Indian-American कपल ने University of Houston को 40 लाख डॉलर किए दान

इंजीनियर मनमोहन सिंह कलसी और उनकी पत्नी मैरी-लुइस शूबर्ट कालसी ने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय को 40 लाख डॉलर की वित्तीय सहायता दी है। इस राशि का उपयोग कुलेन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दो प्रोफेसर पद स्थापित करने, रिसर्च फंड और छात्रों के लिए फेलोशिप देने में किया जाएगा। मनमोहन कलसी ने इसी संस्थान से परास्नातक और पीएचडी की पढ़ाई की थी।
(सीमा हाकू काचरू) ह्यूस्टन, 11 सितंबर भारतीय-अमेरिकी दंपति ने इंजीनियरिंग अनुसंधान और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ह्यूस्टन विश्वविद्यालय को 40 लाख डॉलर का दान दिया है। विश्वविद्यालय ने बताया कि ह्यूस्टन विश्वविद्यालय के कुलेन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को दिए गए इस दान से मैकेनिकल और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में दो स्थायी प्रोफेसर पद, शिक्षकों के शोध के लिए कोष, स्नातक छात्रों के लिए फेलोशिप और एक संगोष्ठी श्रृंखला स्थापित की जाएगी। भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर मनमोहन सिंह कलसी और उनकी पत्नी मैरी-लुइस शूबर्ट कालसी ने शोध और शिक्षा के विस्तार के उद्देश्य से यह राशि दान की है।
कुलेन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रदीप शर्मा ने कहा, ‘‘ह्यूस्टन विश्वविद्यालय के स्नातक छात्र से लेकर उद्योग जगत के नवोन्मेषक और उद्यमी तक मनमोहन कलसी की यात्रा कुलेन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाती है।’’ यह योगदान इस दंपति के विश्वविद्यालय के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करता है। मनमोहन कलसी ने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में परास्नातक और पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर गैब्रियल फाजेकास के मार्गदर्शन में अध्ययन किया था।
वर्ष 1978 में उन्होंने हाइड्रोडायनेमिक रोटरी सीलिंग तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी कलसी इंजीनियरिंग की स्थापना की थी। इस दंपति ने इससे पहले 2014 में भी कॉलेज में एक स्थायी प्रोफेसर पद के लिए आर्थिक सहयोग दिया था, जिसे प्रोफेसर फाजेकास की स्मृति में स्थापित किया गया था।
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