हार्दिक पंड्या का अनफिट होना टीम इंडिया के लिए मुसीबत, गौतम गंभीर ने जताई चिंता

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   14:54
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हार्दिक पंड्या का अनफिट होना टीम इंडिया के लिए मुसीबत, गौतम गंभीर ने जताई चिंता

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि ‘आधे फिट’ हार्दिक पंड्या का सही विकल्प नहीं मिलने पर भारतीय टीम में संतुलन नहीं बन सकेगा क्योंकि पंड्या के विकल्प विजय शंकर उतने असरदार नहीं है।

नयी दिल्ली। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि ‘आधे फिट’ हार्दिक पंड्या का सही विकल्प नहीं मिलने पर भारतीय टीम में संतुलन नहीं बन सकेगा क्योंकि पंड्या के विकल्प विजय शंकर उतने असरदार नहीं है। पंड्या इस समय सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर टीम में है और गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं। भारत को आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में छठे गेंदबाज की कमी खली जिसमें भारत को 66 रन से पराजय झेलनी पड़ी।

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दो बार विश्व कप में भारत की जीत के नायक रहे गंभीर ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा ,‘‘ पिछले विश्व कप से ही संतुलन की समस्या देखने को मिल रही है। हार्दिक गेंदबाजी नहीं कर पा रहा है तो आपका छठा गेंदबाज कौन है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘विजय शंकर है लेकिन पांचवें या छठे नंबर पर वह उस तरह से असरदार नहीं है। क्या वह सात या आठ ओवर डाल सकता है। मुझे नहीं लगता।’’

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गंभीर ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे सलामी बल्लेबाज की वापसी पर भी यह समस्या नहीं सुलझने वाली। उन्होंने कहा ,‘‘ आप मनीष पांडे को शामिल करने की बात कर सकते हैं।या रोहित के लौटने पर भी यह समस्या तो रहेगी ही। शीर्ष छह बल्लेबाजों में से कोई भी गेंदबाजी नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ आस्ट्रेलियाई टीम को देखो। मोइजेस हेनरिक्स कुछ ओवर डाल सकता है। सीन एबोट गेंदबाज हरफनमौला है और डेनियल सैम्स भी।





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SLvENG: जो रूट ने जड़ा कॅरियर का 19वां टेस्ट शतक, लंच तक इंग्लैंड का स्कोर 181/4

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   13:42
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SLvENG: जो रूट ने जड़ा कॅरियर का 19वां टेस्ट शतक, लंच तक इंग्लैंड का स्कोर 181/4

श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 381 रन बनाये थे और इस तरह से इंग्लैंड अभी उससे 200 रन पीछे है। लंच के समय रूट 105 रन पर खेल रहे थे। उन्होंने अब तक 153 गेंदें खेली हैं और 14 चौके लगाये हैं।

गॉल। कप्तान जो रूट ने अपने करियर का 19वां टेस्ट शतक जमाया जिससे इंग्लैंड ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के तीसरे दिन रविवार को यहां लंच तक चार विकेट पर 181 रन बनाये। श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 381 रन बनाये थे और इस तरह से इंग्लैंड अभी उससे 200 रन पीछे है। लंच के समय रूट 105 रन पर खेल रहे थे। उन्होंने अब तक 153 गेंदें खेली हैं और 14 चौके लगाये हैं। उनके साथ दूसरे छोर पर जोस बटलर 30 रन बनाकर खेल रहे हैं। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिये अभी तक 49 रन जोड़े हैं। रूट ने तब क्रीज पर कदम रखा था जबकि इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट गये थे और स्कोर दो विकेट पर पांच रन था। इंग्लैंड ने शनिवार को दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट पर 98 रन बनाये थे और तब रूट 67 रन बनाकर खेल रहे थे। विकेट से काफी टर्न मिल रहा था और इसलिए रूट ने रविवार को सुबह अधिक सतर्कता बरती। 

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इंग्लैंड ने पहले सत्र में दो विकेट गंवाये। ये दोनों विकेट बायें हाथ के स्पिनर लेसिथ एम्बुलडेनिया ने लिया। अभी तक इंग्लैंड के चारों विकेट इस स्पिनर ने ही लिये हैं। एम्बुलडेनिया ने सुबह एक छोर से लगातार डेढ़ घंटे तक गेंदबाजी की तथाइस बीच कल के अविजित बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टॉ (28) और डेनियल लॉरेन्स (तीन) को आउट किया। एम्बुलडेनिया ने सुबह छठे ओवर में ही बेयरस्टॉ को दूसरी स्लिप में ओशादा फर्नांडो के हाथों कैच कराया। अंपायर ने अपील ठुकरा दी लेकिन श्रीलंका ने डीआरएस का सहारा लिया और उसका यह फैसला सही साबित हुआ। रूट और बेयरस्टॉ ने तीसरे विकेट के लिये 111 रन की साझेदारी की। लॉरेन्स शुरू से स्पिन गेंदों के सामने जूझते नजर आये। उन्होंने पहली स्लिप में लाहिरू तिरिमाने को कैच दिया। अपना 99वां टेस्ट मैच खेल रहे रूट को स्पिन के सामने कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने दिलरूवान परेरा पर एक रन लेकर लगातार दूसरे टेस्ट मैच में शतक पूरा किया। इंग्लैंड ने पहला टेस्ट मैच सात विकेट से जीता था।





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अंगूठे में फ्रेक्चर के तैयार थे रविंद्र जडेजा, बोले- मैंने पैड पहन लिये थे और इंजेक्शन भी ले लिया था

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   12:37
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अंगूठे में फ्रेक्चर के तैयार थे रविंद्र जडेजा, बोले- मैंने पैड पहन लिये थे और इंजेक्शन भी ले लिया था

स्टार आल राउंडर रविंद्र जडेजा ने बताया कि मैं तैयार था, पैड पहन लिये थे। इंजेक्शन भी ले लिया था। मैं सोच रहा था कि मैं कम से कम 10 से 15 ओवर तक बल्लेबाजी करूंगा और मानसिक रूप से योजना बना रहा था कि पारी कैसे खेलूंगा।

नयी दिल्ली। भारत के स्टार आल राउंडर रविंद्र जडेजा ने शनिवार को कहा कि अंगूठे में फ्रेक्चर के बावजूद वह सिडनी में आस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रा हुए तीसरे टेस्ट के दौरान 10-15 ओवर बल्लेबाजी करने के लिये मानसिक रूप से तैयार थे और उन्होंने इसके लिये दर्दनिवारक इंजेक्शन भी ले लिया था। जडेजा को सिडनी टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए अंगूठे में चोट लग गयी थी जिसके बाद वह छह हफ्ते के लिये क्रिकेट से बाहर हो गये। इससे वह पांच फरवरी से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में नहीं खेल पायेंगे। 

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उन्होंने ‘स्पोर्ट्स टुडे’ से कहा, ‘‘मैं तैयार था, पैड पहन लिये थे। इंजेक्शन भी ले लिया था। मैं सोच रहा था कि मैं कम से कम 10 से 15 ओवर तक बल्लेबाजी करूंगा और मानसिक रूप से योजना बना रहा था कि पारी कैसे खेलूंगा, कौन से शॉट खेलूंगा क्योंकि फ्रेक्चर से दर्द के कारण मेरे लिये सभी तरह के शॉट खेलना संभव नहीं था। ’’ जडेजा ने कहा, ‘‘मैं भी हिसाब लगा रहा था कि तेज गेंदबाजों की गेंदों का सामना कैसे करूंगा, वे मुझे गेंद कहां पिच करेंगे। मैं अपनी भूमिका की योजना बना रहा था कि मैं जब 10-15 ओवर बल्लेबाजी करूंगा तो ऐसा करूंगा। ’’ लेकिन जडेजा को बल्लेबाजी के लिये उतरने की जरूरत हीं नहीं पड़ी क्योंकि रविचंद्रन अश्विन और हनुमा विहारी ने पांचवें दिन 256 गेंद का डटकर सामना किया और यादगार ड्रा कराया। 

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जडेजा ने कहा, ‘‘यहां तक कि मैंने टीम प्रबंधन से भी बात की थी कि मैं सिर्फ तभी बल्लेबाजी करूंगा, अगर भारत उस दहलीज पर पहुंच जाता है, जहां मैच जीता जा सकता है। पुजारा और ऋषभ पंत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, उन्होंने साझेदारी बनायी। हमें यह भी महसूस हुआ कि हम मैच जीत सकते थे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन दुर्भाग्य से, पंत आउट हो गया और इसके बाद हालात बदल गये। हमें इसके बाद ड्रा के खेलना पड़ा। ’’ जडेजा ने कहा, ‘‘अश्विन और विहारी ने जिस तरह से मैच को बचाने के लिये बल्लेबाजी की, उन्होंने बेहतरीन जज्बा दिखाया। जब टेस्ट क्रिकेट की बात आती है तो हमेशा रन बनाना अहम नहीं होता। ऐसे भी हालात होते हैं जब आपको मैच बचाना होता है। इतने सारे ओवर बल्लेबाजी करके जिस तरह से हमने मैच बचाया, यह टीम का शानदार प्रयास था।





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लंबे समय तक बायो बबल में रहकर खेलना काफी मुश्किल, डुप्लेसिस बोले- खिलाड़ी इससे उब जाएंगे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   12:20
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लंबे समय तक बायो बबल में रहकर खेलना काफी मुश्किल, डुप्लेसिस बोले- खिलाड़ी इससे उब जाएंगे

दक्षिण अफ्रीका की टीम अभी दो टैस्ट मैचों और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला के लिये पाकिस्तान में है। पहला टेस्ट मैच 26 जनवरी से कराची में जबकि दूसरा टेस्ट चार फरवरी से रावलपिंडी में खेला जाएगा।

कराची। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस का मानना है कि जैव सुरक्षित वातावरण (बायो बबल) में रहकर क्रिकेट खेलना खिलाड़ियों के लिये जल्द ही बड़ी चुनौती बन सकता है और लंबे समय तक ऐसा करना संभव नहीं होगा। क्रिकेटरों को कोविड-19 महामारी के कारण कड़े दिशानिर्देशों का पालन करना पड़ रहा है। डुप्लेसिस ने वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम समझते हैं कि यह बेहद कड़ा सत्र रहा और कई लोगों को इस चुनौती से जूझना पड़ा लेकिन अगर एक के बाद एक जैव सुरक्षित वातावरण में जिंदगी गुजारनी पड़ी तो यह बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। ’’ 

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दक्षिण अफ्रीका की टीम अभी दो टैस्ट मैचों और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला के लिये पाकिस्तान में है। पहला टेस्ट मैच 26 जनवरी से कराची में जबकि दूसरा टेस्ट चार फरवरी से रावलपिंडी में खेला जाएगा। इसके बाद 11 से 14 फरवरी के बीच लाहौर में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे। डुप्लेसिस ने कहा, ‘‘मुख्य प्राथमिकता क्रिकेट खेलना है। घर में बैठे रहने के बजाय बाहर निकलकर वह काम करना जो हमें पसंद है, इसलिए अब भी यह सबसे महत्वपूर्ण चीज है। लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा समय आएगा जब खिलाड़ी इससे (बायो बबल) उब जाएंगे। ’’

इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि महामारी के कारण कई महीनों तक बनी अनिश्चितता के बाद जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शुरू हुआ तो कई खिलाड़ी लगातार दौरे कर रहे हैं और जैव सुरक्षित वातावरण में अपनी जिंदगी बिता रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप पिछले आठ महीनों के कैलेंडर पर गौर करो तो आप देखोगे कि खिलाड़ियों ने चार से पांच महीने बायो बबल में बिताये हैं जो कि बहुत अधिक है। कुछ खिलाड़ी महीनों तक अपने परिवार से नहीं मिले जो कि चुनौतीपूर्ण हो सकता है।’’ 

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डुप्लेसिस ने कहा, ‘‘मैं अभी अच्छी स्थिति में हूं। मैं अब भी प्रेरित महसूस कर रहा हूं लेकिन मैं केवल अपने बारे में बात कर सकता हूं। मुझे नहीं लगता कि लगातार एक बायो बबल से दूसरे बायो बबल में रहना संभव होगा। मैंने कई खिलाड़ियों को इस बारे में बात करते हुए देखा और सुना है। मुझे नहीं लगता कि यह लंबे समय तक संभव है।





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