बाइडन ने ट्रंप का चुनाव नतीजे स्वीकार नहीं करने को बताया गैर जिम्मेदाराना, कहा- दुनिया में जा रहा गलत संदेश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 20, 2020   11:07
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बाइडन ने ट्रंप का चुनाव नतीजे स्वीकार नहीं करने को बताया गैर जिम्मेदाराना, कहा- दुनिया में जा रहा गलत संदेश

बाइडन के नाम पर कुछ सप्ताह बाद कई राज्य आधिकारिक मोहर लगाएंगे। हालांकि ट्रंप ने हार स्वीकार करने से मना कर दिया है और कई राज्यों में चुनावी परिणामों के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने वाले डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव में हार स्वीकार ना करके अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बेहद खराब संदेश भेज रहे हैं। अमेरिका में तीन नवम्बर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में अधिकतर प्रमुख मीडिया घराने जो बाइडन को विजेता घोषित कर चुके हैं। बाइडन के नाम पर कुछ सप्ताह बाद कई राज्य आधिकारिक मोहर लगाएंगे। हालांकि ट्रंप ने हार स्वीकार करने से मना कर दिया है और कई राज्यों में चुनावी परिणामों के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है। विलमिंगटन में दोनों पक्षों के गवर्नरों के एक समूह के साथ बैठक में बाइडन ने कहा, ‘‘लोकतंत्र किस तरह काम करता है, इसको लेकर दुनिया के बाकी हिस्सों में बेहद खराब संदेश जा रहा है। मुझे नहीं पता कि उनका(ट्रंप) मकसद क्या है लेकिन मुझे लगता है कि यह बेहद गैर जिम्मेदाराना है।’’ 

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उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अब राष्ट्रपति जो कर रहे हैं वह एक और घटना है जिससे वह इतिहास में अमेरिका के सबसे गैर-जिम्मेदार राष्ट्रपतियों में से एक के रूप में पहचाने जाएंगे।’’ बाइडन ने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि हमने जीत हासिल की है... पर ऐसे इंसान के लिए यह समझना मुश्किल है। मुझे विश्वास है कि उन्हें पता है कि वह ना जीते हैं और ना जीतने वाले हैं। हम 20 जनवरी को सत्ता संभालेंगे।’’ इस बैठक के बाद बाइडन ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में देश में कोविड-19 से निपटने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाए जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘‘ राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि हर क्षेत्र, इलाका और समुदाय अलग है। इसलिए किसी भी स्थिति में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकता। ’’ बाइडन ने कहा, ‘‘ मैं अर्थव्यवस्था पर नहीं, वायरस पर अंकुश लगाऊंगा।





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रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के इस प्रस्ताव का किया स्वागत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   18:16
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रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के इस प्रस्ताव का किया स्वागत

रूस ने अमेरिका के साथ परमाणु संधि की अवधि विस्तारित करने के बाइडन के प्रस्ताव का स्वागत किया।व्हाइट हाउस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि बाइडन ने रूस को ‘न्यू स्टार्ट ’ संधि की अवधि पांच साल के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव दिया है।

मास्को। रूसी राष्ट्रपति भवन ‘क्रेमलिन’ ने अमेरिका के साथ परमाणु हथियार नियंत्रण संधि की अवधि विस्तारित करने के अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रस्ताव का स्वागत किया है। इस संधि की समय सीमा दो हफ्ते से भी कम समय में समाप्त होने जा रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस इस संधि की अवधि विस्तारित करने के पक्ष में है और वह अमेरिकी प्रस्ताव के विवरण को देखना चाहता है।

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व्हाइट हाउस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि बाइडन ने रूस को ‘न्यू स्टार्ट ’ संधि की अवधि पांच साल के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव दिया है। इस संधि पर 2010 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने हस्ताक्षर किये थे। संधि के तहत प्रत्येक देश 1,550 से अधिक तैनात परमाणु आयुध नहीं रख सकता। इस संधि की समय सीमा पांच फरवरी को समाप्त हो रही है।





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UN में पाकिस्तान को भारत ने लिया आड़े हाथ, ऐतिहासिक मंदिर पर हुए हमले को लेकर दिया ये बयान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   16:29
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UN में पाकिस्तान को भारत ने लिया आड़े हाथ,  ऐतिहासिक मंदिर पर हुए हमले को लेकर दिया ये बयान

पाकिस्तान में हिंदू मंदिर को तोड़ने पर भारत ने कहा कि विडंबना है कि जिस देश में मंदिर पर हमला हुआ, वह शांति पर संरा के प्रस्ताव में सह-प्रायोजक है। इस हमले की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं तथा अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने मंदिर के पुनर्निर्माण का आदेश दिया था।

संयुक्त राष्ट्र।‘‘शांति की संस्कृति’’ विषय पर संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव को सह-प्रायोजित करने को लेकर पाकिस्तान को भारत ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उस देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को ‘कमजोर’ कर दिया गया और एक ऐतिहासिक मंदिर पर हुए हमले के दौरान वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ‘मूक दर्शक’ बनी रहीं। पिछले वर्ष दिसंबर में, पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कारक जिले के टेर्री गांव में, कुछ स्थानीय मौलानाओं तथा कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमीयत उलेमा ए इस्लाम के सदस्यों के नेतृत्व में भीड़ ने एक मंदिर में आग लगा दी थी। इस हमले की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं तथा अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने मंदिर के पुनर्निर्माण का आदेश दिया था।

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भारत ने इस पड़ोसी देश में ‘धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए शांति और सहिष्णुता की संस्कृति को बढ़ावा देने’ के प्रस्ताव को स्वीकार करने के संबंध में अपने वक्तव्य में बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी विडंबना है कि वह देश, जहां हाल ही में मंदिर पर हमला हुआ और उसे ध्वस्त कर दिया गया तथा जहां इस तरह के हमले सिलसिलेवार रूप से होते रहते हैं और जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों को ‘कमजोर’ कर दिया जाता है, वह देश ‘शांति की संस्कृति’ विषय के तहत प्रस्ताव का एक सह-प्रायोजक है।’’ भारत ने कहा, ‘‘इस प्रस्ताव की आड़ लेकर पाकिस्तान जैसे देश छिप नहीं सकते हैं। ’’ गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बृहस्पतिवार को प्रस्ताव पारित किया, जिसमें ऐसे धार्मिक स्थलों को विश्व में लक्षित तरीके से निशाना बनाये जाने, उनका विध्वंस करने, उन्हें क्षतिग्रस्त करने या उन्हें खतरे में डालने जैसे सभी कृत्यों की निंदा की गयी है। प्रस्ताव में किसी धार्मिक स्थल को दूसरे धर्म के लिए उपासना स्थल में जबरन तब्दील करने के भी किसी कदम की निंदा की गयी है।

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प्रस्ताव के सह-प्रायोजक में पाकिस्तान और 21 अन्य देश हैं। भारत ने प्रस्ताव पर अपनी स्थिति की व्याख्या करते हुए पाकिस्तान के कारक कस्बे में एक मंदिर पर हुए हमले का, एक सिख गुरुद्वारे पर हुए हमले का तथा अफगानिस्तान में बामयान बुद्ध प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का जिक्र किया है। भारत ने कहा कि बढ़ते आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, चरमपंथ और असहिष्णुता के दौर में धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक धरोहरों को आतंकी कृत्यों, हिंसा एवं विनाश का खतरा है। भारत ने विशेष रूप से धर्म के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा का आधार तैयार करने के लिए उद्देश्यपरकता और निष्पक्षता के सिद्धांतों के अनुपालन का आह्वान किया। बयान में कहा गया, ‘‘हमें उन ताकतों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए जो संवाद और शांति की जगह हिंसा और नफरत को स्थान देती हैं।





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मिस्र में बम विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी की मौत, तीन घायल; IAS ने ली हमले की जिम्मेदारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   15:30
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मिस्र में बम विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी की मौत, तीन घायल; IAS ने ली हमले की जिम्मेदारी

मिस्र में बम विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों को शेख जुवैद नगर ले जा रहे बख्तरबंद वाहन को आईएस ने एक रिमोट नियंत्रित विस्फोटक उपकरण से उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए।

अल आरिश। मिस्र के अशांत उत्तरी सिनाई प्रायद्वीप में बृहस्पतिवार को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा किए गए विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए।

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अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों को शेख जुवैद नगर ले जा रहे बख्तरबंद वाहन को आईएस ने एक रिमोट नियंत्रित विस्फोटक उपकरण से उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए। आईएस ने अपनी वेबसाइट पर बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है।





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