युद्ध के बीच ट्रंप ने लगाई बिजनेसमैन वाली बुद्धि, खाड़ी देशों से वसूलेंगे लगान

हमलों का सिलसिला नहीं रुक पा रहा है और अलग-अलग ठिकानों पर हिजबुल्ला अटैक किया गया है। इधर मिडिल ईस्ट में जैसे-जैसे जंग बढ़ती जा रही है, हमले और भी भीषण होते जा रहे हैं। वाकई में और अब अमेरिका ने ईरान को 2000 पाउंड यानी 900 किलो से ज्यादा के बम से दहला कर रख दिया है। क्योंकि इस वाहन में नतांज परमाणु संयंत्र जैसे बड़े परमाणु केंद्र और कई सैन्य बेस मौजूद हैं।
ईरान के साथ जारी जंग के एक महीने से ज्यादा अभी बीत चुका है। अब ट्रंप चौधरी के बजाय बिजनेसमैन वाली बुद्धि से जंग को खत्म करने की कोशिश में है। क्योंकि अमेरिका इस वॉर में अब तक करीब 35 अरब डॉलर फूंक चुका है। तो अब इसकी भरपाई ट्रंप खाड़ी देशों से चाहते हैं। मतलब ट्रंप अब वॉर के साथ-साथ वसूली मोड़ में भी आ गए हैं। इसका खुलासा भी खुद वाइट हाउस की तरफ से किया गया है। इशारा साफ है। ट्रंप अपना पैसा दूसरे की हिफाजत में यूं ही नहीं फूंक रहे हैं क्योंकि युद्ध में अमेरिका का $35 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हो चुका है। पेंटागन के मुताबिक रोजाना $1 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हो रहा है। जंग में खर्च के अलावा अमेरिका अपने फाइटर जेट्स रडार अवाक्स विमान तक का नुकसान करा चुका है। और अब ट्रंप का नुकसान की भरपाई सऊदी अरब, कुवैत, यूएई, बहरीन, इराक और क़तर से करवाने के मूड में है। साउथ लेबिनान में भी आईजीएफ के भयंकर अटैक के इनपुट सामने आ रहे हैं। हिजबुल्ला के ठिकानों पर अटैक किया गया है। हिजरल के हमले में भारी तबाही मची है। तस्वीरें देखिए। हिजबुल्ला के ठिकानों को किस तरीके से लगातार टारगेट किया जा रहा है। यहां पर एक बड़े अटैक को अंजाम दिया गया। तस्वीरें सामने आ रही है। चारों तरफ तबाही का मंसर है। धुएं का गुबार है। हमलों का सिलसिला नहीं रुक पा रहा है और अलग-अलग ठिकानों पर हिजबुल्ला अटैक किया गया है। इधर मिडिल ईस्ट में जैसे-जैसे जंग बढ़ती जा रही है, हमले और भी भीषण होते जा रहे हैं। वाकई में और अब अमेरिका ने ईरान को 2000 पाउंड यानी 900 किलो से ज्यादा के बम से दहला कर रख दिया है। क्योंकि इस वाहन में नतांज परमाणु संयंत्र जैसे बड़े परमाणु केंद्र और कई सैन्य बेस मौजूद हैं।
इसे भी पढ़ें: 'जाओ, अपना तेल खुद हासिल करो; होर्मुज़ की सुरक्षा हमारा काम नहीं', ईरान युद्ध के बीच सहयोगियों पर बरसे ट्रंप
ऐसे में अमेरिका इस हमले के जरिए ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना चाहती है। अब अमेरिका ने जब इस वाहन पर इतने बड़े बंकर बम से हमला किया तो वहां हुए धमाकों की गूंज धूप तक सुनाई दी है। इस वाहन के हथियार डिपो को पूरी तरह नष्ट करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया। हमले से जुड़ी हुई तस्वीरें राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी शेयर की। 24 घंटे पहले ट्रंप ने ईरान को धमकी भी दी कि अगर ईरान नहीं झुका तो जोरदार हमले किए जाएंगे। इधर युद्ध में अमेरिका के बेतहाशा हो रहे खर्च को लेकर अमेरिकी जनता तो ट्रंप के खिलाफ हो ही चुकी है। अब अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेक्सेट पर ईरान की वॉर से पैसा बनाने की कोशिश करने के आरोप लगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक ब्रोकर के माध्यम से पीठ डिफेंस ईटीएफ में एक बड़ा निवेश कराने के चक्कर में थे। जिसके बाद माना जा रहा है कि पीठ को ईरान युद्ध की पूरी जानकारी थी। वो जानते थे कि युद्ध होते ही रक्षा उत्पादन बढ़ेगा और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयर चढ़ जाएंगे। इसीलिए वह अपने एक ब्रोकर के जरिए ब्लैक रॉक नाम की एक निवेश कंपनी से एक डिफेंस यूनिट में निवेश कराने वाले थे। जिसका साफ मतलब है कि वो ब्रोकर और फीड दोनों को ही ईरान युद्ध की पूरी जानकारी थी और वह आपदा आने से पहले इसमें अवसर तलाश चुके थे।
इसे भी पढ़ें: 'ईरान को 'पाषाण युग' में धकेलेंगे', Donald Trump का युद्ध खत्म करने का अल्टीमेटम
हालांकि पेंटागन ने इस मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत करार दे दिया है। पेंटागन के प्रवक्ता शन पानेल के मुताबिक यह आरोप पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत है। ना तो सचिव हेक्ससेथ और ना ही उनके किसी प्रतिनिधि ने ब्लैक रॉक्स से ऐसे किसी निवेश के बारे में संपर्क किया था। वॉर पर ईरान की जो रेड क्रसेंट है उसकी रिपोर्ट सामने आई है। हमले में 90 हजार घर तबाह हो चुके हैं। 300 से ज्यादा हेल्थ सेंटर्स बर्बाद हो चुके हैं। हमलों में 760 स्कूल्स तबाह हो चुके हैं। 300 से ज्यादा हेल्थ सेंटर्स को नुकसान पहुंचा। वो बर्बाद हो गया और स्कूल्स की संख्या 760 है जिनको नुकसान पहुंचा। दुबई में कुवैत के ऑयल टैंकर पर ईरानी ड्रोन से अटैक किया है और इसके बाद टैंकर के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचने के साथ आगे टैंकर में 20 लाख बैरल तेल भरा था। यह हमला तब होता है जब ऑयल टैंकर अलसाल दुबई में जिबेल अली बंदरगाह पर मौजूद था। हालांकि हमले के बाद लगी आग को बुझा लिया गया है।
अन्य न्यूज़














