क्या श्रीलंका जैसे हो जाएंगे बांग्लादेश के हालात ? पड़ोसी मुल्क के पास 5 महीने का ही विदेशी मुद्रा भंडार !

Sheikh Hasina
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रिपोर्ट्स के मुताबिक़, बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार धीरे-धीरे ख़ाली हो रहा है और अगर इसी तरह ख़ाली होता रहा तो 5 महीनों तक ही आयात का खर्च वाहन किया जा सकता है। बांग्लादेश के पास अभी 42 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है मगर आईएमएफ लगातार बांग्लादेश को इसकी सही गणना करने के लिए कह रहा है।

नयी दिल्ली। भारत का पड़ोसी मुल्क श्रीलंका अपनी आजादी के बाद के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है और ऐसे में बांग्लादेश में भी चिंता बढ़ गई है। क्योंकि बांग्लादेश भी श्रीलंका की राह में आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों मुल्कों ने चीन से भारी कर्जा ले रखा है और तो और बांग्लादेश की मुद्रा में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है। यह तो सभी जानते ही हैं कि श्रीलंका की मौजूदा परिस्थिति के लिए भारी कर्जा भी जिम्मेदार है। 

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बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, बांग्लादेश में जिस तेज़ी के साथ आयात ख़र्च बढ़ा है उस हिसाब से निर्यात से होने वाली आमदनी में बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। इस वजह से व्यापार घाटा बढ़ा है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव की आशंका है। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ वक़्त से व्यापार घाटा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जिसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है।

विदेशी मुद्रा भंडार की कमी ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार धीरे-धीरे ख़ाली हो रहा है और अगर इसी तरह ख़ाली होता रहा तो 5 महीनों तक ही आयात का खर्च वाहन किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश के पास अभी 42 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है मगर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) लगातार बांग्लादेश को इसकी सही गणना करने के लिए कह रहा है और अगर बांग्लादेश ने विदेशी मुद्रा भंडार की सही गणना की तो माना जा रहा है कि 7 अरब अमेरिकी डॉलर की कमी हो सकती है।

इसी बीच विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने बांग्लादेश की तुलना श्रीलंका से नहीं करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की आमदनी का मुख्य आधार पर्यटन है और इस पर कोरोना महामारी के दौरान बहुत खराब असर पड़ा है। जबकि बांग्लादेश की विदेशी मुद्रा की आमदमी का मुख्य आधार निर्यात और विदेशों में रहने वाले बांग्लादेशियों की तरफ से भेजा गया पैसा है। जिसकी वजह से विदेशी मुद्रा की आज काफी ज्यादा बढ़ी है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान विदेश में रहने वाले बांग्लादेशियों ने 25 बिलियन डॉलर की रकम भेजी। जबकि देश का सालाना निर्यात 40 बिलियन डॉलर से भी ऊपर है। 

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अगर बांग्लादेश को निर्यात से 40 बिलियन डॉलर की कमाई हो रही है तो फिर विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने से बच सकता है। भले ही आयात में वृद्धि क्यों न दर्ज की जा रही हो। लेकिन मौजूदा समय में बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार ने सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा कम जरूरी परियोजनाओं के अस्थायी निलंबन पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि भविष्य में संकट के बादल मंडराए इससे पहले ही शेख हसीना सरकार इन हालातों से उबरने के लिए और भी ज्यादा सख्त कदम उठा सकती है।

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