न्यूजीलैंड से हारकर भारत की सेमीफाइनल की डगर हुई मुश्किल , बतौर कप्तान फिर नाकाम कोहली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 1, 2021   06:41
न्यूजीलैंड से हारकर भारत की सेमीफाइनल की डगर हुई मुश्किल , बतौर कप्तान फिर नाकाम कोहली

भारत के लिये अब सेमीफाइनल की राह इतनी कठिन हो गई है कि अफगानिस्तान अगर न्यूजीलैंड को हरा देता है तो वह भी दौड़ में बना रहेगा। वह भी तब जब भारत अफगानिस्तान, नामीबिया और स्कॉटलैंड तीनों को हरा दे।

दुबई| कागजों पर दुनिया का सबसे मजबूत भारतीय बल्लेबाजी क्रम न्यूजीलैंड की अनुशासित गेंदबाजी के सामने बुरी तरह बिखर गया और रविवार को ‘करो या मरो’ के मुकाबले में आठ विकेट से हारकर विराट कोहली की टीम आईसीसी टी20 विश्व कप से बाहर होने की कगार पर पहुंच गई है।

पहले मैच में पाकिस्तान से दस विकेट से मिली हार के बाद लगातार दूसरा मैच गंवाने से भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। इसके साथ ही निवर्तमान टी20 कप्तान कोहली की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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कोहली इस टूर्नामेंट के बाद टी20 कप्तानी छोड़ रहे हैं लेकिन इस हार से वनडे कप्तान के तौर पर उनके भविष्य पर भी सवाल उठेंगे। पहले मैच की हार जहां अपमानजनक थी तो न्यूजीलैंड से पराजय भी शर्मनाक रही।

जीत के लिये 111 रन का आसान लक्ष्य कीवी टीम ने 14 . 3 ओवर में हासिल कर लिया। डेरिल मिशेल ने 35 गेंद में 49 रन बनाये जबकि कप्तान केन विलियमसन 31 गेंद में 33 रन बनाकर नाबाद रहे।

भारत के लिये अब सेमीफाइनल की राह इतनी कठिन हो गई है कि अफगानिस्तान अगर न्यूजीलैंड को हरा देता है तो वह भी दौड़ में बना रहेगा। वह भी तब जब भारत अफगानिस्तान, नामीबिया और स्कॉटलैंड तीनों को हरा दे।

बेखौफ बल्लेबाजी टी20 क्रिकेट की पहली शर्त है और भारत के प्रदर्शन में वह कहीं नजर नहीं आई। इतने अहममुकाबले में भारतीय टीम सात विकेट पर 110 रन ही बना सकी। टॉस जीतकर गेंदबाजी का न्यूजीलैंड के कप्तान विलियमसन का फैसला सही साबित हुआ।

भारत के बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले और रन बनाने की भूख उनके भीतर नजर ही नहीं आई। भारत के अधिकांश बल्लेबाज डीप में आसान कैच देकर आउट हुए। भारतीय पारी में 54 डॉट गेंदें रही यानी कुल नौ ओवरों में रन ही नहीं बने। पिच में कोई खराबी नहीं थी लेकिन भारतीय टीम एक बार फिर चयन के मामले में चकमा खा गई।

फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों पर भरोसा नहीं करना टीम प्रबंधन को महंगा पड़ा। भारत के लिये सबसे बड़ा झटका रोहित शर्मा और विराट दोनों का खराब फॉर्म में रहना रहा। मध्यक्रम भी नहीं चल सका और इतने अहम मुकाबले में बतौर बल्लेबाज हार्दिक पंड्या नाकाम रहे।

स्पिन गेंदबाजी को खेलने में महारथी माने जाने वाले भारतीय बल्लेबाज फिरकी के जाल में फंस गए। बायें हाथ के धीमे गेंदबाज मिशेल सेंटनेर ने चार ओवर में सिर्फ 15 रन दिये जबकि लेग स्पिनर ईश सोढी ने चार ओवर में 17 रन देकर दो विकेट लिये।

दोनों ने मिलकर आठ ओवरों में महज 32 रन दिये। भारत का स्कोर आठ ओवर में तीन विकेट पर 40 रन था और पावरप्ले का बल्लेबाज कोई फायदा नहीं उठा सके। ईशान किशन ने ट्रेंट बोल्ट को बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन सेंटनेर ने डीप स्क्वेयर लेग सीमा पर उनका कैच लपक लिया।

केएल राहुल (18) ने दो चौके लगाये लेकिन 16 गेंद क्रीज पर रहने के दौरान वह सहज नहीं दिखे। टिम साउदी की शॉर्ट गेंद पर पूल शॉट खेलने के प्रयास में वह सेंटनेर को कैच दे बैठे। रोहित शर्मा (14) को बैकवर्ड स्क्वेयर लेग पर एडम मिल्ने ने जीवनदान दिया।

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इसके बाद उन्होंने उसे छक्का लगाया। ईश सोढी को हालांकि ऐसा ही शॉट खेलने के प्रयास में वह मार्टिन गुप्टिल को कैच दे बैठे। कोहली को सोढी ने सीमारेखा पर बोल्ट के हाथों लपकवाया। पंड्या और ऋषभ पंत नाकाम रहे।





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