजिए कि बगैर उत्तम हेल्थ के आपका पढ़ाई में मन ही नहीं लगेगा और किताब खोल कर बेशक आप बैठे रहें, परंतु आपको, आप ही के मन मस्तिष्क द्वारा बेहतर परिणाम नहीं प्राप्त होगा।

पूछिये, ढूँढिये, किंतु भटकिये नहीं!

लॉकडाउन में आप इंटरनेट की मदद लेना तो सीख ही गए होंगे, किंतु इंटरनेट पर कितना भटकाव है, यह भी आप महसूस अवश्य कर चुके होंगे।

पहले आपने सोशल मीडिया इत्यादि पर समय नुकसान किया ही होगा, तमाम गैर जरूरी वीडियोज देखा होगा, दोस्तों के साथ गेम और चैट में समय खराब किया होगा, पर अब यह ना करिए!

आप इंटरनेट की मदद अपनी प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए ज़रूर कीजिए, किंतु समय नुकसान ना हो, उस पर भटकिए नहीं!

इंटरनेट जहां फायदे के लिए इस्तेमाल किया जाता है, वहीं यह आपका समय कितनी जल्दी व्यतीत कर देगा, आपको पता भी नहीं चलेगा। इसीलिए बेहद सजगता के साथ ही इंटरनेट ब्राउजिंग करें और अपने घड़ी की सुईयां देखते रहें। साथ ही इंटरनेट के अलावा भी आप अपने दोस्तों से, अपने टीचर से, अपनी प्रॉब्लम्स का सलूशन प्राप्त करने की कोशिश कर सकते हैं। इसमें तनिक भी हिचकिचाहट पालने की जरूरत नहीं है।

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शांत वातावरण में रिवीजन

जी हां! जिस प्रकार से जिम में एक बॉडीबिल्डर रोज एक ही व्यायाम का अभ्यास करता है, ठीक उसी प्रकार आपको अपने सब्जेक्ट का लगातार अभ्यास करना पड़ेगा, उसका रिवीजन करना पड़ेगा। अगर आप रिवीजन नहीं करेंगे, तो आपका कॉन्फिडेंस, जल्द ही कन्फ्यूजन में बदल जाएगा। वहीं इसका उल्टा भी उतना ही सत्य है।

अगर आप किसी टॉपिक को लेकर कन्फ्यूजन में हैं, तो रिवीजन करने से निश्चित रूप से आपको कॉन्फिडेंस प्राप्त हो जाएगा। हालांकि इसके लिए कोशिश करें कि आपको थोड़ा पीसफुल एनवायरमेंट मिले। टेलीविजन, इंटरनेट और दूसरे म्यूजिक इत्यादि माध्यमों से दूर रहकर एकांत में रिवीजन करने से आप बोर्ड एग्जाम की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकते हैं, इस बात में दो राय नहीं है।

- मिथिलेश कुमार सिंह







सुपर टेट क्या है और इसे कैसे कर सकते हैं?

  •  मिथिलेश कुमार सिंह
  •  जनवरी 20, 2021   17:34
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सुपर टेट क्या है और इसे कैसे कर सकते हैं?

यूपी उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर यानी सहायक अध्यापक बनने के लिए यूपीटेट के साथ सीटेट और सुपर टेट परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। अर्थात तीन-तीन एक्जाम दीजिये और तब कम्पटीशन निकालकर बन जाइए यूपी सरकारी स्कूल के टीचर।

संभवतः आप में से कई लोगों को सुपर टेट का मतलब पता होगा। वैसे बता दें कि यह सरकारी टीचर की जॉब से संबंधित है। टीचर की सरकारी जॉब बहुत सारे लोग करना चाहते हैं, और इसीलिए दिन पर दिन कंपटीशन टफ होता चला गया है। पहले तमाम राज्य टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) यानी टेट नामक परीक्षा देते थे, किंतु टफ कंपटीशन के कारण उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ योगी सरकार ने टीईटी यानी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने के बाद, सुपर टेट नामक एक और परीक्षा देने का नियम जारी किया गया।

इसे ही सुपर टेट कहा जाता है। अब जब भी टीचर की वैकेंसी निकलती है तो सुपर टेट क्वालिफाई करना आवश्यक है, तभी आप यूपी में टीचर बन सकते हैं। बता दें कि टीचर की जॉब के लिए पहले से ही बी.एड. और बी.पी.एड जैसे कोर्स करने पड़ते हैं, तो बीटीसी भी इसी कोर्स का एक हिस्सा है। हालाँकि, सुपर टेट का एग्जाम देने के लिए आपको B.Ed डिग्री के साथ, टेट पास करना अनिवार्य है और तभी आप इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।

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यूपी उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में असिस्टेंट टीचर यानी सहायक अध्यापक बनने के लिए यूपीटेट के साथ सीटेट और सुपर टेट परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। अर्थात तीन-तीन एक्जाम दीजिये और तब कम्पटीशन निकालकर बन जाइए यूपी सरकारी स्कूल के टीचर।

क्या है परीक्षा का पैटर्न?

सुपर टेट में लिखित परीक्षा ली जाती है और 11 नंबर के डेढ़ सौ मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन, यानी बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। इसे आपको ढाई घंटे में सॉल्व करना होता है।

अगर विषय वार इन प्रश्नों को विभाजित किया जाए, तो लैंग्वेज में 40 प्रश्न होते हैं, जिसमें हिंदी, इंग्लिश और संस्कृत शामिल होते हैं।

इसी प्रकार 10 प्रश्न साइंस के, मैथ के 20 प्रश्न, पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन यानी सोशल स्टडीज और एनवायरमेंट के 10 प्रश्न, शिक्षण पद्धति के 10 प्रश्न, बाल मनोविज्ञान के 10 प्रश्न, सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्न, जबकि रिजनिंग के 5 प्रश्न शामिल होते हैं।

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इसके अलावा कंप्यूटर और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के 5 प्रश्न, लाइफ स्किल मैनेजमेंट और एटीट्यूड के 10 प्रश्न शामिल होते हैं, और इस तरीके से कुल 150 प्रश्नों के उत्तर आपको देने पड़ते हैं। जाहिर तौर पर सिलेबस भी इसी कोर्स के अनुसार तय किया जाता है और यह बारहवीं कक्षा के लेवल का सिलेबस माना जाता है।

सुपर टेट एक्जाम की बात करें तो, यूपी बेसिक एजुकेशन बोर्ड, प्राइमरी टीचर और अपर प्राइमरी टीचर एग्जाम को आयोजित करती है। इसकी ऑफिशियल वेबसाइट (http://upbasiceduparishad.gov.in/) पर जानकारी आपको प्राप्त हो जाएगी

निश्चित रूप से टीचर बनने का एग्जाम दिन प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है, और ऐसे में अगर आप सुपर टेट क्वालीफाई करना चाहते हैं, तो आपको लगातार इस मामले में सक्रिय रहना पड़ेगा और अपनी तैयारी को निरंतर जारी रखना पड़ेगा।

अगर आप अपनी तैयारी ठीक ढंग से करते हैं और तमाम विषयों पर अपनी पकड़ बनाते हैं, तो इस बात में कोई दो राय नहीं कि आप सुपर टेट का एग्जाम क्वालीफाई करके एक टीचर बनने की योग्यता हासिल कर लेंगे।

टीचर समूचे समाज का दर्पण होता है और इसलिए कम्पटीशन के इस दौर में सुपर टेट को एग्जाम लिए जाने को योग्यता के परीक्षण में एक और माइलस्टोन बना जा सकता है।

- मिथिलेश कुमार सिंह







साल 2021 में सरकारी नौकरियों की भरमार, जानिये पूरी जानकारी

  •  जे. पी. शुक्ला
  •  जनवरी 15, 2021   17:57
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साल 2021 में सरकारी नौकरियों की भरमार, जानिये पूरी जानकारी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां, जैसे- रेलवे, यूपीएससी, भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, एसएससी, और बैंक जैसे विभिन्न केंद्र सरकार के संगठन विभिन्न भर्ती अधिसूचना जारी कर रहे हैं, जिनके सक्रिय पदों की जानकारी नीचे दी गई लिस्ट से जाँच करके उनके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सरकारी नौकरियां भारत में सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद नौकरियां हैं। जॉब सिक्योरिटी, हैंडसम सैलरी और एक्साइटिंग करियर और ग्रोथ के अवसरों के कारण सरकार की नौकरियों में भारी मांग है। हर साल भारत के प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन, जैसे- भेल, आईओसीएल, एयर इंडिया में अप्रेंटिस, जूनियर इंजीनियर, जूनियर सहायक के उम्मीदवारों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करते हैं। इन भर्ती प्रक्रिया के लिए लाखों उम्मीदवार भाग लेते हैं।

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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां, जैसे- रेलवे, यूपीएससी, भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, एसएससी, और बैंक जैसे विभिन्न केंद्र सरकार के संगठन विभिन्न भर्ती अधिसूचना जारी कर रहे हैं, जिनके सक्रिय पदों की जानकारी नीचे दी गई  लिस्ट से जाँच करके उनके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

CISF भर्ती 2021: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में 690 सहायक उप निरीक्षक रिक्तियों के लिए ऑनलाइन नौकरियां दी गयी हैं। इसमें विभिन्न पदों के लिए cisf.gov.in पर जाकर आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। पात्रता मानदंड, आवेदन शुल्क, चयन प्रक्रिया और अन्य जानकारी इस प्रकार हैं।

सीआईएसएफ भर्ती 2021 में सहायक उप निरीक्षक की वैकेंसी :

पद का नाम: सहायक उप निरीक्षक

पदों की संख्या: 690 

योग्यता: ग्रेजुएट          

जॉब लोकेशन: भारत में कहीं भी

अंतिम तिथि: 5 फरवरी 2021

यूपीएससी भर्ती 2021: नेशनल डिफेन्स अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा के लिए भर्ती अधिसूचना upsc.gov.in पर जारी की गई है। 400 रिक्त पदों का विवरण इस प्रकार है।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा 

पदों की संख्या: 400 

योग्यता: 12 वीं पास

नौकरी का स्थान: आल इंडिया

अंतिम तिथि: 19 जनवरी 2021

एसबीआई भर्ती 2021: बैंकिंग क्षेत्र में कई आगामी पदों के लिए आवेदन करने वाले फ्रेशर्स और अनुभवी उम्मीदवार ऑफ़लाइन / ऑनलाइन आवेदन पत्र के लिए आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर उपलब्ध 552 स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिस जॉब के रिक्त पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिस: 452 रिक्तियां

योग्यता: डिग्री, पीजी

जॉब लोकेशन: भारत में कहीं भी

बीओबी भर्ती 2021: 41 सुरक्षा अधिकारी, फायर ऑफिसर, हेड एनालिस्ट, इनोवेशन ऑफिसर रिक्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन Bankofbaroda.co.in पर कर सकते हैं।  पात्रता मानदंड और अन्य जानकारी का विवरण नीचे दिया गया है।

पद का नाम: सुरक्षा अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी

पदों की संख्या: 32 रिक्तियां

योग्यता: ग्रेजुएट

नौकरी का स्थान: सम्पूर्ण भारत

भारतीय सेना भर्ती 2021: जिन उम्मीदवारों ने अपनी  10 वीं, 12 वीं कक्षा, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक या मास्टर डिग्री पूरी की है, वे वर्तमान भारतीय सेना 2021 के लिए आवेदन पत्र भर सकते हैं। www.joinindianarmy.nic.in. पर जाकर 2021-02-13 या उससे पहले आवेदन करें।

इसके अलावा भारतीय सेना 2020 एनसीसी स्पेशल एंट्री स्कीम 49 वीं कोर्स (अप्रैल 2021) के लिए भर्ती अधिसूचना www.joinindianarmy.nic.in पर जारी की गई है। नीचे दिए गए 55 रिक्तियों के सभी विवरणों की जांच करें और 2021-01-28 पर या उससे पहले आवेदन करें।

रिक्तियां: 55

योग्यता: डिग्री

नौकरी का स्थान: आल इंडिया 

अंतिम तिथि: 28 जनवरी 2021

इसके अलावा आप भारतीय सेना में सोल्जर के लिए 2021-01-23  या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं।

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सेंट्रल रेलवे भर्ती 2021: 258 जूनियर क्लर्क, सीनियर क्लर्क, सीनियर रेजिडेंट के रिक्त पदों के लिए cr.indianrailways.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। पात्रता मानदंड, आवेदन शुल्क, चयन प्रक्रिया और अन्य जानकारी जैसे सभी भर्ती विवरण नीचे दिए गए हैं।

सेंट्रल रेलवे भर्ती 2021 में सीनियर रेजिडेंट की रिक्तियां

पद का नाम: सीनियर रेजिडेंट

पदों की संख्या: 7 रिक्तियां

योग्यता: पीजी डिग्री, एमडी, एमएस, डीएनबी

नौकरी का स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र - भारत

सेंट्रल रेलवे भर्ती 2021 में जूनियर क्लर्क, सीनियर क्लर्क की रिक्तियां

पद का नाम: जूनियर क्लर्क, सीनियर क्लर्क

पदों की संख्या: 251 रिक्तियों

योग्यता: 12 वीं, डिग्री

नौकरी का स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र- भारत

अंतिम तिथि: 19 जनवरी 2021

SSC CGL भर्ती 2021: कर्मचारी चयन आयोग विभिन्न मंत्रालयों / विभागों / संगठनों में 6506 समूह 'बी' और समूह 'सी' पदों को भरने के लिए संयुक्त स्नातक स्तर की परीक्षा, 2021 कंडक्ट करता है। सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी / सहायक लेखा अधिकारी के पद के लिए चयनित उम्मीदवार को इस भर्ती के माध्यम से भरे जाने वाले रिक्त पदों की संख्या के आधार पर पूरे भारत में फैले 6506 कार्यालयों को आवंटित किया जाएगा। इस एसएससी सीजीएल भर्ती के लिए नीचे दिए गए सीधे लिंक का उपयोग करके आवेदन करें।

आयोग का नाम: आयोग कर्मचारी चयन (SSC) 

परीक्षा का नाम: SSC संयुक्त स्नातक स्तर की परीक्षा 2021

रिक्तियों की संख्या: 6506 पोस्ट

पद का नाम: सहायक अनुभाग अधिकारी, सहायक प्रवर्तन अधिकारी, JSO, उप निरीक्षक 

अंतिम तिथि: 31 जनवरी 2021 तक 

आवेदन मोड: ऑनलाइन

नौकरी करने का स्थान: पूरे भारत में 

आधिकारिक वेबसाइट:  www.ssc.nic.in या www.ssconline.nic.in

सरकारी नौकरी की परीक्षा की तैयारी के टिप्स

- परीक्षा के सिलेबस और कठिनाई स्तर की जांच करें

- विषयों को अलग-अलग करें

- स्ट्रांग टॉपिक्स पहले करें

- पिछले साल के प्रश्न पत्र का अध्ययन करें

- मॉक टेस्ट का अभ्यास करें

- कमजोर विषयों की ओर ज्यादा ध्यान दें 

- परीक्षा कक्ष में सकारात्मक और आश्वस्त रहें और पूरे प्रश्न पत्र को ध्यान से देखें

- पहले आसान सवालों को हल करें और फिर मुश्किलों की तरफ बढ़ें

- इसके बाद, कठिन प्रश्नों पर जाएं और आपको जो सही और सटीक लगता है, उनका प्रयास पहले करें। नकारात्मक अंकन होने पर उन प्रश्नों को छोड़ दें जिनके बारे में आप अनिश्चित हैं।

अगर आप इन स्मार्ट रणनीतियों को अपनाते हैं तो इनमें से किसी भी सरकारी परीक्षा को पास करना संभव है। हालांकि, सर्वोत्तम परिणामों के लिए कड़ी मेहनत, रणनीतिक योजना और समय प्रबंधन की आवश्यकता होती है।

- जे. पी. शुक्ला







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