Health Tips: सेंधा नमक का बढ़ता Trend बना थायराइड का कारण, जानें Doctors की क्या है राय

आयोडाइज्ड नमक हमारी बॉडी में थायराइड ग्लैंड को सही तरीके से काम करने में सहायता करता है। बॉडी में आयोडीन की कमी होने पर थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। जिस कारण मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
नमक हम सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। भारतीय रसोई में नमक के बिना खाने की कल्पना करना बहुत मुश्किल है। पिछले कुछ सालों में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लोग सेंधा नमक को ज्यादा नेचुरल और मिनरल्स से भरपूर मानकर अपने डाइट में शामिल कर रहे हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक सेंधा नमक और आयोडाइज्ड नमक के बीच सबसे बड़ा अंतर 'आयोडीन' का है।
आयोडाइज्ड नमक हमारी बॉडी में थायराइड ग्लैंड को सही तरीके से काम करने में सहायता करता है। बॉडी में आयोडीन की कमी होने पर थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। जिस कारण मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। जिस कारण वजन बढ़ना, कब्ज, बालों का झड़ना और ज्यादा ठंड लगने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। सेंधा नमक के बढ़ते क्रेज की वजह से हाल ही के दिनों में 'हाइपोथायरायडिज्म' के मामलों में तेजी देखी गई है।
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आयोडीन की भूमिका
हमारे शरीर की कोशिकाओं के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने के लिए आयोडीन बहुत जरूर है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर डाइट में आयोडीन युक्त नमक की कमी होती है, तो थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाएगी। जिस कारण शरीर के सभी सेल्स का फंक्शन धीमा पड़ जाता है। इस वजह से लोग सुस्ती और थकान महसूस करने लगते हैं।
मिनरल्स की वास्तविकता
लोगों को लगता है कि सेंधा नमक मिनरल्स का खजाना होता है। लेकिन जितना मिनरल्स आपको सेंधा नमक से मिलता है, उतना आप आसानी से सामान्य बैलेंड डाइट, सीड्स और नट्स से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही सेंधा नमक से मिनरल्स पाने के चक्कर में आप इसका ज्यादा सेवन करते हैं, तो हाई बीपी का जोखिम बढ़ सकता है।
बढ़ते जोखिम
जैसे-जैसे रिफाइंड नमक छोड़सकर लोग पूरी तरह से सेंधा नमक पर निर्भर हो रहे हैं। वैसे-वैसे हाइपोथायरायडिज्म के मामलों में बढ़त देखी जा रही है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के आयोडीन को अपनी डाइट में पूरी तरह बाहर नहीं करना चाहिए।
क्या करना चाहिए
बता दें कि दोनों नमकों के अपने फायदे हैं। लेकिन संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक्सपर्ट के मुताबिक सेंधा नमक का सेवन कभी-कभी और सीमित मात्रा में करना चाहिए। लेकिन रोजाना के लिए आयोडीन युक्त नमक को प्राथमिकता दें। अगर आपको भी थायराइड की समस्या है, तो नमक के खुराक में बदलाव करने से एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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