दुनिया की आलोचना के बीच PM Netanyahu को भारत में दिखी उम्मीद, बोले- India का Support सबसे मजबूत

Benjamin Netanyahu
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । May 29 2026 11:48PM

बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा भारत को अपना सबसे बड़ा समर्थक बताना दोनों देशों के बीच गहरे होते राजनयिक रिश्तों को उजागर करता है। यह दोस्ती अब सीमित क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा, साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीक में एक व्यापक रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के रूप में विकसित हो चुकी है।

भारत और इजराइल के रिश्ते लगातार मजबूत होते नजर आ रहे हैं। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में इजराइल की आलोचना हो रही है, लेकिन भारत आज भी इजराइल के साथ मजबूती से खड़ा दिखाई देता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार बेंजामिन नेतन्याहू ने पश्चिमी तट में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान भारत की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत में इजराइल के प्रति लोगों का समर्थन बेहद मजबूत है। नेतन्याहू ने मजाकिया अंदाज में कहा कि भारत में इजराइल के लिए “पागलों जैसा प्यार” देखने को मिलता है और उनके सबसे ज्यादा समर्थक भी भारत में ही हैं।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत और इजराइल के संबंध कई क्षेत्रों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, कृषि, तकनीक, साइबर सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2026 में इजराइल की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को “शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी” का नाम दिया था। इस यात्रा को भारत और इजराइल के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी। दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक, साइबर सुरक्षा, अर्धचालक निर्माण, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा, जल प्रबंधन, वित्तीय तकनीक और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

मौजूद जानकारी के अनुसार दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते भी हुए थे। इनमें शिक्षा, कृषि, मत्स्य पालन, वित्तीय तकनीक, व्यापार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक से जुड़े समझौते शामिल थे।

गौरतलब है कि नवंबर 2025 में भारत और इजराइल के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था। इसके बाद दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला लिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में इजराइल भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार बन चुका है।

दोनों देशों ने उभरती और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाने के लिए अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर नई पहल शुरू करने पर भी सहमति जताई थी। इसके अलावा भारत की एकीकृत भुगतान प्रणाली को इजराइल की तेज भुगतान व्यवस्था से जोड़ने की संभावना पर भी चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान को और आसान बनाया जा सकेगा।

बता दें कि भारत और इजराइल के रिश्तों में पिछले एक दशक में तेजी से बदलाव आया है। पहले जहां दोनों देशों का सहयोग सीमित क्षेत्रों तक था, वहीं अब यह रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के रूप में विकसित हो चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती वैश्विक राजनीति और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत और इजराइल की नजदीकी आने वाले समय में और बढ़ सकती है। खासकर रक्षा, साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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