IND vs ENG: इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने जड़ा सीरीज का तीसरा शतक, कई बड़े रिकॉर्ड्स पर किया कब्जा

Joe Root
इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ गुरूवार को यहां तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन चाय तक पहली पारी में तीन विकेट पर 298 रन बनाकर अपनी बढ़त 220 रन की कर ली। चाय के ब्रेक तक कप्तान जो रूट 80 रन बनाकर शतक की ओर बढ़ रहे हैं।

लीड्स। इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ गुरूवार को यहां तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन चाय तक पहली पारी में तीन विकेट पर 298 रन बनाकर अपनी बढ़त 220 रन की कर ली। चाय के ब्रेक तक कप्तान जो रूट 80 रन बनाकर शतक की ओर बढ़ रहे हैं। डेविड मलान (70 रन) के आउट होते ही ब्रेक कर लिया गया जिन्हें मोहम्मद सिराज ने आउट किया। भारत की पहली पारी 78 रन पर सिमट गयी थी।

फार्म में चल रहे कप्तान जो रूट और डेविड मलान ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आसानी से रन जुटाये जिससे इंग्लैंड ने गुरूवार को यहां तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन चाय के ब्रेक तक तीन विकेट पर 298 रन बनाकर 220 रन की बढ़त हासिल कर ली। भारत को नयी गेंद लेने के बाद अपने गेंदबाजों से विकेट लेने की उम्मीद थी, पर उन्हें दूसरे सत्र में एकमात्र सफलता ब्रेक की अंतिम गेंद पर मिली जिसमें मोहम्मद सिराज ने मलान को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट कराया। रूट ने क्रीज पर आते ही तेजी से रन जुटाना शुरू कर दिया। पहले दो टेस्ट में शतक जड़ने वाले रूट ने शमी की आफ स्टंप के बाहर जाती शार्ट लेंथ गेंद को चौके के लिये भेजकर अपना अर्धशतक पूरा किया और ब्रेक तक 80 रन बनाकर श्रृंखला में अपने तीसरे शतक की ओर बढ़ रहे हैं।

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तीन साल में अपना पहला टेस्ट खेल रहे डेविड मलान अच्छी लय को जारी रखते हुए क्रीज पर जम गये थे। पर सिराज की फुल लेंथ गेंद मलान के बल्ले का किनारा चूमती हुई विकेटकीपर के हाथों में चली गयी जिस पर कैच की अपील को अंपायर ने ठुकरा दिया। पर गेंदबाज के कहने पर कप्तान विराट कोहली ने रिव्यू लिया और भारत को तीसरा विकेट मिल गया। उन्होंने 70 रन (11 चौके) बनाये। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिये 139 रन की भागीदारी के दौरान दर्शकों के लिये कई दर्शनीय शॉट खेले। कप्तान से प्रेरणा लेते हुए मलान ने भी अपना अर्धशतक पूरा करने के लिये तेजी से रन बनाये जिसमें उन्होंने शमी की गेंद पर थर्ड मैन पर और प्वाइंट की ओर लगातार दो चौके जमाये। फिर एक रन लेकर सातवां अर्धशतक पूरा किया और दोनों के बीच 100 रन की साझेदारी भी पूरी हुई।

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इस तरह मई 2005 के बाद इंग्लैंड के शीर्ष चार बल्लेबाजों ने घरेलू मैदान पर 50 से अधिक रन जोड़े। भारत ने लंच तक दोनों सलामी बल्लेबाजों को आउट कर दिया था लेकिन इंग्लैंड पर दबाव बनाने के लिये इतना काफी नहीं था। इंग्लैंड ने बिना विकेट गंवाये 120 रन से आगे खेलना शुरू किया और सुबह के सत्र में 62 रन जोड़े जिससे लंच तक पहली पारी में उसका स्कोर दो विकेट पर 182 रन हो गया। भारतीय टीम पहली पारी में 78 रन पर सिमट गयी थी। मोहम्मद शमी भारत के चारों तेज गेंदबाजों में सबसे ज्यादा खतरनाक दिखे, बाकी अन्य को लगातार दूसरे दिन सीम या स्विंग मूवमेंट का फायदा नहीं मिला। शमी ने ‘राउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए खेल के पहले घंटे में रोरी बर्न्स (61 रन, छह चौके, एक छक्का) को बोल्ड किया।

शमी की शानदार गेंद पर बर्न्स ने कवर ड्राइव खेलने का प्रयास किया, पर यह दनदनाते हुए उनके ऑफ स्टंप उखाड़ गयी। इस तरह बर्न्स और हसीब हमीद के बीच पहले विकेट की 135 रन की भागीदारी का अंत हुआ। भारत को दूसरा विकेट रविंद्र जडेजा ने दिलाया जिन्होंने दिन के अपने पहले ही ओवर में हमीद (195 गेंद में 68 रन, 12 चौके) को बोल्ड किया। बायें हाथ के स्पिनर ने अपनी खूबसूरत गेंद पर क्रीज पर जमे हुए हमीद का बड़ा विकेट झटका और यह जडेजा का श्रृंखला में पहला विकेट भी था।

इन झटकों के बावजूद भारत को मैच में वापसी के लिये कुछ विशेष करने का प्रयास करना होगा। भारत के लिये सुबह के सत्र में इशांत शर्मा ने गेंदबाजी शुरू की, हालांकि वह पिच पर सही लाइन एवं लेंथ हासिल करने में जूझते दिखे। भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण स्विंग के बजाय सीम पर ज्यादा निर्भर करता है लेकिन वे पिच से ज्यादा मूवमेंट हासिल नहीं कर सके।

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