ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स क्या है? इसमें भारत ने कितनी प्रगति की है? वर्तमान रैंकिंग क्या है?

ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स क्या है? इसमें भारत ने कितनी प्रगति की है? वर्तमान रैंकिंग क्या है?

देखा जाए तो पिछले सात वर्षों में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) में भारत की रैंकिंग निरंतर सुधर रही है। इससे नवाचार व नवोन्मेष आधारित ज्ञान-विज्ञान और विकास के क्षेत्र में दुनिया अब भारत का लोहा मानने लगी है।

व‌र्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूआईपीओ) प्रति वर्ष ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) जारी करता है, जिससे नवाचारों व नवोन्मेष के क्षेत्र में विभिन्न देशों की ताजा हैसियत का पता चलता है। कहना न होगा कि भारत में वर्ष 2014 में सत्तारूढ़ हुई नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने शुरुआती दिनों से ही देश में नवाचार व नवोन्मेष को बढ़ावा दिया है, जिसका असर अब व्यवस्था के हर स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।  

देखा जाए तो पिछले सात वर्षों में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) में भारत की रैंकिंग निरंतर सुधर रही है। इससे नवाचार व नवोन्मेष आधारित ज्ञान-विज्ञान और विकास के क्षेत्र में दुनिया अब भारत का लोहा मानने लगी है। इस वर्ष विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) द्वारा जारी किए गए वैश्विक नवाचार सूचकांक (ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2021) की रैंकिंग में बीते साल के मुकाबले भारत दो पायदान और ऊपर चढ़कर 46वें स्थान पर विराजमान हो चुका है। जबकि ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2020 में उसकी रैंकिंग 48 वें स्थान पर थी। इस प्रकार सिर्फ एक साल में 2 अंक ऊपर चढ़ने बड़ी बात है। यह हर किसी के लिए खुशी की बात है।

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बताते चलें कि जीआईआई रिपोर्ट डब्ल्यूआईपीओ द्वारा पोर्तुलान्स इंस्टीट्यूट के साथ साझेदारी में कॉर्पोरेट नेटवर्क भागीदारों, जैसे कि भारतीय इंडस्ट्रियल परिसंघ, ब्राजीलियन नेशनल इंडस्ट्री, कोलंबियन इकोपेट्रोल ग्रुप और तुर्की एक्सपोर्टर सभा के सहयोग से प्रकाशित की जाती है। समझा जाता है कि बीते कुछ सालों में जीआईआई ने खुद को विभिन्न सरकारों के लिए एक पॉलिसी टूल के तौर पर स्थापित किया है। डब्ल्यूआइपीओ ने भी कहा है कि यह इंडेक्स दुनियाभर की सरकारों के लिए अपने यहां सामाजिक एवं आर्थिक बदलावों को समझने का आधार बना है। 

# जीआईआई में भारत ने लगाई लंबी छलांग, तेजी से बढ़ी इसकी रैंकिंग 

जीआईआई के मुताबिक, भारत सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सेवाओं के एक्सपोर्ट में दुनिया में सबसे आगे है। इसकी रिपोर्ट में भारत की परिष्कृत सेवाओं को विकसित करने में सफल करने की भी बात कही गई है। उल्लेखनीय है कि ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) में पिछले कई वर्षों में भारत एक बढ़ते हुए प्रक्षेपवक्र (स्टार्ट अप) को आगे बढ़ाने पर सफल रहा है, इसलिए आज वो इस मुकाम पर कायम है और आगे भी ऊपर चढ़ने की उसकी संभावनाएं बरकरार है। 

देखा जाए तो जो भारत इससे पहले साल 2015 में 81वें स्थान पर था, वह अब साल 2021 में आगे की ओर बढ़कर 46वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि 2020 में वह 48 वें स्थान पर था। वहीं, साल 2021 में भारत निम्न-मध्यम आय वर्ग में दूसरे स्थान पर है। जबकि, 2019 और 2020 में इसने अपने इनकम ग्रुप में भी तीसरा स्थान हासिल किया था।  

केंद्र सरकार भी मानती है कि सिस्टम में लगातार सुधार से जीआईआई रैंकिंग को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। जीआईआई रैंकिंग में लगातार सुधार विशाल ज्ञान पूंजी, स्टार्ट-अप और सार्वजनिक और निजी अनुसंधान संगठनों द्वारा किए गए अद्भुत काम के कारण था। परमाणु ऊर्जा विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग और अंतरिक्ष विभाग जैसे वैज्ञानिक विंग ने भी राष्ट्रीय नोवशन इकोसिस्टम को समृद्ध करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस बात में कोई दो राय नहीं कि मोदी सरकार के पिछले सात सालों में भारत ने इस सूचकांक में जबरदस्त तरक्की की है। व‌र्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूआईपीओ) की ओर से जारी इंडेक्स से स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में इस इंडेक्स में भारत लगातार अपनी स्थिति में सुधार कर रहा है, जो गर्व की बात है। वहीं, भारतीय नीति आयोग ने भी माना है कि महामारी के अभूतपूर्व संकट से निपटने में हमारे लिए इनोवेशन अग्रिम हथ‍ियार की तरह रहा और देश में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने में भी इसकी अहम भूमिका है। वहीं, डब्ल्यूआईपीओ के अनुसार, यह रैंकिंग सरकारी एवं निजी शोध संस्थानों द्वारा शानदार काम और बेहतर स्टार्टअप इकोसिस्टम का स्पष्ट प्रमाण है। खासकर परमाणु ऊर्जा विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बायोटेक्नोलाजी विभाग एवं अंतरिक्ष विभाग जैसे वैज्ञानिक विभागों ने भारत के नेशनल इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

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बताया जा रहा है कि जीआईआई रैंकिंग में लगातार सुधार विशाल ज्ञान पूंजी, जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और सार्वजनिक व निजी अनुसंधान संगठनों की तरफ से किए गए शानदार काम की वजह से सुधार आया है। भारत पिछले कई सालों में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) में लगातार आगे बढ़ने वाले देशों में अग्रगण्य रहा है। उसकी जीआईआई रैंकिंग में लगातार सुधार विशाल ज्ञान पूंजी, जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और सार्वजनिक व निजी अनुसंधान संगठनों की तरफ से किए गए शानदार काम की वजह से आया है। 

वहीं, इनोवेशन में परमाणु ऊर्जा विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और जैव प्रौद्योगिकी विभाग और अंतरिक्ष विभाग ने भी बहुत अहम भूमिका निभाए हैं। इन सबने मिलकर देश के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया। भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग, विज्ञान एवं तकनीक विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग और अंतरिक्ष विज्ञान विभाग ने राष्ट्रीय नवाचार माहौल को काफी बेहतर बना दिया है। स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल तैयार करने और नवाचार को बढ़ावा देने में भारत लगातार सुधार कर रहा है। 

संगठन के मुताबिक, भारत की रैंकिंग 2015 के बाद से ही तेज रफ्तार से बढ़ रही है। यह सुधार स्टार्टअप के लिए अनुकूल माहौल बनाने सरकारी व निजी संगठनों की ओर से शोध पर जोर दिए जाने से आया है। उसकी इस रिपोर्ट से दुनियाभर के देशों की सरकारों को अपने यहां नवाचार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसका मूल उद्देश्य नए विचारों और तकनीकों को सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों एवं बदलावों में शामिल करना है। जीआईआई की रिपोर्ट को सरकारें अपनी नीतियों को सुधारने का जरिया मानती हैं, जो मौजूदा स्थिति में बदलाव करने में मदद करता है।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार






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