78 वर्ष के हुए जो बाइडन, अमेरिकी इतिहास में सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति के तौर पर लेंगे शपथ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 20, 2020   14:36
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78 वर्ष के हुए जो बाइडन, अमेरिकी इतिहास में सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति के तौर पर लेंगे शपथ

जो बाइडन देश के इतिहास में सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। इससे पहले सबसे अधिक उम्र के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन थे।

वाशिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन शुक्रवार को 78 वर्ष के हो गए। दो महीने बाद वह अमेरिका की बागडोर ऐसे समय संभालेंगे जब उनके समक्ष देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट, बेरोजगारी और नस्लीय अन्याय पर लगाम लगाने की चुनौती होगी। बाइडन को इन मुद्दों से निपटने के साथ ही अमेरिकियों को यह दिखाना भी होगा कि उम्र केवल एक संख्या है और वह पद की जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह से सक्षम हैं। बाइडन देश के इतिहास में सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। इससे पहले सबसे अधिक उम्र के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन थे। 

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उन्होंने 1989 में जब राष्ट्रपति पद छोड़ था तो उनकी आयु 77 वर्ष और 349 दिन थी। बाइडन यह यकीन दिलाने को उत्सुक होंगे कि उनमें सेवा का जोश है। रटगर्स विश्वविद्यालय के राजनीतिक विशेषज्ञ रॉस बेकर ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि वह और उनके कर्मी खुद को शुरुआत में ही उस स्थिति में रखें जिसमें वह अपनी मजबूती दिखा सकें। उन्हें अमेरिकियों को यह विश्वास दिलाना है कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से इस पद के लिए उपयुक्त हैं।’’ 

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राष्ट्रपति पद के चुनाव के पूरे अभियान के दौरान 74 वर्षीय ट्रंप ने इसको लेकर तर्क देने का कोई मौका नहीं चूका किदेश का नेतृत्व करने के लिए बाइडन में मानसिक तीक्ष्णता की कमी है। इसे लेकर बाइडन के समर्थक चिंतित भी हुए कि ट्रंप बाइडन के बारे में देश के लोगों में गलत संदेश दे रहे हैं। बाइडन के चिकित्सक डा. केविन ओ कॉनर ने गत दिसम्बर में जारी एक चिकित्सकीय रिपोर्ट में उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ तथा राष्ट्रपति के कर्तव्यों को सफलतापूर्वक निष्पादित करने के लिए फिट बताया था।





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भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   11:22
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भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था।

संयुक्त राष्ट्र। भारत और चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम की सीमा पर हाल ही में हुई झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने उम्मीद जतायी है कि दोनों देशों में उत्पन्न तनाव को बातचीत के जरिये कम किया जाएगा। एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था। 

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भारतीय सेना ने एक बयान में कहा था कि इसे निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत स्थानीय कमांडरों द्वारा सुलझा लिया गया। संयक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम उम्मीद करते हैं कि सीमा पर जारी तनाव बातचीत के जरिए कम हो जाए।’’ दुजारिक से पूछा गया था कि क्या ‘‘भारत-चीन सीमा पर हुई हालिया झड़प’’ पर संयुक्त राष्ट्र सचिव या महासचिव कोई टिप्पणी करना चाहते हैं।





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बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   10:43
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बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर से सोमवार को फोन पर बात की और अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की अपनी इच्छा जाहिर की। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि दोनों नेता विदेश नीति की समान प्राथमिकताओं पर साथ मिलकर काम करने को सहमत हुए हैं जिसमें अफगानिस्तान, चीन, ईरान, रूस, यूक्रेन और पश्चिमी बलकान से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। बयान के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेता वैश्विक सहयोग की अहमियत पर सहमत हुए जिसमें बहुपक्षीय संगठनों के लिए अमेरिका द्वारा फिर से जताई गई प्रतिबद्धता, जलवायु परिवर्तन से निपटना, कोविड-19 को नियंत्रित करना, स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाना और स्थायी वैश्विक आर्थिक सुधार का लक्ष्य शामिल है। 

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बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया। बीस जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह पांचवीं बार है जब बाइडेन ने किसी विदेशी नेता को फोन किया हो। इससे पहले, उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू, मेक्सिको के राष्ट्रपतिएंद्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्रादोर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रों से फोन पर बात की थी।





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अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   09:48
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अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है।

अमेरिकी सीनेट ने विख्यात अर्थशास्त्री जेनेट येलेन के अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया। सीनेट में सोमवार को पुष्टि की सुनवाई के दौरान येलेन के समर्थन में 84 तथा विरोध में 15 वोट पड़े। सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है। 

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येलेन फेडरल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष रही हैं। उनके जल्द ही शपथ लेने की संभावना है। वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के कैबिनेट की ऐसी तीसरी मंत्री हैं, जिनके नाम की पुष्टि सीनेट अब तक कर चुका है। अमेरिका के विदेश मंत्री पद के लिए नामित टॉनी ब्लिंकेन के नाम पर भी सीनेट की मोहर जल्द ही लगने की संभावना है।





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