Palestine मुद्दे पर भारत ने दोहराया Two-State Solution का समर्थन, गाजा पर जताई चिंता

विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने फलस्तीनी विदेश मंत्री वारसेन अघाबेकियन शाहीन से मुलाकात कर गाजा की गंभीर मानवीय स्थिति पर चिंता जताई। बातचीत के दौरान भारत ने कूटनीति के माध्यम से द्विराष्ट्र समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और फलस्तीनी नागरिकों के लिए निरंतर सहायता जारी रखने की बात कही।
भारत ने मंगलवार को बातचीत के जरिए फलस्तीन मुद्दे के ‘द्विराष्ट्र समाधान’ के प्रति अपने लंबे समय से चले आ रहे समर्थन को दोहराया। साथ ही फलस्तीनी लोगों के प्रति भारत के निरंतन समर्थन की पुष्टि भी की। विदेश मंत्रालय में सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने यह जानकारी दी।
रंगनाथन विदेश मंत्रालय में वाणिज्य दूतावास, पासपोर्ट और वीज़ा तथा प्रवासी भारतीय मामले की सचिव हैं और 16 से 21 अगस्त तक मिस्र, फलस्तीन और लेबनान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। रंगनाथन ने मंगलवार को फलस्तीन की विदेश और प्रवासी मामलों की मंत्री वारसेन अघाबेकियन शाहीन से मुलाकात की और ‘गाजा में गंभीर मानवीय स्थिति पर भारत की चिंता व्यक्त की।’’ फलस्तीन में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-फलस्तीन के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की, जिसमें विकास सहयोग की उनकी व्यापक पहलें भी शामिल हैं। पोस्ट में कहा गया,‘‘भारत ने बातचीत के जरिए ‘द्विराष्ट्र समाधान’के लिए अपने लंबे समय से चले आ रहे समर्थन को दोहराया और लगातार मानवीय सहायता, बातचीत तथा कूटनीति के जरिए गाज़ा में मानवीय स्थिति से निपटने के महत्व को रेखांकित किया।’’ भारत ‘द्विराष्ट्र समाधान’ के उस नजरिए का समर्थन करता रहा है, जिसमें इजराइल और फलस्तीन अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक़ अपनी मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर शांति और सुरक्षा के साथ एक-दूसरे के बगल में रहें।
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