भारत आ रहे कार्गो जहाज पर हमला, ये देख तुरंत कूद पड़े मार्कोस कमांडोज और फिर...

लुटेरे उस जहाज पर चढ़ने की कोशिश करते हैं। गोलियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है और जहाज के सभी क्रू मेंबर्स खुद को जहाज के एक कमरे में बंद कर लेते हैं। उनकी उम्मीद टूट रही थी। लेकिन तभी उन्होंने मदद मांगी और मदद के लिए वहां पर पहुंचा भारतीय नौसेना कैस्टल फ्रीगेट आईएएस त्रिखंड। समंदर का वह भूत जिसे दुश्मन देख नहीं सकता लेकिन उसकी मार से बच भी नहीं पाता।
गल्फ ऑफ एडन से एक ऐसी खबर सामने आई जो मालवाहक जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी। लेकिन इस खतरे में भारतीय नौसेना ने जांबाज मार्कोस कमांडो के साथ दिखाया कि समंदर का राजा भारतीय नौसेना है। तारीख 1 जुलाई जगह जिबूती के तट से 300 मील दूर समंदर के बीचों-बीच अचानक एक जहाज से चीख पुकार मचती है। लुटेरे उस जहाज पर चढ़ने की कोशिश करते हैं। गोलियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है और जहाज के सभी क्रू मेंबर्स खुद को जहाज के एक कमरे में बंद कर लेते हैं। उनकी उम्मीद टूट रही थी। लेकिन तभी उन्होंने मदद मांगी और मदद के लिए वहां पर पहुंचा भारतीय नौसेना कैस्टल फ्रीगेट आईएएस त्रिखंड। समंदर का वह भूत जिसे दुश्मन देख नहीं सकता लेकिन उसकी मार से बच भी नहीं पाता।
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जैसे ही गल्फ ऑफ अन में बैठे यह पायलट जैसे ही अपनी ओर भारतीय नौसेना को आते देखते हैं, वह भाग खड़े होते हैं। आपको बता दें इस इलाके में एमवी गोल्डन आर्सलेन नाम का जहाज था जो कि एक मालवाहक जहाज है। इस जहाज पर समुद्री डाकुओं का निशाना पड़ा और उन्होंने इस पर कब्जा करने की कोशिश की। यह जहाज यमन के अदन से अपनी यात्रा पर था और इसमें कुल 21 क्रू मेंबर सवार थे जिसमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। भारतीय नौसेना ने फिर एक बार साबित कर दिया है कि समंदर की लहरों का राजा आखिर उसे क्यों कहा जाता है?
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