तारिक रहमान के शपथ के बाद ही जमात ने दे दी बड़ी चेतावनी! कैबिनेट Oath Ceremony का किया बहिष्कार

Jamaat
ANI
अभिनय आकाश । Feb 18 2026 11:47AM

12 फरवरी को हुए बांग्लादेश के चुनाव में तारिक रहमान की पार्टी 212 सीटें जीतकर सत्ता में आई। जमात और एनसीपी समेत 11 गठबंधन सहयोगियों ने मिलकर 77 सीटों पर जीत दर्ज की।

बांग्लादेश में एक तरफ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी देश का कार्यभार संभाल रही थी तो दूसरी तरफ चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी जमात इस्लामी पहले दिन से ही आक्रामक मोड़ में आ गई। बांग्लादेश में जुलाई चार्टर को लेकर राजनीतिक संकट गहराता दिख रहा है। बीएनपी ने संविधान सुधार परिषद की सदस्यता के लिए शपथ लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद जमात और एनसीपी ने कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह का ही बहिष्कार कर दिया। दरअसल बीएनपी के सदस्यों ने सांसद के रूप में तो शपथ ले ली लेकिन उन्होंने जुलाई चार्टर से जुड़े संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेने से इंकार कर दिया। इस बात से नाराज जमात इस्लामी और उसकी गठबंधन सहयोगी नेशनल सिटीजन पार्टी ने बीएनपी कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया।

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12 फरवरी को हुए बांग्लादेश के चुनाव में तारिक रहमान की पार्टी 212 सीटें जीतकर सत्ता में आई। जमात और एनसीपी समेत 11 गठबंधन सहयोगियों ने मिलकर 77 सीटों पर जीत दर्ज की। 12 फरवरी को चुनाव के साथ-साथ जुलाई चार्टर पर भी जनमत संग्रह कराया गया। जिसे 62% लोगों ने अपना समर्थन दिया। मंगलवार को बांग्लादेश में जीते हुए उम्मीदवारों का शपथ ग्रहण आयोजित किया गया। जमात और एनसीपी चाहते थे कि जुलाई चार्टर के संबंध में भी एक शपथ ग्रहण हो।  जुलाई चार्टर का मकसद बांग्लादेश की संसद को 180 दिनों के लिए संविधान सभा में बदलना है। जिससे नई संसद को बांग्लादेश के संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं में बदलाव करने का अधिकार मिल सके। बीएनपी ने अनक्षा के साथ जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन उसके नेताओं का कहना है कि चार्टर के कई प्रावधानों पर पार्टी को आपत्ति है। बीएनपी ने यह भी कहा कि चार्टर तैयार करते समय उससे राय नहीं ली गई। जमात और एनसीपी चुनाव से पहले सुधारों की मांग कर रहे थे। जबकि बीएनपी पहले चुनाव कराने के पक्ष में था। 

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अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने 12 फरवरी को ही चुनाव और जनमत संग्रह दोनों आयोजित करा दिए। बीएनपी ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके निर्वाचित सांसद संविधान सुधार के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे और कुछ ऐसा ही हुआ। वहीं जमात एनसीपी गठबंधन के निर्वाचित सांसदों ने संसद सदस्य के साथ-साथ संविधान सुधार आयोग के लिए दूसरी शपथ भी ली। शेख हसीना सरकार के खिलाफ जिस तरह के आंदोलन देखे गए थे, वैसे ही आंदोलन जुलाई चार्टर को लेकर बांग्लादेश में फिर लौट सकते हैं। तारिक रहमान ने आज शपथ ली और आज ही के दिन जमात और एनसीपी ने बीएनपी को फांसीवादी ताकत बताते हुए सड़क पर विरोध प्रदर्शन की वार्निंग दी। 

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