Donald Trump के आदेश पर घटी US और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास की अवधि

Donald Trump
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सियोल में अमेरिकी अनुरोध के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं ने अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास की समयसीमा 27 अगस्त से घटाकर शुक्रवार तक करने पर सहमति जताई है। पूर्व निर्धारित 11 दिनों के इस अभ्यास को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर कम किया गया है। ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ बेहतर संबंधों और ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में दक्षिण कोरिया के शामिल न होने को इसकी मुख्य वजह बताया है।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेनाओं ने अमेरिका के अनुरोध पर अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास की अवधि कम करने पर सहमति जताई है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य अभ्यास में कटौती के आदेश दिए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है।

दोनों देशों का ग्रीष्मकालीन ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास सोमवार सुबह शुरू हुआ था और इसे 11 दिनों तक चलना था लेकिन ट्रंप ने अपने रक्षा मंत्री को इसे ‘‘काफी हद तक कम’’ करने का आदेश दिया। ट्रंप ने इसके लिए उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अच्छे संबंध होने और दक्षिण कोरिया द्वारा ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में शामिल होने से इनकार करने को कारण बताया था। दक्षिण कोरियाई सेना ने एक बयान में कहा कि अमेरिका के साथ जारी यह सैन्य अभ्यास 27 अगस्त के बजाय शुक्रवार को ही समाप्त हो जाएगा।

सेना ने यह भी बताया कि दोनों सहयोगी देशों ने कुछ संयुक्त मैदानी प्रशिक्षण अभ्यासों का स्तर कम करने पर भी सहमति जताई है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह कदम अमेरिका और दक्षिण कोरिया की संयुक्त सैन्य तैयारियों को नुकसान पहुंचा सकता है और अंततः दोनों देशों के दशकों पुराने गठबंधन को कमजोर कर सकता है। ये अभ्यास लंबे समय से उत्तर कोरिया के साथ तनाव का भी कारण रहे हैं।

उत्तर कोरिया इन अभ्यासों की निंदा करते हुए इन्हें युद्ध की तैयारी बताता रहा है और इनके जवाब में उकसावे वाले मिसाइल परीक्षण करता रहा है। उत्तर कोरिया ने ट्रंप के इस प्रस्ताव पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, बुधवार को ही उसकी सरकारी समाचार एजेंसी ‘केसीएनए’ ने अपनी एक रिपोर्ट में अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों को ‘‘उकसावे वाला’’ और ‘‘बेहद खतरनाक’’ बताया तथा इसमें प्रतिद्वंद्वियों की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को पूरी तरह विफल करने का संकल्प जताया गया।

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