Strait of Hormuz Crisis: बहरीन ने सुरक्षा परिषद में टाला मतदान, रूस-चीन के विरोध से फंसा पेंच

Bahrain
ANI
रेनू तिवारी । Apr 4 2026 8:33AM

खाड़ी देश बहरीन, जो इस माह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता संभाल रहा है, ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर पेश किए गए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान फिलहाल टाल दिया है।

खाड़ी देश बहरीन, जो इस माह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता संभाल रहा है, ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर पेश किए गए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान फिलहाल टाल दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य विश्व के इस सबसे अहम जलमार्ग को फिर से सुचारू रूप से खोलना और वहां ईरान के बढ़ते प्रभुत्व को चुनौती देना था। संयुक्त राष्ट्र के दो वरिष्ठ राजनयिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परिषद की बैठकें गोपनीय होने के कारण इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अब इस पर मतदान अगले सप्ताह होने की संभावना है।

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हालांकि, रूस और चीन के कड़े विरोध के कारण पहले ही इस प्रस्ताव की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे थे। बहरीन प्रायोजित इस मसौदा प्रस्ताव को शनिवार को मतदान के लिए पेश किए जाने की उम्मीद थी जिसमें केवल रक्षात्मक कदमों की अनुमति देने का प्रावधान है, जबकि शुरुआत में खाड़ी देश और अमेरिका आक्रामक कार्रवाई के पक्ष में थे।

प्रस्ताव का मकसद इस अहम जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। बहरीन ने सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों से समर्थन जुटाने की कोशिश की, लेकिन मतदान टलने से स्पष्ट है कि यह मसौदा अब भी रूस और चीन को स्वीकार्य नहीं है।

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क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तेल मार्ग है।

दुनिया के कुल कच्चे तेल के परिवहन का लगभग 20% से अधिक हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है।

ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा मार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।

आगे की राह

शनिवार को होने वाला मतदान अब अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। बहरीन इस बीच अन्य सदस्य देशों के साथ मध्यस्थता कर रहा है ताकि किसी ऐसे समझौते पर पहुँचा जा सके जो सुरक्षा परिषद में पारित हो सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के कड़े रुख के बीच बिना बड़े समझौतों के इस प्रस्ताव का भविष्य धुंधला नजर आ रहा है। 

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