हिंदुओं पर बांग्लादेश के ने पीएम का बड़ा ऐलान, हिले कट्टरपंथी!

Bangladesh
ANI
अभिनय आकाश । Feb 20 2026 10:45AM

तारिक रहमान ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ऐसे वक्त में आई है जब देश अस्थिर अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और कमजोर कानून व्यवस्था से झूंझ रहा है। उन्होंने 180 दिन का एक मास्टर प्लान भी पेश किया है और हर मंत्रालय को तय समय सीमा में कार्य योजना लागू करने के निर्देश भी दे दिए हैं। कानून व्यवस्था सुधारना।

बांग्लादेश के नए पीएम तारिक रहमान ने हिंदुओं को लेकर एक ऐसा बयान दिया जिसने यूनुस के साथ-साथ कट्टरपंथियों के परखच्चे उड़ा दिए हैं। बांग्लादेश में बीएनपी की जीत के बाद से ही तारिक रहमान ने जो कुछ भी कहा वो कहने के लिए मात्र नहीं है और उससे यह भी साफ है कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते सुधारने के संकेत दे रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ भारत की ओर से भी जिस तरह की पहल की जा रही है, वह भी इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि जल्द दोनों देशों के बीच फिर से संबंध मजबूत होने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लेटर नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे तारिक रहमान तक पहुंचता है। उन्हें दिल्ली आने का न्योता दिया जाता है। फोन पर बातचीत होती है। यह सब जो घटनाक्रम हुए इन सब ने बांग्लादेश और भारत के बीच में जो माहौल था उसे थोड़ा बदलने की कोशिश जरूर की है। 

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बता दें कि तारिक रहमान के राज में बांग्लादेश के हिंदुओं पर हमले थम जाएंगे। ये इस वक्त का सबसे बड़ा सवाल है। क्या हिंदुओं को बांग्लादेश में इंसाफ मिलेगा? इन सब की चर्चा इसलिए तेज है क्योंकि बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपने पहले राष्ट्रीय संबोधन में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर एक बहुत बड़ा संदेश दे दिया है। उन्होंने साफ कहा चाहे कोई मुस्लिम हो, हिंदू हो, बौद्ध हो या ईसाई। धर्म से उसकी नागरिकता पर कोई फर्क नहीं पड़ता। यह हम सबका देश है। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि पिछले महीनों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों और सांप्रदायिक तनाव की खबरें लगातार सामने आती रही। 

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तारिक रहमान ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ऐसे वक्त में आई है जब देश अस्थिर अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और कमजोर कानून व्यवस्था से झूंझ रहा है। उन्होंने 180 दिन का एक मास्टर प्लान भी पेश किया है और हर मंत्रालय को तय समय सीमा में कार्य योजना लागू करने के निर्देश भी दे दिए हैं। कानून व्यवस्था सुधारना। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।  जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कारवाई। खासतौर पर कानून व्यवस्था को सुधारने की उनकी पहली प्राथमिकता यहां पर बताई जा रही है क्योंकि पिछले शासन में भीषणतंत्र और अल्पसंख्यक पर जो हमले हुए, जो आरोप सामने आए, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े सवाल खड़े कर दिए और यह वो दौर था जब यूनुस के हाथ में बांग्लादेश की कमान थी।

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यूनुस के दौर में कई सारे ऐसे घटनाएं सामने आई जिसने ना सिर्फ भारत को परेशान किया लेकिन दुनिया भर में भी बांग्लादेश के जो कट्टरपंथी हैं उनका असली रूप भी दिखा दिया और यह भी बता दिया कि वहां पे अल्पसंख्यकों का क्या हाल है। वहां पर किस तरीके से सांप्रदायिक हिंसा हो रही है और हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है। टारगेट किलिंग हिंदुओं की हो रही है। और वहीं बीच इसी बीच में यह भी खबरें आई थी। बांग्लादेश के नए पीएम तारिक रहमान एक कमेटी भी बैठा सकते हैं क्योंकि उन पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

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