Sheikh Hasina Speech | देश से दूर, लेकिन अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुई हूं...फफक कर रोती हुई बोलीं शेख हसीना

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ANI
अभिनय आकाश । Aug 5 2026 7:11PM

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का कहना है कि मुहम्मद यूनुस की सरकार का पुलिसकर्मियों के हत्यारों को सुरक्षा (इंडेम्निटी) देने का एक फ़ैसला उनके असली मकसद को ज़ाहिर करता है। उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले की जांच शुरू की थी, लेकिन मुहम्मद यूनुस की 'गैर-कानूनी अंतरिम सरकार' ने उसे रोक दिया। वे सवाल करती हैं, 'अगर उन्हें डर नहीं था, तो उन्होंने सच सामने क्यों नहीं आने दिया?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में सत्ता से हटने और भारत में निर्वासित होने के बाद अपना पहला सार्वजनिक संबोधन दिया। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी बात खुलकर रखी। इस दौरान वह इमोशनल हो गई। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का कहना है कि मुहम्मद यूनुस की सरकार का पुलिसकर्मियों के हत्यारों को सुरक्षा (इंडेम्निटी) देने का एक फ़ैसला उनके असली मकसद को ज़ाहिर करता है। उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले की जांच शुरू की थी, लेकिन मुहम्मद यूनुस की "गैर-कानूनी अंतरिम सरकार" ने उसे रोक दिया। वे सवाल करती हैं, "अगर उन्हें डर नहीं था, तो उन्होंने सच सामने क्यों नहीं आने दिया? 

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शेख हसीना ने आरोप लगाया कि उनके सत्ता से हटने के बाद से ही अवामी लीग के हज़ारों नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों, पत्रकारों, वकीलों, जजों और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को गिरफ़्तारी, टॉर्चर और हिंसा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 का आंदोलन "संविधान पर एक सुनियोजित हमले" में बदल गया और मौजूदा सरकार पर असहमति को दबाने और आज़ादी की लड़ाई (लिबरेशन वॉर) से जुड़े लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। इस दौरान शेख हसीना अपने परिवार के सदस्यों को याद कर रोने लगीं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये वो बांग्लादेश नहीं है, जिसके लिए दी लाखों शहादत दी गई।

बांग्लादेश में चरमपंथ में भारी बढ़ोतरी: पूर्व इंटेलिजेंस अधिकारी

बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक और इंटेलिजेंस अधिकारी अमीनुल हक पोलाश का कहना है कि शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद हाल के वर्षों में चरमपंथ में भारी बढ़ोतरी हुई है। वकील शाह मोहम्मद बख्तियार ने मोहम्मद यूनुस की पिछली सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा शेख हसीना पर चलाए गए "दिखावटी" मुकदमे की भी आलोचना की है।

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शेख हसीना के सहयोगी और राजनीतिक विश्लेषक अबू ओबैदा अरिन ने पूर्व प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने बांग्लादेश को "बिना तार वाले बिजली के खंभों" वाले देश से दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक में बदल दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली बीएनपी सरकार के दौरान कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए 10% कमीशन देना पड़ता था। 

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