बॉर्डर पर बवाल के बीच भारत पहुंचे BGB चीफ, BSF के साथ बड़ी बैठक

बीएसएफ की ओर से सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ, मवेशी तस्करी, फेंसिंग में बाधाएं और भारतीय जवानों पर होने वाले हमलों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। लेकिन इस बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी है। यानी कि पुशबैक वाली नीति।
बांग्लादेश के बीच सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव और घुसपैठ को लेकर सवाल उठ रहे हैं और इन सबके बीच बेहद अहम बैठक दिल्ली में शुरू होने जा रही है और यह बैठक है बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश यानी बीजेपी के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफ उजुमान सिद्दीकी जो कि अपने 15 सदस्य प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंच चुके हैं। सबसे खास बात यह रही कि उन्हें रिसीव करने के लिए खुद बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे और यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दोनों ही देशों के बीच सीमा पर घुसपैठ, तस्करी और अवैध प्रवासियों की वापसी को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली में 8 जून से 11 जून तक चलने वाली 97वीं डीजी लेवल बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियां यानी बीएसएफ और बीजेपी आमने-सामने बैठकर तमाम विवादित और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करेगी।
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बीएसएफ की ओर से सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ, मवेशी तस्करी, फेंसिंग में बाधाएं और भारतीय जवानों पर होने वाले हमलों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। लेकिन इस बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी है। यानी कि पुशबैक वाली नीति। भारत लगातार उन लोगों को बांग्लादेश भेज रहा है जिनकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हो रही है और वह अवैध तरीके से भारत में घुसे हैं। हालांकि कई मामलों में बांग्लादेश की तरफ से उन्हें वापस लेने से भी इंकार कर दिया जा रहा है। हाल ही में पश्चिम बंगाल के बॉर्डर पे एक ऐसा मामला सामने आया जब 17 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस लेने से बीजेपी ने मना कर दिया था। जिसके बाद सीमा पर गतिरोध की स्थिति बन गई थी और बीएसएफ और बीजीबी आमने-सामने आ गए थे।
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हालांकि बाद में अचानक वह सभी घुसपैठिए वहां से गायब हो गए थे। जिस पर बीएसएफ ने बताया था कि वह सभी बांग्लादेश लौट गए। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहाउद्दीन अहमद भी पहले संकेत दे चुके हैं कि उनकी तरफ से इस बैठक में पुशीन और सीमा से जुड़े अन्य विवादित मुद्दे उठाए जाएंगे। यानी कि साफ है कि इस बातचीत में दोनों ही देशों के बीच कई अहम मुद्दे उठाए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जब से नई सरकार का गठन हुआ है तब से बेहद तेजी के साथ बीएसएफ बॉर्डर पर फेंसिंग के काम को आगे बढ़ा रही है और इसके साथ ही घुसपैठियों पर भी एक्शन लगातार जारी है। अवैध घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए बीएसएफ बेहद सतर्क है। जबकि बांग्लादेश की ओर से कई बार भारत की कारवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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