Islamabad Talks पर Iran की सफाई, कहा- अमेरिकी मीडिया फैला रहा है झूठ

Iran
X
एकता । Apr 5 2026 5:24PM

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच, ईरान ने इस्लामाबाद वार्ता से इनकार की खबरों का खंडन करते हुए पाकिस्तान की मध्यस्थता का स्वागत किया है, जबकि इजरायल ने इसे अस्वीकार कर क्षेत्रीय कूटनीति को और जटिल बना दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद में बातचीत से इनकार की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है और पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे शांति प्रयासों की सराहना की है।

सैयद अब्बास अराघची ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने को तैयार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान का रुख बातचीत की शर्तों पर निर्भर करेगा। इसी सिलसिले में शनिवार देर रात अराघची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर विस्तृत चर्चा की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर विचार-विमर्श किया और भविष्य में भी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। इशाक डार ने दोहराया कि समस्याओं का स्थायी समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।

div>

इसे भी पढ़ें: US Pilot का रेस्क्यू या तबाही? Iran Mission पर Trump के दावे और तेहरान की हकीकत में कितना फर्क?

मीडिया रिपोर्ट्स पर उपजा विवाद

बातचीत से पहले सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी मीडिया ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश कर रहा है। अराघची ने कहा कि ईरान ने कभी भी इस्लामाबाद जाने से मना नहीं किया और वह पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए उनका आभारी है।

दरअसल, कुछ खबरों में कहा गया था कि ईरान आखिरी वक्त में इस्लामाबाद वार्ता से पीछे हट गया है। इन अटकलों पर विराम लगाते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने सफाई दी, जिस पर इशाक डार ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए उनका धन्यवाद किया।

इसे भी पढ़ें: Bahrain Oil Refinery पर अटैक, Bapco ने Iran को ठहराया जिम्मेदार

इजरायल का रुख सख्त

एक तरफ जहां ईरान और पाकिस्तान बातचीत के जरिए हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं इजरायल ने इस मध्यस्थता पर भरोसा करने से साफ इनकार कर दिया है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि उनका देश ऐसे किसी राष्ट्र पर विश्वास नहीं करेगा, जिसके साथ उसके कूटनीतिक संबंध नहीं हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेता है और इस मामले में वह केवल अमेरिका के रुख पर भरोसा करता है। इजरायल के इस कड़े रुख ने क्षेत्रीय कूटनीति की गुत्थी को और अधिक उलझा दिया है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़