यौन शोषण के आरोपों से घिरे अमेरिका के साउदर्न बैपटिस्ट चर्च

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मूरे ने कहा, ‘‘संप्रदाय में प्रत्येक धर्मसंघ अपना कामकाज खुद चलाता है। कोई बिशप नहीं होता। कोई निरीक्षक नहीं होता। लेकिन कोई भी चर्च की स्वायत्तता को आड़ नहीं बना सकता।’’

शिकागो। अमेरिका का सबसे बड़ा प्रोटेस्टेंट संप्रदाय साउदर्न बैपटिस्ट कन्वेंशन यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहा है। एक रिपोर्ट में साल 1998 से लेकर अब तक सैकड़ों दोषियों और 700 से अधिक पीड़िताओं का खुलासा किया गया है। टेक्सास के दो समाचार पत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 380 चर्च नेताओं और स्वयंसेवकों ने यौन शोषण के आरोपों का सामना किया। इनमें से ज्यादातर अपराध तीन साल तक के बच्चों के साथ हुआ। अखबार ने कहा कि कुछ आरोपी अब भी साउदर्न बैपटिस्ट चर्चों में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के जवाब में चर्च के अधिकारियों ने माना कि पीड़ितों की संख्या ज्यादा हो सकती है और उन्होंने पीड़ितों से आगे आने का अनुरोध किया।

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इन खुलासों से संप्रदाय की छवि को काफी खतरा है। इस संप्रदाय के करीब 47,000 चर्च हैं और 1.5 करोड़ सदस्य हैं। कैथोलिक चर्च भी इसी तरह के खुलासों का सामना कर रहा है। कन्वेंशन की कार्यकारी समिति के प्रवक्ता रोजर ओल्डहैम ने कहा कि साउदर्न बैपटिस्ट संगठन की ओर से व्यापक प्रतिक्रिया अगले सप्ताह आ सकती है जब अध्यक्ष जे डी ग्रीअर यौन शोषण अध्ययन पर जानकारी देंगे जो उन्होंने पिछली गर्मियों में किया था। वेटिकन के विपरीत साउदर्न बैप्टिस्ट कन्वेंशन चर्चों को स्वायत्तता से चलाने की अनुमति देता है और अपने मंत्रियों को नियुक्त करता है जिन्हें ब्रह्मचारी होने और कर्मचारियों की नियुक्ति करने की जरुरत नहीं होती।

मूरे ने कहा, ‘‘संप्रदाय में प्रत्येक धर्मसंघ अपना कामकाज खुद चलाता है। कोई बिशप नहीं होता। कोई निरीक्षक नहीं होता। लेकिन कोई भी चर्च की स्वायत्तता को आड़ नहीं बना सकता।’’ रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो दशकों में कम से कम 35 मामलों में आरोपी एक चर्च छोड़कर दूसरे में काम करने लग गया। कुछ मामलों में धर्मसंघ को यौन शोषण के बारे में पता था। गौरतलब है कि पोप फ्रांसिस ने पिछले सप्ताह स्वीकार किया था कि पादरियों और बिशप ने नन्स का भी यौन शोषण किया।

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