इतना भी खराब नहीं रहा साल 2020, पढ़िये वह घटनाएँ जो सबको खुशियाँ देकर गयीं

इतना भी खराब नहीं रहा साल 2020, पढ़िये वह घटनाएँ जो सबको खुशियाँ देकर गयीं

यही नहीं इस साल के शुरू में जब लोगों को मास्क पहनने को कहा गया तो लोग बड़े अनमने ढंग से उसे लगा रहे थे लेकिन अब मास्क का फैशन-सा दिखता है। हर आयोजन के हिसाब से आपकी ड्रेस से मैच करते मास्क बाजार में उपलब्ध हैं।

साल 2020 सिर्फ बुरी यादें नहीं छोड़ कर जा रहा। इस साल देश ने कुछ उपलब्धियां भी हासिल कीं तो कुछ चीजें ऐसी भी हुईं जोकि लंबे अर्से तक मुसकान के साथ याद की जाएंगी। सोचिये बच्चों को स्कूल से एक दिन की छुट्टी मिल जाये तो वह क्या खुश हो जाते हैं, यही नहीं लंबा वीकेंड आ जाये और ऑफिस नहीं जाना पड़े तो लोग कितने खुश हो जाते थे। लेकिन इस साल कोरोना काल में बच्चे पूरी तरह घर बैठ गये और ऑनलाइन कक्षाएं ही चलीं। यह सही है कि बच्चे अब ऑनलाइन कक्षाओं से उबने लगे हैं लेकिन वह खुश भी बहुत हुए। यही नहीं वर्क फ्रॉम होम मिल जाने से रोजाना ट्रैफिक में फँसने से बचना हो, सुबह जल्दी उठ कर भागना हो, इन सबसे भी लोग इस साल बच गये। ऑफिस के काम के साथ-साथ लोग अपने घर के काम भी निपटाते रहे।

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यही नहीं इस साल के शुरू में जब लोगों को मास्क पहनने को कहा गया तो लोग बड़े अनमने ढंग से उसे लगा रहे थे लेकिन अब मास्क का फैशन-सा दिखता है। हर आयोजन के हिसाब से आपकी ड्रेस से मैच करते मास्क बाजार में उपलब्ध हैं। शादी-विवाह के लिए डिजाइनर मास्क आ गये हैं। कोरोना काल में जिन लोगों की शादी हुई है वह आजीवन अपनी शादी की एलबम मुसकुराते हुए देखेंगे। कोरोना काल ने और भी कई बड़े बदलाव किये जैसे कि शादी-विवाह आदि बड़े सादे ढंग से आयोजित किये जाने लगे और नाममात्र के ही रिश्तेदारों की उपस्थिति इन आयोजनों में रहने लगी। कहीं 50 तो कहीं 100 लोगों के एक साथ उपस्थित रहने की अनिवार्यता से शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों में नाममात्र के रिश्तेदार या करीबी ही आमंत्रित किये जा रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान लोगों के मनोरंजन के माध्यम भी बदल गये। सिनेमाघर बंद हो गये, बार बंद हो गये, पार्क बंद हो गये तो लोग घरों पर ही टीवी के आगे बैठ गये। दूरदर्शन ने रामायण, महाभारत, श्रीकृष्णा आदि पुराने धारावाहिक शुरू किये तो वह काफी हिट हुए और ऐसे में जब शूटिंग बंद होने से विभिन्न धारावाहिकों के नये एपिसोड नहीं आये तो लोग वेब सीरिज आदि देखकर समय बिताने लगे। यही नहीं बड़े पर्दे की फिल्में भी तीसरे पर्दे पर रिलीज होने लगीं हैं। लोगों के पैसे बचने लगे हैं क्योंकि ताजा फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्मों पर सस्ते में उपलब्ध हैं।

कोरोना काल में घरों में लॉकडाउन के दौरान काम वाली बाई ना होने के कारण लोग घरों के काम खुद ही करते नजर आये, टाइम पास के लिए सभी परिजन मिलकर लूडो, कैरम बोर्ड आदि खेल खेलने लगे और अधिकांश ऑफिस अब भी बंद होने के कारण अब वर्क फ्रॉम होम भारत में एक स्थापित संस्कृति बन गया है। ऑनलाइन शॉपिंग ऐसा चलन बन गया है जोकि सामान्य दुकानों से खरीदारी की जगह ले चुका है और छोटे-छोटे दुकानदार भी होम डिलिवरी सुविधा शुरू कर चुके हैं। यही नहीं डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत काफी आगे बढ़ चला है। इतना आगे बढ़ चला है कि यदि सरकारें तेजी से प्रयास करतीं तो भी अब तक की स्थिति में पहुँचने में दो-तीन साल लग जाते।

साल 2020 में इसरो और डीआरडीओ ने जहाँ भारत के लिए नये कीर्तिमान स्थापित किये, भारत को रक्षा क्षेत्र में, अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से तेजी से कदम उठाये गये वहीं राफेल विमानों के आने से भारतीय वायुसेना की ताकत में भी अपार इजाफा हुआ। देश के सामाजिक तानेबाने को वर्षों तक परेशान किये रहे अयोध्या मुद्दे का हल तो 2019 में निकल गया था लेकिन अगस्त 2020 में तब यह पूरी तरह सुलझ गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। सभी धर्मों के लोगों ने इसका स्वागत कर भारत की एकता को दर्शाया। यही नहीं भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद के नये भवन के लिए भी दिसंबर 2020 में भूमि पूजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किये गये भूमि पूजन के दौरान सर्वधर्म प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया।

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बहरहाल, 2020 जाते-जाते हम सभी को स्वच्छता का जो संदेश देकर गया है वह अभूतपूर्व है। यकीनन लोग अपनी खुद की सफाई रखने और अपने आसपास भी सफाई रखने के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुके हैं। बस इस जागरूकता को बनाये रखने और इसका प्रसार करते रहने की जरूरत है। साल 2020 जाते-जाते यह भी दिखा गया कि भारत जब एक होकर लड़ता है तो विजय निश्चित होती है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जिस तरह देश ने एक होकर इसका मुकाबला किया वही कारण है कि दुनिया के बड़े देश जहाँ अब भी इस महामारी के कहर का सामना कर रहे हैं वहीं भारत में इस पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। इससे पहले शायद ही हमारी आज की पीढ़ी ने विरोधी विचारधारा वाली केंद्र तथा राज्य सरकारों की ऐसी एकजुटता देखी होगी जो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देखी गयी। यही नहीं हमारे वैज्ञानिक रिकॉर्ड समय में कोरोना की वैक्सीन भी तैयार कर चुके हैं। इसके अलावा पूरी दुनिया ने इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भारत के आयुर्वेदिक तत्वों का सहारा लेकर भारत की इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति के प्रति वैश्विक मान्यता सिद्ध कर दी है।

-नीरज कुमार दुबे