India-Pak में जंग, अमेरिका के खुलासे ने हिला दी दुनिया, 25 करोड़ पाकिस्तानियों के पैरों तले खिसकी जमीन

अमेरिकी थिंक टैंक ने पाकिस्तान के भविष्य को लेकर सबसे बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है। दरअसल अमेरिका के थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस यानी कि सीएफआर ने चेतावनी दी है कि साल 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच फिर युद्ध हो सकता है।
भूगोल से पाकिस्तान का नक्शा गड़बड़ाने वाला है। पाकिस्तान को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने यूनुस की रातों की नींद गायब कर दी है और शहबाज के पर खच्चे उड़ा डाले हैं। 25 करोड़ पाकिस्तानियों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। पाकिस्तान का वो हाल होने वाला है कि दुनिया सिर्फ तरस खाने वाली है। आने वाला साल पाकिस्तान के मिट्टी में मिलने वाला साल हो सकता है। यानी कि साल 2026 से पाकिस्तान की उल्टी गिनती और शहबाज मुनीर का काउंटडाउन शुरू होने वाला है। ऐसा कोई और नहीं बल्कि खुद अमेरिका कह रहा है। अमेरिका के नए खुलासे ने पूरी दुनिया में जोरदार धमाका कर डाला है। हिंदुस्तान और अफगानिस्तान दोनों देशों से पाकिस्तान की जंग हो सकती है। यह खुलासा किया है अमेरिका की एक एजेंसी सीएफआर ने। अमेरिकी थिंक टैंक की इस रिपोर्ट में वो कारण बताया गया कि 2026 में हिंदुस्तान पाकिस्तान के बीच क्यों छिड़ सकती है एक और जंग। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या 2026 में दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा।
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अमेरिकी थिंक टैंक ने पाकिस्तान के भविष्य को लेकर सबसे बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है। दरअसल अमेरिका के थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस यानी कि सीएफआर ने चेतावनी दी है कि साल 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच फिर युद्ध हो सकता है। कॉन्फ्लिक्ट्स टू वॉच इन 2026 के मुताबिक युद्ध की वजह हो सकती है कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का बढ़ना। हड़कंप मचाने वाली इस रिपोर्ट में 2026 में जताई गई युद्ध की आशंका का एक पहलू अमेरिका से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि भारत पाकिस्तान फिर से जंग में उलझ सकते हैं तो इसका असर अमेरिकी हितों पर होगा। लेकिन रिपोर्ट में डिटेल में ये नहीं बताया कि कैसे? रिपोर्ट में एक और बड़े खतरे की ओर इशारा किया गया है। सीएफआर के मुताबिक 2026 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी जंग की आशंका है। पाकिस्तान अफगानिस्तान के बीच तनाव जंग की आशंका की ओर संकेत कर रहा है।
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मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक एक छोटा युद्ध चला, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमलों की एक श्रृंखला हुई और जवाबी हमले भी हुए। यह युद्ध तब शुरू हुआ जब भारत ने पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा 22 नागरिकों की हत्या के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। हालांकि पाकिस्तान ने युद्धविराम का आह्वान किया, लेकिन उसके नेतृत्व द्वारा उकसाने वाले बयान दिए गए हैं। हालांकि तब से जम्मू और कश्मीर में कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ है, लेकिन खुफिया जानकारी से पता चला है कि इस सर्दी में जम्मू क्षेत्र में 30 से अधिक पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय थे। युद्धविराम के बावजूद, भारत और पाकिस्तान दोनों ने रक्षा उपकरणों की खरीद में तेजी ला दी है। भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में ड्रोन, वायु-से-वायु मिसाइलें और निर्देशित बम खरीदने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के सौदों को मंजूरी दी है। इसी तरह, पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए नए ड्रोन और वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद हेतु तुर्की और चीन के साथ बातचीत शुरू कर दी है।
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2026 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष की संभावना
सीएफआर की रिपोर्ट में एक और पाकिस्तानी तनाव बिंदु की ओर भी इशारा किया गया है। इसमें कहा गया है कि 2026 में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष की "मध्यम संभावना" है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस तरह के संघर्ष का अमेरिकी हितों पर "कम प्रभाव" पड़ेगा। सीएफआर की '2026 में संभावित संघर्ष' रिपोर्ट के अनुसार, "सीमा पार से बढ़ते आतंकवादी हमलों के कारण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच नए सिरे से सशस्त्र संघर्ष शुरू होने की मध्यम संभावना" है। अक्टूबर की शुरुआत में, पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच 2,600 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा पर भीषण हिंसा भड़क उठी। डूरंड रेखा पर कम से कम सात स्थानों पर पाकिस्तानी और अफगान सेनाओं के बीच घातक गोलीबारी हुई। अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान पर काबुल पर बमबारी का आरोप लगाया, जबकि इस्लामाबाद ने कहा कि तालिबान शासन ने उन आतंकवादियों को पनाह दी थी जिन्होंने उस पर हमला किया था। हाल के वर्षों में हिंसा की सबसे तीव्र घटनाओं में से एक में, दोनों पक्षों ने सीमा चौकियों पर कब्जा करने और उन्हें नष्ट करने का दावा किया।
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