तेजस-HTT अंकुर-HTT...HAL का ट्रिपल धमाका, रक्षा मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान

एक साथ तीन इंपॉर्टेंट अचीवमेंट्स के साक्षी बने हैं। पहला इंडजसली डिज़ एंड डेवलप्ड ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन सिविल हेलीकॉप्टर को डीजीसीए द्वारा टाइप सर्टिफिकेशन प्रदान कर हैंड ओवर किया गया है। दूसरा एलसीए फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस यानी एफओसी ट्रेनर के अंतिम बैच को इंडियन एयरफोर्स को हैंड ओवर किया गया है। एचटीटी 40 बेसिक ट्रेनर सीरीज प्रोडक्शन का पहला एयरक्राफ्ट इंडियन एयरफोर्स को हैंड ओवर किया गया है। इन डिलीवरी के साथ एचएल ने सैन्य और सिविल दोनों तरह के एयररोस्पेस सेक्टर में स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन किया।
एचएएल ने एक साथ तीन बड़ी उपलब्धियां देश के सामने रखी हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू की मौजूदगी में एचएल ने भारतीय वायुसेना को दो सीट वाले एलसीए तेजस एफओसी ट्रेनर के अंतिम बैच के विमान सौंपे। इसके साथ ही स्वदेशी एचटीटी 40 बेसिक ट्रेनर विमान की सीरीज प्रोडक्शन का पहला विमान भी वायुसेना को सौंपा गया। वहीं पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन हेलीकॉप्टर दिए गए। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि देश तीन महत्वपूर्ण उपलब्धियों का गवाह बना है। इसमें स्वदेशी ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन सिविल हेलीकॉप्टर को डीजीसीए का टाइप सर्टिफिकेशन मिलना, एलसीएफओसी ट्रेनर के अंतिम बैच की वायुसेना को डिलीवरी और एचटीटी 40 बेसिक ट्रेनर सीरीज प्रोडक्शन के पहले विमान की डिलीवरी शामिल है। एक साथ तीन इंपॉर्टेंट अचीवमेंट्स के साक्षी बने हैं। पहला इंडजसली डिज़ एंड डेवलप्ड ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन सिविल हेलीकॉप्टर को डीजीसीए द्वारा टाइप सर्टिफिकेशन प्रदान कर हैंड ओवर किया गया है। दूसरा एलसीए फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस यानी एफओसी ट्रेनर के अंतिम बैच को इंडियन एयरफोर्स को हैंड ओवर किया गया है। एचटीटी 40 बेसिक ट्रेनर सीरीज प्रोडक्शन का पहला एयरक्राफ्ट इंडियन एयरफोर्स को हैंड ओवर किया गया है। इन डिलीवरी के साथ एचएल ने सैन्य और सिविल दोनों तरह के एयररोस्पेस सेक्टर में स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन किया।
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खासतौर पर ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन हेलीकॉप्टर को एचएएल ने देश में ही डिजाइन और विकसित किया है। करीब 5.5 टन वजन वाला यह हल्का दो इंजन वाला मल्टी रोल हेलीकॉप्टर है। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने खुद ध्रुव हेलीकॉप्टर के अंदर जाकर उसका निरीक्षण भी किया। वहीं HTT4 को भारतीय वायुसेना के पायलट्स की शुरुआती ट्रेनिंग के लिए तैयार किया गया। यह पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और विकास पर आधारित बेसिक ट्रेनर विमान है। इसकी डिलीवरी के साथ 70 एचटीटी 40 विमानों के अनुबंध के तहत सप्लाई की शुरुआत हो गई है। वायुसेना में शामिल किए गए इस विमान को अंकुर नाम दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ एलसीए एफओसी ट्रेनर तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट परिवार की ट्रेनिंग क्षमता को मजबूत करेगा। दो सीट वाला यह विमान नए पायलट्स को आधुनिक फाइटर एयरक्राफ्ट ऑपरेशंस के लिए तैयार करने में मदद करेगा। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के बदलते युद्ध के माहौल में सिर्फ आधुनिक हथियार होना काफी नहीं है। प्रशिक्षित जवान एडवांस टेक्नोलॉजी, इंटीग्रेटेड सिस्टम और तेजी से फैसला लेने की क्षमता इन सभी का तालमेल जरूरी है।
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रक्षा मंत्री ने इस मौके पर सिविल एिएशन और डिफेंस एयररोस्पेस के बीच बढ़ती साझेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का एरोस्पेस सेक्टर सिर्फ रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए और देश का ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना होगा जो सिविल और मिलिट्री दोनों एिएशन सेक्टर की जरूरतें पूरी कर सके। साथियों आज के आयोजन का एक और महत्वपूर्ण एस्पेक्ट है और वह है सिविल एिएशन और डिफेंस एयररोस्पेस कैपेबिलिटीज के बीच बढ़ती सिनर्जी का। एक मजबूत एयररोस्पेस इंडस्ट्री का विकास केवल डिफेंस रिक्वायरमेंट्स को फुलफिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें ऐसा इकोसिस्टम विकसित करना है जो सिविल और मिलिट्री एिएशन दोनों सेक्टर्स की रिक्वायरमेंट्स को इफेक्टिवली एड्रेस कर सके।
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एनवायरमेंट में कंबैट इफेक्टिवनेस को वेल ट्रेंड पर्सनल एडवांस टेक्नोलॉजी इंटीग्रेटेड सिस्टम्स और रैपिड डिसीजन मेकिंग इत्याद का कॉम्बिनेशन ही इंश्योर कर पाएगा। एलएसी एफओसी ट्रेनर हमारे पायलट्स को इसी डिमांडिंग ऑपरेशनल एनवायरमेंट के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण कंट्रीब्यूशन करेगा। ऐसा मेरा विश्वास है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एयरक्राफ्ट डिजाइन एयनिक्स प्रोपशन कंपोजिट मटेरियल फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग और सर्टिफिकेशन जैसी क्षमताएं देश में विकसित होने से पूरे एरोस्पेस सेक्टर को फायदा होगा।
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